बहन से अभद्रता का बदला, फर्रुखाबाद में दोस्त की हत्या कर खेत में गाड़ा शव; 8 महीने बाद मिला कंकाल
फर्रुखाबाद में एक साइकिल मिस्त्री ओमवीर राठौर की हत्या का खुलासा हुआ है। बहन से अभद्रता का बदला लेने के लिए हत्या हुई थी। ...और पढ़ें

बहन से अभद्रता का बदला लेने के लिए मिस्त्री की हत्या हुई थी।

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जागरण संवाददाता, फर्रुखाबाद। बहन से अभद्रता की रंजिश में दोस्त ने अपने भाई के साथ मिलकर साइकिल मिस्त्री युवक की हत्या कर शव अपने खेत में दबा दिया।
तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में पत्नी की ओर से पुलिस अधीक्षक से शिकायत पर नए सिरे से शुरू हुई जांच में स्पेशल आपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने नामजद एक आरोपित को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की तो उसने जुर्म कबूल कर लिया।
पुलिस ने आरोपित की निशानदेही पर सुबह बैकहो लोडर से खोदाई कराकर आरोपित के खेत से युवक का कंकाल बरामद कर लिया। कपड़ों के आधार पर पत्नी व मां ने शव की पहचान की।
घटना में लापरवाही बरतने व आरोपितों से मिलीभगत की शिकायतों के मद्देनजर पुलिस अधीक्षक ने तत्कालीन थानाध्यक्ष व दारोगा को निलंबित कर दिया है।
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अगस्त 2025 का है मामला
गांव गूजरपुर पमारान निवासी ओमवीर राठौर की गांव के बाहर बदायूं पर साइकिल की मरम्मत की दुकान थी। 20 जुलाई 2025 की शाम सात बजे ओमवीर राठौर दुकान बंद कर घर पहुंचे और पत्नी धर्मशीला से खाना लगाने को कहा।
इस दौरान दोस्त रामू यादव का फोन आने पर ओमवीर उससे बातचीत करते हुए घर से निकल गए थे। उसके बाद से ओमवीर लौटकर नहीं आए।
मामले में मां राजेश्वरी देवी की तहरीर पर पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर कई दिनों तक ओमवीर की तलाश की। यहां तक कि ड्रोन कैमरे से भी तलाश किया गया, लेकिन सुराग नहीं गला था। अंतिम फुटेज में सीसी कैमरे में ओमवीर को शराब ठेके के पास देखा गया था।

31 अगस्त 2025 को ओमवीर की पत्नी धर्मशीला ने पुलिस अधीक्षक के आदेश पर रामू यादव, उसके भाई सुरजीत यादव, के अलावा देवेंद्र यादव, गुलाब सिंह उर्फ तिलक, श्यामवीर, बंटी उर्फ रामऔतार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।
विगत 23 मार्च को धर्मशीला ने पुलिस अधीक्षक आरती सिंह से पति की बरामदगी की गुहार लगाई। एसपी ने नए सिरे से जांच करने के निर्देश देकर एसओजी प्रभारी सचिन सिंह चौधरी व सर्विलांस सेल प्रभारी संत कुमार को लगाया।
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8 महीने बाद खेत से मिला कंकाल
एसओजी ने मुख्य आरोपित रामू यादव को उठाकर पूछताछ की तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। बुधवार सुबह पांच बजे एसडीएम संजय कुमार सिंह व क्षेत्राधिकारी संजय वर्मा की मौजूदगी में पुलिस ने रामू यादव के खेत में बैकहो लोडर से खोदाई कराई तो ओमवीर का कंकाल बरामद हो गया। पत्नी धरमशीला व मां राजेश्वरी ने तौलिया व अन्य कपड़ों से ओमवीर की पहचान की।
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अपर पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह ने घटनास्थल पर पहुंचकर जायजा लिया। फोरेंसिक टीम ने साक्ष्य संकलित किए। एएसपी ने बताया कि मुकदमे में नामजद रामू को पकड़कर उससे पूछताछ की गई तो उसने बताया कि वह ओमवीर के साथ बहन की ससुराल गया था।
वहां पर रामू ने बहन से अभद्रता की थी। बहन के ससुरालीजन ने ओमवीर को अभद्रता करते देख लिया था। इससे बहन का ससुरालीजन से मनमुटाव हो गया था। इसी रंजिश में उसने ओमपाल को शराब पीने के बहाने अपने खेत में बुलाया।
भाई के साथ मिलकर दोस्त को मार डाला
वहां पर उसने अपने भाई सुरजीत यादव के साथ मिलकर अंगौछे से गला घोंटकर ओमवीर की हत्या कर दी थी। घटना के बाद ओमवीर का शव अपने खेत में मिट्टी के अंदर छिपा दिया था।
अपर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि मामले में तत्कालीन थानाध्यक्ष (वर्तमान महिला थानाध्यक्ष) मोनू शाक्या व दारोगा रवि सोलंकी को निलंबित कर दिया है। दूसरे हत्यारोपित सुरजीत यादव की तलाश की जा रही है।