कांवड़ यात्रा पर मंडराया गड्ढों का साया: दिल्ली-मेरठ रोड बदहाल, 23 दिन में कैसे सुधरेंगे हालात?
सावन में कांवड़ यात्रा से पहले गाजियाबाद की दिल्ली-मेरठ रोड पर सड़कों की खराब हालत चिंता का विषय है। लाखों शिवभक्तों के गुजरने वाले इस मार्ग पर गड्ढे ...और पढ़ें

दुहाई आरआरटीएस स्टेशन के पास दिल्ली-मेरठ रोड कांवड़ मार्ग पर हो रहा गड्ढा। जागरण
HighLights
दिल्ली-मेरठ रोड पर कांवड़ यात्रा से पहले गड्ढे।
लाखों शिवभक्तों को वर्षा में होगी भारी दिक्कत।
पीडब्ल्यूडी ने मरम्मत का आश्वासन दिया, बजट मांगा।
जागरण संवाददाता, गाजियाबाद। सावन शुरू होने में अब महज 23 दिन का समय बचा है। 30 जुलाई से कांवड़ यात्रा शुरू हो जाएगी। हर साल की तरह इस बार भी दिल्ली-मेरठ रोड पर लाखों शिवभक्त गंगाजल लेकर गुजरेंगे। कांवड़ यात्रा के दौरान दिल्ली जाने वाली लेन पूरी तरह कांवड़ियों के लिए आरक्षित कर दी जाती है।
ऐसे में प्रशासन और संबंधित विभागों के सामने सबसे बड़ी चुनौती सड़क को गड्ढामुक्त बनाने की है। दैनिक जागरण की सोमवार को दिल्ली मेरठ रोड की पड़ताल की तो जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे, टूटी सड़क मिली।

दुहाई नमो भारत स्टेशन के पास सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे हैं। यहां से गुजरने वाले वाहनों के कारण धूल उड़ती है। वर्षा होने पर यही गड्ढे पानी से भर जाएंगे और कांवड़ियों को यह समझना मुश्किल होगा कि सड़क समतल है या गड्ढा। दिल्ली मेरठ रोड पर मधुबन बापूधाम के निर्माणाधीन रेलवे ओवरब्रिज के पास स्थिति और खराब है। यहां सड़क का कुछ हिस्सा पूरी तरह कट चुका है।
किनारे पत्थर और रेत पड़ी हुई है। मननधाम मंदिर के सामने भी सड़क जगह-जगह उखड़ी हुई है। गुलधर नमो भारत स्टेशन के पास कई बड़े गड्ढे हैं, जबकि नंदग्राम यू-टर्न के आसपास भी सड़क क्षतिग्रस्त है। इन स्थानों पर पैदल चलना भी मुश्किल हो रहा है।
हर साल गुजरते हैं लाखों कांवड़िए
प्रशासन के अनुमान के अनुसार हर वर्ष करीब 18 से 20 लाख कांवड़िए गाजियाबाद से होकर गुजरते हैं। इनमें बड़ी संख्या में डाक कांवड़ और पैदल कांवड़ लेकर आने वाले श्रद्धालुओं की होती है। यात्रा के अंतिम दिनों में एक ही दिन में लाखों श्रद्धालु सड़क पर दिखाई देते हैं।
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हरिद्वार और ब्रजघाट से गंगाजल लेकर आने वाले कांवड़िए गाजियाबाद में मुख्य रूप से दिल्ली-मेरठ रोड, गंगनहर रोड, पापलाइन मार्ग से प्रवेश करते हैं। इसके अलावा मेरठ तिराहा, दुहाई, मोदीनगर की ओर से आने वाले श्रद्धालु दिल्ली-मेरठ रोड से होते हुए यूपी गेट की ओर जाते हैं। बड़ी संख्या में कांवड़िए जीटी रोड, मोहननगर, राजनगर एक्सटेंशन से जुड़े संपर्क मार्गों और शहर के प्रमुख शिव मंदिरों तक भी पहुंचते हैं।
सड़क नहीं बनी तो बढ़ेंगी मुश्किलें
यदि कांवड़ यात्रा शुरू होने से पहले सड़क की मरम्मत नहीं हुई तो कांवड़ियों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। वर्षा होने पर गड्ढों में पानी भर जाएगा, जिससे फिसलने का खतरा रहेगा। डाक कांवड़ लेकर दौड़ने वाले श्रद्धालुओं के चोटिल होने की आशंका बढ़ जाएगी।
सावन शुरू होने से पहले पीडब्ल्यूडी कांवड़ मार्गों को गड्ढामुक्त कर देगा। इसके लिए सड़कों को चेक किया जा रहा है। शासन से इसके लिए बजट मांगा गया है।
- रामराजा, अधिशासी अभियंता, पीडब्ल्यूडी