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गाजियाबाद में स्कूल चलो अभियान: डोर-टू-डोर सर्वे करेंगे शिक्षक, ड्रॉप आउट बच्चे पहुंचेंगे पाठशाला

Updated: Mon, 30 Mar 2026 08:12 AM (IST)

गाजियाबाद में बेसिक शिक्षा विभाग 1 अप्रैल से 'स्कूल चलो अभियान' शुरू करेगा। इसका मुख्य लक्ष्य पढ़ाई छोड़ चुके बच्चों को वापस स्कूल लाना है। शिक्षक घर-घर जाकर सर्वे करेंगे और यू-डायस पोर्टल पर ड्रॉपबॉक्स में दर्ज बच्चों का नामांकन सुनिश्चित करेंगे।

गाजियाबाद में डोर टू डोर सर्वे करेंगे शिक्षक। (AI Generated Image)

गाजियाबाद में डोर टू डोर सर्वे करेंगे शिक्षक। (AI Generated Image)

HighLights

  1. 1 अप्रैल से 'स्कूल चलो अभियान' की शुरुआत।

  2. शिक्षक घर-घर जाकर ड्रॉपआउट बच्चों का सर्वे करेंगे।

  3. पांचवीं-आठवीं पास बच्चों का दाखिला सुनिश्चित होगा।

जागरण संवाददाता, गाजियाबाद। बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा एक अप्रैल से स्कूल चलो अभियान की शुरूआत कर दी जाएगी। इस साल अभियान के अंतर्गत सबसे ज्यादा ध्यान उन बच्चों पर दिया जाएगा जो बीच में ही पढ़ाई छोड़ देते हैं।

जो विद्यार्थी फिलहाल यू डायस पोर्टल पर ड्राप बाक्स में हैं उनकी तलाश कर उनका नामांकन कराना और जो विद्यार्थी पांचवीं या आठवीं कक्षा पास कर चुके हैं उनका नामांकन कराना विभाग की प्राथमिकता रहेगी। जिससे बच्चों की पढ़ाई बीच में न छूटे। इसके लिए शिक्षकों द्वारा घर घर जाकर सर्वे किया जाएगा।

यू डायस पोर्टल पर डाले जाते हैं नाम

जो विद्यार्थी लंबे समय तक विद्यालय से अनुपस्थित रहते हैं या फिर पांचवीं या आठवीं पास करने के बाद बीच में ही पढ़ाई छोड़ देते हैं ऐसे विद्यार्थियों के नाम यू डायस पोर्टल पर ड्राप बाक्स में डाल दिए जाते हैं।

शिक्षा विभाग ने ड्रापआउट (पढ़ाई छोड़ने वाले) बच्चों को वापस स्कूल लाने के लिए विशेष अभियान शुरू किया है, जिसमें शिक्षक घर-घर जाकर सर्वेक्षण करेंगे।

यू-डायस पोर्टल पर ड्रापबाक्स में मौजूद बच्चों का डाटा खंगालकर, उनकी स्थिति अपडेट की जा रही है ताकि उन्हें फिर से शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा जा सके। शिक्षकों को कक्षा पांच व आठ पास करने वाले विद्यार्थियों का एक्टिव मोबाइल नंबर व पता आदि जानकारी रखनी होगी।

शिक्षकों को सुनिश्चित कराना होगा दाखिला

बेसिक शिक्षा अधिकारी ओपी यादव ने बताया कि प्राथमिक विद्यालय से कक्षा पांच पास करने वाले विद्यार्थियों का दाखिला पूर्व माध्यमिक विद्यालय में कक्षा छह में सुनिश्चित कराना होगा। इसकी जिम्मेदारी शिक्षकों को दी गई है।

वैसे ही जो विद्यार्थी कक्षा आठ पास कर लेते हैं उनका दाखिला माध्यमिक विद्यालयों में सुनिश्चित कराना होगा। जिससे कक्षा पांच व आठ के बाद विद्यार्थियों की पढ़ाई बीच में न छूटे।

कक्षा आठ पास करने वाले विद्यार्थियों का डाटा जिला विद्यालय निरीक्षक को भी सौंपा जाएगा। एक अप्रैल से अभियान शुरू हो जाएगा। प्रयास है कि कोई भी बच्चा विद्यालय में नामांकन से वंचित न रहे।

नंबर गेम

  • 6892 बच्चे कक्षा पांच के बाद ड्रॉप बॉक्स में पहुंचे
  • 7102 बच्चे कक्षा आठ के बाद ड्रॉप बॉक्स में पहुंचे

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