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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 01, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Ghaziabad: दवा खरीदने के नाम पर थोक दवा कारोबारी से 57 लाख हड़पे, रकम मांगने पर दे रहे जान से मारने की धमकी

By Jagran NewsEdited By: Geetarjun
Updated: Fri, 01 Sep 2023 11:24 PM (IST)

नगर कोतवाली क्षेत्र के नवयुग मार्केट में दवा का थोक कारोबार करने वाले एक कारोबारी से दवा खरीदने के नाम पर 57 लाख रुपये हड़प लिए। अब तकादा करने पर आरोप ...और पढ़ें

दवा खरीदने के नाम पर थोक दवा कारोबारी से 57 लाख हड़पे।
दवा खरीदने के नाम पर थोक दवा कारोबारी से 57 लाख हड़पे।

HighLights

  1. पीड़ित ने आगरा के कारोबारियों के खिलाफ कोर्ट के आदेश पर दर्ज कराई रिपोर्ट।

गाजियाबाद, जागरण संवाददाता। नगर कोतवाली क्षेत्र के नवयुग मार्केट में दवा का थोक कारोबार करने वाले एक कारोबारी से दवा खरीदने के नाम पर 57 लाख रुपये हड़प लिए। अब तकादा करने पर आरोपित उन्हें जान से मारने की धमकी दे रहे हैं।

पीड़ित ने मामले में पुलिस से शिकायत की लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। अब पीड़ित ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया तो मामले में कोर्ट के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। नवयुग मार्केट स्थित आरके मेडिसंस प्राइवेट लिमिटेड के रजतराज कर्णवाल निदेशक हैं।

उनका कहना है कि वर्ष 2013 में संत सिंह सूरी मार्केट फाउंटेन आगरा में स्थित रिलायंस केमिस्ट एजेंसी के पार्टनरों आशीष शर्मा और अमित शर्मा ने उनसे संपर्क कर दवाइयां खरीदने की बात कही। वह दोनों कंपनी की शर्तों पर दवाई खरीदने के लिए तैयार हो गएष। इसके बाद उन्होंने वर्ष 2013 से आरोपितों को दवाई सप्लाई करनी शुरू कर दी।

आरोपित उन्हें सप्लाई की एवज में कुछ रकम का भुगतान करते रहे। वर्ष 2022 में आरोपितों पर 29.89 लाख का बकाया हो गया। 31 मार्च 2023 तक 24 प्रतिशत की दर से 36.76 लाख रुपये का ब्याज बैठा। इस तरह आरोपितों ने उनके 57.66 लाख रुपये हड़प लिए।

पीड़ित का कहना है कि तगादा करने पर आरोपितों ने तीन चेक दिए, जो बैंक में लगाने पर बाउंस हो गए। इसके बाद भी आरोपी कोई न कोई बहाना बनाकर पैसे देने की बजाय टरकाते रहे। दबाव डालने पर आरोपियों ने गाली-गलौच करते हुए हत्या की धमकी देनी शुरू कर दी।

एसीपी कोतवाली निमिष पाटिल का कहना है कि कोर्ट के आदेश पर मामले में रिपोर्ट दर्ज कर जांच की जा रही है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।