गाजियाबाद में प्रीपेड से फिर पोस्टपेड हुए स्मार्ट मीटर, कल से सीधे WhatsApp और SMS पर आने लगेंगे बिजली बिल
गाजियाबाद में ढाई लाख से अधिक स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के बिजली बिल बुधवार से जारी होंगे। प्रीपेड से पोस्टपेड में बदले गए मीटरों के पुराने रिचार्ज राशि ...और पढ़ें

गाजियाबाद में ढाई लाख से अधिक स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के बिजली बिल बुधवार से जारी होंगे। फाइल फोटो
HighLights
गाजियाबाद में 2.5 लाख स्मार्ट मीटर बिल कल से जारी।
प्रीपेड से पोस्टपेड में बदले मीटरों के बिल जारी होंगे।
पुराने रिचार्ज राशि का नए बिलों में होगा समायोजन।
जागरण संवाददाता, गाजियाबाद। जिले में लगाए गए ढाई लाख से अधिक स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के बिजली बिल कल यानी बुधवार से जारी होने शुरू हो जाएंगे। विद्युत निगम ने इसकी तैयारी पूरी कर ली है। प्रीपेड स्मार्ट मीटरों को दोबारा पोस्टपेड प्रणाली में परिवर्तित किए जाने के बाद अब उपभोक्ताओं को मई माह की बिजली खपत के आधार पर बिल उपलब्ध कराया जाएगा। निगम के अनुसार जिले में मई माह की खपत का बिल तीन जून तक बना दिए जाएंगे और सभी संबंधित उपभोक्ताओं को चार जून को जारी कर दिया जाएगा।
जिले में मई माह तक कुल दो लाख 51 हजार 911 स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। इनमें से करीब 2.37 लाख स्मार्ट मीटरों को पहले प्रीपेड प्रणाली में परिवर्तित कर दिया गया था। शासन स्तर पर लिए गए निर्णय के बाद इन मीटरों को पुनः पोस्टपेड व्यवस्था में बदल दिया गया। इसके चलते अब उपभोक्ताओं को पूर्व की तरह बिजली खपत के आधार पर मासिक बिल जारी किए जाएंगे।
विद्युत निगम के अधिकारियों के मुताबिक उपभोक्ताओं को बिल एसएमएस और व्हाट्सएप के जरिए चैटबाट माध्यम से उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि उन्हें बिल प्राप्त करने के लिए बिजली घरों के चक्कर न लगाने पड़ें। मुख्य अभियंता पवन अग्रवाल ने बताया कि जिले के लगभग 95 प्रतिशत स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के मोबाइल नंबर अपडेट किए जा चुके हैं। इससे अधिकांश उपभोक्ताओं को बिल प्राप्त करने में कोई परेशानी नहीं होगी।
उन्होंने कहा कि जिन उपभोक्ताओं का मोबाइल नंबर गलत दर्ज है या बदल गया है, वे अपने नजदीकी विद्युत केंद्र पर जाकर नंबर अपडेट करा सकते हैं। अधिकारियों के अनुसार जिन क्षेत्रों में नेटवर्क अथवा संचार संबंधी समस्याओं के कारण स्मार्ट मीटरों की स्वचालित रीडिंग प्राप्त नहीं हो सकेगी, वहां एएमआइएसपी एजेंसियों के माध्यम से मैनुअल रीडिंग लेकर समय पर बिल तैयार किया जाएगा।
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इससे किसी भी उपभोक्ता का बिल लंबित नहीं रहेगा। मुख्य अभियंता ने बताया कि पोस्टपेड उपभोक्ताओं को पहले की तरह बिल जारी होने की तारीख से 15 दिन का भुगतान समय दिया जाएगा। इसके बाद सात दिन की डिस्कनेक्शन अवधि भी मिलेगी। निर्धारित अवधि में बिल जमा नहीं होने पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पीवीवीएनएल में लगाए गए स्मार्ट मीटरों का विवरण
| दिनांक | जिले | स्मार्ट मीटर लगाए गए |
|---|---|---|
| 3 जून | गाजियाबाद एवं गौतमबुद्धनगर | 2,51,911 & 46,199 |
| 4 जून | मेरठ, अमरोहा, सहारनपुर | 2,01,134, 57,200, 1,61,511 |
| 5 जून | हापुड़, मुरादाबाद | 23,972 & 1,87,419 |
| 6 जून | बुलंदशहर, शामली | 1,10,751 & 1,12,852 |
| 7 जून | बिजनौर, संभल | 1,23,866 & 78,791 |
| 8 जून | रामपुर, मुजफ्फरनगर, बागपत | 94,346, 94,411, 14,110 |
| 9 एवं 10 जून | बचे हुए उपभोक्ता | — |
| कुल उपभोक्ता | 15,58,473 | |
जिले में लगे हैं 2,51,911 स्मार्ट मीटर
- तीन जून तक बनेंगे बिल और चार जून को होंगे जारी
- एसएमएस और व्हाट्सएप के जरिए भेजे जाएंगे बिल
- बिल जारी होने के बाद 15 दिन का भुगतान समय मिलेगा
- इसके बाद सात दिन की डिस्कनेक्शन अवधि रहेगी।
- चैटबाट और एप पर मिलेगी पूरी जानकारी
स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को बिजली बिल भुगतान और खपत से जुड़ी जानकारी प्राप्त करने के लिए विद्युत निगम ने डिजिटल सुविधाएं उपलब्ध कराई हैं। उपभोक्ता 7859804803 नंबर पर संचालित चैटबाट के माध्यम से बिल, बकाया राशि, भुगतान स्थिति और बिजली खपत संबंधी जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। इसके अलावा यूपीपीसीएल कंज्यूमर एप पर भी उपभोक्ताओं को बिल, भुगतान इतिहास, मीटर रीडिंग और अन्य सेवाओं की जानकारी उपलब्ध होगी।
प्रीपेड में कराया गया रिचार्ज पोस्टपेड बिल में होगा समायोजित
स्मार्ट मीटरों को प्रीपेड से दोबारा पोस्टपेड प्रणाली में शामिल किए जाने के बाद उपभोक्ताओं द्वारा पहले से कराए गए रिचार्ज की राशि का समायोजन आगामी बिजली बिलों में किया जाएगा।
विद्युत निगम के अधिकारियों के अनुसार जिन उपभोक्ताओं के स्मार्ट मीटर प्रीपेड मोड में थे और उन्होंने अग्रिम रिचार्ज कराया था, उस शेष राशि को पोस्टपेड बिल में क्रेडिट के रूप में दर्शाया जाएगा। इससे उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की वित्तीय हानि नहीं होगी। यदि किसी उपभोक्ता के खाते में रिचार्ज राशि बची हुई है तो उसे देय बिल से घटाकर शेष राशि का ही भुगतान करना होगा।