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    शादी से 7 दिन पहले प्रेमी और साथी ने चाकू से गोदकर मार डाला था प्रेमिका के मंगेतर को, अब दोनों को आजीवन कारावास

    Updated: Tue, 07 Apr 2026 07:52 PM (GMT+05:30)

    फतेहपुर में शादी से एक सप्ताह पहले मंगेतर शत्रुघन की चाकू मारकर हत्या करने वाले प्रेमी महेश सिंह और उसके साथी राजन सोनकर को अदालत ने आजीवन कारावास की ...और पढ़ें

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    HighLights

    1. भाई की साली के साथ होना था विवाह, शादी के एक सप्ताह पहले कर दी थी हत्या

    2. दोनों पर ढाई लाख का अर्थदंड लगाया, संदेह का लाभ देकर प्रेमिका को कर दिया बरी

    जागरण संवाददाता, फतेहपुर। विवाह के एक सप्ताह पहले मंगेतर को चाकुओं से घोंपकर मौत के घाट उतारने वाले प्रेमी व उसके एक साथी को अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुना दी। अदालत ने दोनों दोषियों पर 1.25-1.25 लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। संदेह लाभ देते हुए अदालत ने प्रेमिका को बरी कर दिया।


    राधानगर थाना क्षेत्र के मलाका स्थित मोदी ग्राउंड की 26 अप्रैल 2023 की रात्रि आठ बजे की है। राधानगर थाना क्षेत्र के मलाका गांव निवासी शत्रुघन की शादी खागा थाना क्षेत्र के टिकरिया गांव में बड़े भाई विजयपाल की साली अंजली उर्फ ननकी के साथ होनी थी। वादी दिवंगत के भाई विजयपाल के अनुसार 26 अप्रैल 2023 की शाम को अंजली उर्फ ननकी का प्रेमी टिकरिया गांव निवासी महेश सिंह अपने साथी खागा थाने के पाई गांव निवासी राजन सोनकर के साथ मलाका गांव आया और शत्रुघन को बाहर ले जाने की बात कही, पहले तो उसने अपने छोटे भाई को ले जाने से मना किया लेकिन जब थोड़ी देर में आने की बात कही तो पड़ोसी छोटू के साथ शत्रुघन को जाने के लिए कहा।

    आरोपित महेश व राजन अपनी बाइक अपाचे और शत्रुघन व छोटे अपनी मोटरसाइकिल सीडी डीलक्स से गए और गांव के बगल में मोदी ग्राउंड में चारों पहुंचे। महेश ने छोटू को दारू लाने के लिए पैसे दिए और राजन को उसके साथ भेज दिया। जब दारू लेकर छोटू वापस आया तो ग्राउंड में महेश शत्रुघन को चाकू मार रहा था, जिसे देख छोटू चिल्लाते हुए भागा तो महेश व राजन ने उसका भी पीछा किया। छोटू ने घर आकर पूरी बात बताई तो वादी मुकदमा और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ घटनास्थल पहुंचा तो महेश व राजन शत्रुघन की हत्या कर भाग रहे थे। उनकी मोटरसाइकिल स्टार्ट नहीं हुई तो छोटू की बाइक लेकर ही रफूचक्कर हो गए।

    वादी ने कहा कि अंजली उर्फ ननकी शत्रुघन से शादी नहीं करना चाहती थी, जिस कारण उसने साजिश रचकर महेश के जरिए मंगेतर को मरवा डाला। पकड़े जाने पर आरोपित महेश व राजन ने आलाकत्ल चाकू व लूटी गई मोटरसाइकिल सीडी डीलक्स अपनी निशानदेही से बरामद कराई थी।

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    इस मामले की अंतिम सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी-दो के पीठासीन अधिकारी अजय सिंह प्रथम ने की। गवाहों के बयान और साक्ष्यों के आधार पर प्रेमी महेश सिंह व राजन सोनकर को आजीवन कारावास व सवा-सवा लाख रुपये अर्थदंड भी लगाया। संदेह का लाभ देते हुए अदालत ने प्रेमिका अंजली उर्फ ननकी को बरी कर दिया। अभियोजन पक्ष की ओर से शासकीय अधिवक्ता फौजदारी अजय कुमार सिंह व रणधीर सिंह ने तर्क रखे। अभियोजन की तरफ से छह साक्षी परीक्षित कराए गए। आरोपित महेश गिरफ्तारी के बाद से जिला कारागार में निरुद्ध है, शेष अभियुक्त जमानत पर थे, जिन्हें पुलिस अभिरक्षा में लेकर जेल भेज दिया गया।

    प्रेमिका को भी होनी चाहिए सजा, हाईकोर्ट जाएंगे

    दिवंगत के दिव्यांग भाई विजयपाल व उसके पिता रामखेलावन ने दोषियों को सजा मिलने पर संतोष जताया है। कहा कि हत्या करवाने वाली अंजली उर्फ ननकी को अदालत ने बरी कर दिया है, जबकि उसे भी कड़ी सजा होनी चाहिए। निर्णय के खिलाफ उच्च न्यायालय जाएंगे।


    किस धारा में क्या हुई सजा

    • धारा 302 - महेश सिंह व राजन सोनकर को सश्रम आजीवन कारावास व एक-एक लाख रुपये का अर्थदंड
    • धारा 394 - दोनों को दस-दस वर्ष का कठोर कारावास व बीस-बीस हजार रुपये का अर्थदंड
    • धारा 411- दोनों को दो-दो वर्ष का कारावास व पांच-पांच हजार रुपये का अर्थदंड