गाजियाबाद के अस्पताल में बड़ी लापरवाही, गायब मरीज को मृत बताकर पुलिस को दी सूचना
गाजियाबाद के जिला एमएमजी अस्पताल में स्वास्थ्यकर्मियों ने बिस्तर से गायब मरीज को मृत घोषित कर पुलिस को सूचना दे दी। पुलिस के पहुंचने पर शव न मिलने पर ...और पढ़ें

HighLights
गाजियाबाद अस्पताल में गायब मरीज को मृत घोषित किया।
पुलिस को सूचना देने पर शव नहीं मिला।
सीएमएस ने लापरवाही पर स्पष्टीकरण मांगा है।
जागरण संवाददाता, गाजियाबाद। जिला एमएमजी अस्पताल में छोटे से छोटा और बड़े से बड़ा स्वास्थ्यकर्मी आंख मूंदकर सरकारी दस्तावेज को मेंटेन कर रहा है। कोई 20,50 तो कोई दो से तीन लाख रूपये पगार लेने के बाद भी ड्यूटी के प्रति कोई जिम्मेदारी नहीं निभा रहा है।
ऐसा ही एक मामला मंगलवार को सीएमएस के समक्ष पहुंचा तो उनके होश उड़ गये। दरअसल बेड से गायब मरीज को मृत घोषित करते हुए स्वास्थ्यकर्मियों ने स्थानीय पुलिस को लिखित में सूचना भेज दी।
एमएमजी अस्पताल में आंख मूंदकर मेंटेन हो रहे सरकारी दस्तावेज
सर्जिकल वार्ड की इस सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अस्पताल में पहुंच गई और पोस्टमार्टम को मृतक का शव मांगा। शव कहीं हो तो दिया जाये। मोर्चरी में कोई शव न मिलने पर सर्जिकल वार्ड का रजिस्टर खंगाला गया। रजिस्टर से बेड पर भर्ती मरीजों का मिलान किया गया।
कोई शव न मिलने पर बेड से गायब मरीजों की पुलिस सूचना का रजिस्टर में रिकॉर्ड चेक किया गया तो पता चला कि गलती से बेड से गायब मरीज को मृत घोषित करते हुए पुलिस को सूचना भेजी गई है। सीएमएस डॉ. राकेश कुमार ने इस प्रकरण की पुष्टि करते हुए बताया कि प्रकरण संज्ञान में आते ही जांच कराई गई।
दो महीने पहले भी जिंदा महिला को मृत दर्शाकर भेजी गई थी पुलिस सूचना
जांच में पाया कि बेड से गायब मरीज को मृत दर्शाकर पुलिस सूचना भेजी गई है। यह बेहद लापरवाही का प्रतीक है। जांच रिपोर्ट के आधार पर संबंधित वार्ड प्रभारी समेत चार स्वास्थ्यकर्मियों का स्पष्टीकरण मांगा गया है।स्पष्टीकरण मिलने के बाद अग्रिम कार्रवाई की जायेगी। दो महीने पहले भी इमरजेंसी वार्ड में सांप के काटने पर जिंदा महिला को मृत दर्शाकर पुलिस सूचना भेजी गई थी। इस प्रकरण में भी संबंधित का स्पष्टीकरण मांगा गया था।