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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 22, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Ghaziabad News: गाजियाबाद की सोसाइटी में विद्युत रिचार्ज के नाम पर करोड़ों का घोटाला, रिपोर्ट दर्ज

By Jagran NewsEdited By: Nitin Yadav
Updated: Fri, 22 Sep 2023 10:14 AM (IST)

गाजियाबाद में हाईराइज सोसायटियों में विद्युत मीटर रिचार्ज कराने के नाम पर 1.30 करोड़ रुपये का घपला सामने आया है। क्रॉसिंग रिपब्लिक की दो अलग-अलग सोसाय ...और पढ़ें

गाजियाबाद की सोसाइटी में विद्युत मीटर रिचार्ज के नाम पर करोड़ों का घोटाला।
गाजियाबाद की सोसाइटी में विद्युत मीटर रिचार्ज के नाम पर करोड़ों का घोटाला।

HighLights

  1. सोसाइटी में विद्युत रिचार्ज के नाम पर घोटाला
  2. विद्युत मीटर रिचार्ज कूपन सिस्टम में इनवैलिड दिखा किया फर्जीवाड़ा
  3. मामलों में एंटी फ्राड सेल की जांच के बाद दर्ज की गई रिपोर्ट

गाजियाबाद, जागरण संवाददाता। गाजियाबाद में हाईराइज सोसायटियों में विद्युत मीटर रिचार्ज कराने के नाम पर 1.30 करोड़ रुपये का घपला सामने आया है। क्रॉसिंग रिपब्लिक की दो अलग-अलग सोसायटियों के मामलों में एंटी फ्रॉड सेल की जांच के बाद रिपोर्ट दर्ज की गई है।

सेवियर ग्रीनाइल सोसायटी के पूर्व एओए अध्यक्ष दीपक चौधरी ने बताया कि 2021-22 और 2022-23 में 21 लाख के इनवैलिड कूपन का पता चला। इनका रेजिडेंट को रिफंड भी नहीं मिला। पड़ताल में पता चला कि करीब 10 साल से विद्युत मीटर रिचार्ज कराने के नाम पर घोटाला हो रहा है।

सोसायटी के ही प्रदीप ने बताया कि नकद खरीदे कूपन से मीटर रिचार्ज होने के बाद कर्मचारी इसे सिस्टम में इनवैलिड दिखा रकम अपनी जेब में रख लेता था। सॉफ्टवेयर में खामी से अब तक करीब 1.15 करोड़ रुपये का गबन ऐसे ही किया गया।

आरोपितों पर रिपोर्ट दर्ज

शिकायत के आधार पर पूर्व मेंटेनेंस इंचार्ज गौतम कुमार झा, कंप्यूटर आपरेटर शैलेंद्र सिंह उर्फ सल्लू व रवि कुमार, अकाउंटेंट ओमपाल सिंह, एओए के पूर्व महासचिव सुयश प्रसाद और प्रशांत कुमार सिंह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। उधर, कासमोस गोल्ड हाईट्स के एओए अध्यक्ष नितिन किशोर ने 14.37 लाख रुपये की धोखाधड़ी के आरोप में मेंटेनेंस मैनेजर प्रदीप कुमार, उसके भाई अरुण कुमार व सुरक्षा गार्ड शिखा गोस्वामी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज है।

इसमें उन्होंने बताया कि नकद लेन-देन प्रतिबंधित होने के बाद भी आरोपितों ने लोगों से पैसे लेकर अकाउंट्स में ऑनलाइन पेमेंट दिखाई और रुपये अपनी जेब में रख लिए। इसी तरह विद्युत मीटर रिचार्ज करने वाले कूपन भी नकद बेचकर इनवैलिड दिखाए गए।

ऑडिट में 14.37 लाख रुपये की गड़बड़ी सामने आने पर प्रदीप ने स्वीकार किया और पैसे लौटाने का आश्वासन दिया, लेकिन अब वह हत्या की धमकी दे रहा है।

इस संबंध में एसीपी वेव सिटी, सलोनी अग्रवाल ने कहा- दोनों मामलों में थाना क्रॉसिंग रिपब्लिक में रिपोर्ट दर्ज कर ली है। साक्ष्य और बयान के आधार पर छानबीन कर आगे की कार्रवाई करेंगे।

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