फतेहपुर-खागा विधानसभा में सड़क और पुल का हुआ काम, चीनी मिल की उम्मीद पड़ी धूमिल
खागा विधायक कृष्णा पासवान के चार साल के कार्यकाल में सड़कों और पुलों का निर्माण हुआ, जिससे यातायात सुगम हुआ और कृषि को मजबूती मिली। हालांकि, युवाओं के ...और पढ़ें

कृष्णा पासवान, भाजपा विधायक।
HighLights
सड़क और पुल निर्माण से यातायात हुआ सुगम।
युवाओं को रोजगार, चीनी मिल के वादे अधूरे।
सिंचाई सुविधा में सुधार से कृषि को मिली मजबूती।
जागरण संवाददाता, फतेहपुर। चार साल पहले खागा विधानसभा क्षेत्र में कृष्णा पासवान चौथी बार भाजपा के टिकट पर चुनाव जीतीं थी। जीत के साथ ही उन्होंने जनता से जो वादे किये उसमे मुख्य रूप से इस पिछड़े क्षेत्र में रोजगार के अवसर देकर युवाओं का पलायन रोकने, चीनी मिल लगवाने, राजकीय बालिका डिग्री कॉलेज बनवाने जैसे कार्य नहीं हो पाए।
यह जरूर रहा कि इन्होंने अपने क्षेत्र में सड़कों और पुलों पर विशेष रूप से ध्यान दिया है। सिंचाई सुविधा के क्षेत्र में कई अच्छे कार्यों की वजह से कृषि को मजबूती मिली है। सत्ता की विधायक होने का क्षेत्रीय जनता को फायदा मिला है।
313428 मतदाताओं वाली विधानसभा में लोग विकास कार्य, जनसंपर्क, कानून-व्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं के आधार पर विधायक के कामकाज का आंकलन कर रहे हैं। खागा विधायक व वर्तमान में पशुधन एवं दुग्ध विकास राज्यमंत्री का दावा है कि उन्होंने अपने चुनावी वादे पूरे करने में पूरी ईमानदारी से प्रयास किया है। हालांकि समाज का विपक्षी धड़ा इसे सिरे से खारिज कर रहा है।
यमुना तटवर्ती गांवों की आबादी को पक्की सड़कें, बिजली और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं न उपलब्ध कराने का ठीकरा विपक्षी, क्षेत्रीय विधायक के ऊपर फोड़ रहे हैं। चार वर्ष के कार्यकाल में युवाओं को राेजगार उपलब्ध कराने की दिशा में काम नहीं हुआ।
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यमुना तटवर्ती गांव के बेरोजगार युवा, दिल्ली, पंजाब, गुजरात व राजस्थान प्रांत में जाकर रोजी-रोटी तलाशते हैं। गंगा-यमुना नदियों के ऊपर पक्के पुलों के निर्माण से फतेहपुर से बांदा और रायबरेली जनपदों का आवागमन जहां सुलभ हुआ है, वहीं किशुनपुर पक्का पुल का क्षतिग्रस्त पहुंच मार्ग चार वर्ष में न बन पाने से लोगों में क्षेत्रीय विधायक के प्रति नाराजगी भी है। खखरेड़ू व धाता को नगर निकाय का दर्जा दिलाने से स्थानीय नागरिक खुश हैं।
किशुनपुर नगर पंचायत के सीमा विस्तार में विधायक की पैरवी शिथिल रहने से इस काम को सफलता नहीं मिल सकी। खागा में पुराने जीटी रोड का चौड़ीकरण, जलबहाव के लिए नाला निर्माण, गोल चौराहा तथा किशुनपुर की ओर से आने वाले वाहनों के लिए बाईपास की सुविधा पर काम नहीं हुआ।
विधानसभा में वोटरों की संख्या
- कुल मतदाता: 313428
- पुरुष मतदाता: 173182
- महिला मतदाता: 140235
- थर्ड जेंडर: 11
धाता क्षेत्र में चीनी मिल की स्थापना की उम्मीदें, इस पंचवर्षीय भी धूमिल पड़ी रही। नगर निकायों में पुराने तालाबों को कब्जा करने की परिपाटी पर रोकथाम न लगाने से पर्यावरण प्रेमी नाखुश हैं।
नदी-नालों के ऊपर पक्के पुल बनने ग्रामीणों की लंबे समय से चली आ रही समस्या दूर हुई है। महापुरुषों, अमर बलिदानियों के नाम पर बने स्मारकों व मंदिरों के सुंदरीकरण का कार्य होने से प्राचीन धरोहरों का संरक्षण हुआ है।
यातायात की बेहतर सुविधा से बढ़ा रोजगार
विधानसभा क्षेत्र की जनता से जो वादे किए गए थे, उन्हें हर हाल में पूरा किया जाएगा। क्षेत्रीय जनता के हितों को सर्वोपरि रखकर काम किया है। विधायक निधि से जो काम हो सकते थे, उन्हें पूरा किया गया। शासन से अतिरिक्त बजट मांग कर क्षेत्र में सड़कों का निर्माण, नदी-नाला व नहरों के ऊपर कई पक्के पुलों का निर्माण कराया गया।
पुराने मंदिरों का जीर्णोद्धार, बरात घर, यात्री प्रतीक्षालय तथा ऐतिहासिक स्थलों की मरम्मत व उनके सौंदर्यीकरण पर करोड़ों की पूंजी खर्च की गई। गिरधरपुर धाने-चिल्लीमल पक्का पुल, विधानसभा क्षेत्र में कई नाला व नहर पुल व सड़कों के निर्माण के लिए शासन में पैरवी हो रही है। जल्दी ही सभी का निर्माण कराया जाएगा। -कृष्णा पासवान, विधायक-खागा।
रनर अप की प्रतिक्रिया

क्षेत्रीय लोगों की प्रतिक्रिया
धाता को नगर निकाय का दर्जा दिलाने से लोगों की जीवनशैली में बदलाव सुनिश्चित हुआ है। सड़क, पथ प्रकाश, जलबहाव की दिशा में काम हो रहा है। चीनी मिल की स्थापना न होने से गन्ना उत्पादक किसानों को निराश होना पड़ रहा है। -राजेश द्विवेदी, गलेहरा।
यमुना तिरहार में नई सड़कों का निर्माण, पुरानी सड़कों के चौड़ीकरण, यमुना नदी में पक्का पुल तथा नालों के ऊपर पुल निर्माण से विधानसभा क्षेत्र की जनता को राहत मिली है। किशुनपुर नगर पंचायत का सीमा विस्तार न होने से विकास ठिठका हुआ है। -राजेश सिंह, किशुनपुर।
खागा विधायक के कार्यकाल में सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य और कानून व्यवस्था के क्षेत्र में सुधार हुआ है। बेरोजगार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में काम नहीं हो सका। कृषि को सुदृढ़ करने में जो प्रयास हुए, वह नाकाफी हैं। -रवि पांडेय, सलवन।
खागा विधायक का चौथा कार्यकाल विकास के दृष्टिकोण से बेहतर रहा है। क्षेत्रीय जनता को उम्मीदें हैं कि जो कार्य शेष हैं, उन्हें एक वर्ष में पूरा कराया जाएगा। बिजली आपूर्ति में सुधार तथा जर्जर लाइनों की मरम्मत पर काम होना चाहिए। आधेश्वर धाम तक पक्की सड़क नहीं बन पा रही है। -रोहित तिवारी, माेगरिहापुर।
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