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खोड़ा अस्पताल में सात माह से बंद ऑपरेशन थियेटर, सिजेरियन डिलीवरी के लिए भटक रही महिलाएं

Published: Tue, 08 Sep 2026 07:24 PM (IST)

खोड़ा प्राथमिक चिकित्सालय में ऑपरेशन थियेटर सात महीने बाद भी सुविधाओं के अभाव में शुरू नहीं हो सका है, जिससे ...और पढ़ें

खोड़ा चिकित्सा केंद्र।

खोड़ा चिकित्सा केंद्र।

HighLights

  1. खोड़ा पीएचसी का ओटी सात महीने से बंद।

  2. सिजेरियन डिलीवरी के लिए महिलाओं को जाना पड़ रहा बाहर।

  3. स्टाफ, उपकरण और अन्य सुविधाओं का अभाव।

जागरण संवाददाता, साहिबाबाद। खोड़ा प्राथमिक चिकित्सालय में आपरेशन थियेटर तो बना दिया, लेकिन सात महीने बाद भी जरूरी सुविधाएं नहीं दी गई हैं। इस कारण यहां पर महिलाओं की सिजेरियन डिलीवरी नहीं हो पा रही है। इससे महिलाओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

ऑपरेशन से डिलीवरी के लिए पहुंच रही महिलाओं को नजदीकी नोएडा जिला अस्पताल और दिल्ली के लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल रेफर किया जा रहा है। इससे महिलाओं को शारीरिक पीड़ा के साथ ही आर्थिक बोझ भी झेलना पड़ रहा है।

आपातकालीन स्थिति में महिलाओं को निजी अस्पताल में डिलीवरी करानी पड़ रही है। स्थानीय निवासियों ने अस्पताल में सिजेरियन डिलीवरी की सुविधा की मांग की है।

खोड़ा के प्राथमिक चिकित्सालय के ओटी में स्टाफ के साथ ही टेबल, लाइट और हैंडवाश की सुविधा नहीं है। यह सुविधाएं होने से यहीं पर ही महिलाओं की सिजेरियन डिलीवरी हो सकती है।

करीब 150 मरीज आते हैं रोजाना

चिकित्सालय में इस समय दो चिकित्सक हैं। इसके साथ ही गर्भवती महिलाओं से जुड़ी जांच हो रही हैं। इनमें हीमोग्लोबिन, सीबीसी, शूगर, ब्लड ग्रुप के साथ ही बुखार में डेंगू और मलेरिया की जांच की जा रही है।

करीब 150 मरीज रोजाना यहां इलाज कराने आ रहे हैं। यहां पर पुरुष और महिला के लिए वार्ड भी है। इसमें करीब 25 बेड हैं।

खोड़ा रेजीडेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष दीपक जोशी का कहना है कि लाखों खर्च कर तीन मंजिला चिकित्सालय बनाया गया है। लेकिन अस्पताल में अभी भी कई सुविधाओं का अभाव है। रात के समय आपातकालीन सुविधाएं नहीं हैं। करीब 12 लाख की आबादी को इलाज के लिए नोएडा-दिल्ली जाना पड़ता है।

चिकित्सालय में काफी सुविधाएं दी गई हैं। अभी ओटी को शुरू करने योजना नहीं है। आगे स्वीकृति मिलने पर सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी।
- डॉ. राकेश गुप्ता, नोडल अधिकारी