गाजियाबाद में बढ़ रहे Cerebral Palsy के मामले, केवल बच्चों में नहीं युवाओं में भी दिख रहा प्रभाव
सेरेब्रल पाल्सी बचपन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह किसी भी उम्र में प्रभावित कर सकती है। गाजियाबाद में विभिन्न आयु वर्गों में इसके मामले दर्ज हैं.

प्रतीकात्मक तस्वीर, एआई जेनरेटेड
HighLights
सेरेब्रल पाल्सी बचपन तक सीमित नहीं, किसी भी उम्र में संभव।
गाजियाबाद में 765 सेरेब्रल पाल्सी मामले, विभिन्न आयु वर्गों में दर्ज।
समय पर मूल्यांकन और पुनर्वास से जीवन में सुधार होता है।
जागरण संवाददाता, गाजियाबाद। सेरेब्रल पाल्सी को अक्सर बचपन से जुड़ी समस्या माना जाता है, लेकिन इसके प्रभाव के साथ व्यक्ति उम्रभर जी सकता है।
आज विश्व सेरेब्रल पाल्सी दिवस मनाया जा रहा है। इस खास दिन पर विशेषज्ञों ने बच्चों को लेकर कुछ खास सलाह दी है, जिसे ध्यान में रखने की जरूरत है।
क्या होती है सेरेब्रल पाल्सी?
सेरेब्रल पाल्सी मुख्य रूप से मस्तिष्क से जुड़ी स्थिति है। सेरेब्रल का मतलब मस्तिष्क होता है और पाल्सी यानी मांसपेशियों की कमजोरी होती है।
इस समस्या में प्रभावित व्यक्ति की शारीरिक गति और मांसपेशियों की क्षमता प्रभावित हो जाती है। यह आमतौर पर जन्म से पहले या फिर जन्म के कुछ सालों के अंदर होता है। लेकिन आज-कल यह समस्या सभी उम्र के लोगों में हो रही है।
-1791267620318.webp)
क्या है विशेषज्ञों की राय?
विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चे में विकास संबंधी देरी, मांसपेशियों में असामान्य अकड़न या कमजोरी, संतुलन और तालमेल में परेशानी, बोलने या खाने-पीने में दिक्कत जैसे लक्षण दिखाई दें तो विशेषज्ञ से मूल्यांकन कराना चाहिए। विश्व सेरेब्रल पाल्सी दिवस छह अक्टूबर को मनाया जाता है और इस वर्ष का अभियान यूनिक एंड यूनाइटेड है।
गाजियाबाद में सेरेब्रल पाल्सी के कितने मामले?
आंकड़ों के मुताबिक 30 नवंबर 2025 तक गाजियाबाद में सेरेब्रल पाल्सी के कुल 765 UDID कार्ड दर्ज हैं।
लिंग के आधार पर विवरण:
- पुरुष: 537
- महिलाएं: 228
आयु वर्ग के अनुसार मामले:
- 15 से 35 वर्ष (सर्वाधिक मामले): कुल 452 मामले (332 पुरुष और 120 महिलाएं)
- 6 से 15 वर्ष: 207 मामले
- 35 से 60 वर्ष: 82 मामले
सभी उम्र के लोगों में यह समस्या
आंकड़ों में 60 से 80 वर्ष के नौ और 80 वर्ष से अधिक उम्र के छह मामले भी शामिल हैं। नोडल जिला दिव्यांग बोर्ड डा। अनवर अंसारी के अनुसार, हर सप्ताह करीब पांच लोग दिव्यांग प्रमाणपत्र बनवाने के लिए आवेदन कर रहे हैं। इनमें बच्चों और युवाओं की संख्या अधिक रहती है।
क्या है विशेषज्ञ की राय?
उनका कहना है कि किसी भी उम्र में शरीर की गतिविधियों, मांसपेशियों की अकड़न, संतुलन या तालमेल में असामान्य परेशानी हो तो चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।
सेरेब्रल पाल्सी मस्तिष्क के विकास में व्यवधान से जुड़ी स्थिति है और व्यक्ति की गति, मांसपेशियों की ताकत, संतुलन व मुद्रा प्रभावित कर सकती है। समय पर मूल्यांकन और पुनर्वास से रोजमर्रा के कामकाज और स्वतंत्रता में सुधार किया जा सकता है।
