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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 25, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

बिहार में शराब तो मिलती नहीं… नशे के लिए इस्तेमाल हो रही ये ‘छोटी शीशी’, छापेमारी में खुला राज

Updated: Tue, 25 Feb 2025 08:06 PM (IST)

गाजियाबाद के ट्रॉनिका सिटी में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां थाना पुलिस और औषधि निरीक्षक की संयुक्त टीम ने इलायचीपुर गांव स्थित एक गोदाम ...और पढ़ें

लोनी पुलिस ने 87 लाख की सिरप संग एक आरोपी को किया गिरफ्तार। जागरण
लोनी पुलिस ने 87 लाख की सिरप संग एक आरोपी को किया गिरफ्तार। जागरण

HighLights

  1. इलायचीपुर गांव में एक गोदाम में किया था स्टॉक
  2. पुलिस ने एक आरोपित को किया गिरफ्तार
  3. औषधि विभाग की टीम और पुलिस ने की संयुक्त कार्रवाई

जागरण संवाददाता, लोनी। गाजियाबाद के ट्रॉनिका सिटी थाना पुलिस व औषधि निरीक्षक की संयुक्त टीम ने इलायचीपुर गांव स्थित एक गोदाम में छापेमारी कर ऐसी चीज पकड़ी है, जिसे बिहार में नशे के लिए उपयोग किया जाने की बात सामने आई है।

पुलिस ने जब इस गोदाम में छापा मारा और एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया तो पूरे मामले का खुलासा हुआ। छोटी सी शीशी में बंद चीज को किस तरह से नशे के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है, यह जानकर पुलिस भी हैरान रह गई।

पुलिस ने क्या पकड़ा

पुलिस और औषधि विभाग की संयुक्त टीम ने गोदाम से 87 लाख के कीमत की अवैध खांसी की सिरप पकड़ी है।पुलिस ने मौके से एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। यहां से बिहार में नशे के लिए यह सिरप चोरी-छिपे भेजी जा रही थी।

बिना लाइसेंस के स्टॉक कर रखी थी सिरप

सहायक पुलिस आयुक्त लोनी, सूर्यबली मौर्य ने बताया कि औषधि निरीक्षक ने पुलिस को जानकारी दी कि इलायचीपुर गांव में कुछ व्यक्ति अवैध तरीके से बिना लाइसेंस खांसी का सिरप का भंडारण करने और यहां से आपूर्ति करने का काम कर रहे हैं।

औषधि निरीक्षक और ट्रॉनिका सिटी थाना पुलिस की संयुक्त टीम बनाई गई। मंगलवार को टीम इलायचीपुर गांव पहुंची। जहां छापेमारी कर एक गोदाम से 273 खांसी के सिरप की पेटियां बरामद की गईं।

बहराइच का गौतम सिंह गिरफ्तार

पुलिस ने मौके से ग्राम मोहम्मदनगर डीहा थाना रामगांव जिला बहराइच के गौतम सिंह को गिरफ्तार किया। आरोपी ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि खांसी के सिरप का अवैध भंडारण करते हैं।

डिब्बों में खास तरीके से छिपाते थे सिरप

यह भंडार विमल कुमार पांडेय व मनोज कुमार का है। हम सब मिलकर ये काम कर रहे हैं। चोरी-छिपे डब्बों में कंबल के नीचे छिपाकर बिहार भेजते हैं। जहां पर इस सिरप का प्रयोग नशे के लिए किया जाता है। वहां इसके अच्छे रुपये मिलते हैं।