1600 घर खरीदारों के लिए गुड न्यूज, 19 साल से अटके अंसल प्रोजेक्ट को लेकर आई राहत भरी खबर
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद गाजियाबाद के अंसल हाउसिंग प्रोजेक्ट के 1600 घर खरीदारों को 19 साल के इंतजार ...और पढ़ें
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अंसल साइट पर जीडीए अधिकारियों के साथ निरीक्षण करते प्रमुख सचिव पी गुरुप्रसाद। सौ. जीडीए
HighLights
1600 घर खरीदार 19 साल से अंसल प्रोजेक्ट का इंतजार कर रहे।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर प्रमुख सचिव ने साइट का निरीक्षण किया।
विकास लाइसेंस नवीनीकरण और संशोधित नक्शों की मंजूरी पर निगाहें।
जागरण संवाददाता, गाजियाबाद। करीब 19 साल से अपने आशियाने का इंतजार कर रहे अंसल हाउसिंग प्रोजेक्ट के करीब 1,600 खरीदारों की उम्मीदों को अब सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद राहत की उम्मीद नजर आ रही है।
अदालत की सख्ती के बाद उत्तर प्रदेश के प्रमुख सचिव पी गुरुप्रसाद ने जीडीए अधिकारियों के साथ अंसल प्रोजेक्ट की साइट का निरीक्षण किया। परियोजना की मौजूदा स्थिति, निर्माण में आ रही अड़चनों और लंबित स्वीकृतियों की जानकारी ली और घर खरीदारों से भी बातचीत करते हुए उनकी समस्याएं सुनीं।
सुप्रीम कोर्ट ने जुलाई में मामले की सुनवाई के दौरान उत्तर प्रदेश सरकार और प्राधिकरण की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई थी। कोर्ट ने कहा था कि करीब 1,600 खरीदार 19 वर्षों से अपने फ्लैट की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
अदालत ने राज्य सरकार और जीडीए को संयुक्त रूप से बैठक कर डेवलपमेंट लाइसेंस के नवीनीकरण और संशोधित भवन नक्शों की मंजूरी पर जल्द निर्णय लेने के निर्देश दिए थे। साथ ही निर्णय की जानकारी अदालत के समक्ष रखने को कहा था। इसी क्रम में प्रमुख सचिव का साइट निरीक्षण महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
परियोजना की समझी वास्तविक स्थिति
अधिकारियों ने परियोजना की वास्तविक स्थिति को समझने के साथ ही उन बिंदुओं की जानकारी ली, जिनके कारण निर्माण और योजना लंबे समय से अटकी हुई है। खरीदारों ने भी अपने स्तर पर वर्षों से झेल रहे इंतजार और समस्याओं को अधिकारियों के सामने रखा। इस मौके पर जीडीए उपाध्यक्ष नन्द किशोर कलाल, सचिव विवेक कुमार मिश्र, अपर सचिव प्रदीप कुमार सिंह समेत प्राधिकरण के अधिकारी मौजूद रहे।
अब स्वीकृतियों पर टिकी निगाहें
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद सबसे बड़ा सवाल विकास लाइसेंस के नवीनीकरण और संशोधित नक्शों की मंजूरी को लेकर है। इन स्वीकृतियों पर निर्णय होने के बाद ही परियोजना को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ होने की उम्मीद है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद प्रमुख सचिव के निरीक्षण को खरीदारों के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट में 20 अगस्त को सुनवाई होगी। अब खरीदारों की निगाह सुप्रीम कोर्ट के साथ ही प्रदेश सरकार और जीडीए की आगामी संयुक्त कार्रवाई पर टिकी है।
