एसडीएम बनीं श्वेता गुप्ता पहुंचीं पैतृक गांव, स्वागत करने पहुंचे विधायक, बोलीं- अब आईएएस बनना है लक्ष्य
श्वेता ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा गांव से प्राप्त की और सेल्फ स्टडी के माध्यम से यह सफलता हासिल की। उनका लक्ष्य अब आईएएस बनना है, जिसके लिए वे प्रयासरत ...और पढ़ें

सदर विधायक विपिन वर्मा डेविड समेत कई गणमान्य लोगों ने मानिकपुर पहुंचकर दी बधाई

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जागरण संवाददाता, एटा। यूपीपीएससी परीक्षा में प्रदेश में 25वीं रैंक हासिल कर एसडीएम बनीं श्वेता गुप्ता का गुरुवार को उनके पैतृक गांव मानिकपुर में स्वागत किया गया। इस अवसर पर सदर विधायक विपिन वर्मा डेविड गांव पहुंचे और श्वेता गुप्ता को पटका पहनाकर सम्मानित किया।
विधायक ने कहा कि श्वेता गुप्ता की सफलता पूरे जनपद के लिए प्रेरणा है
इस दौरान विधायक ने कहा कि श्वेता गुप्ता की सफलता पूरे जनपद के लिए प्रेरणा है। उन्होंने अपनी मेहनत और लगन से यह मुकाम हासिल किया है, जो अन्य युवाओं के लिए एक आदर्श उदाहरण है। स्वागत कार्यक्रम में भाजपा के वरिष्ठ नेता प्रदीप भामाशाह, वीरेंद्र वार्ष्णेय, बोबी वार्ष्णेय, अखिल भारतीय वैश्य महासभा के जिला अध्यक्ष राकेश गुप्ता, ब्रजेश गुप्ता सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी ने श्वेता की इस उपलब्धि पर गर्व व्यक्त करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं।
सेल्फ स्टडी से हासिल की सफलता
श्वेता गुप्ता ने अपनी प्रारंभिक से लेकर माध्यमिक शिक्षा गांव स्थित केएल उच्चतर माध्यमिक विद्यालय से प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने एटा के जवाहरलाल नेहरू स्नातकोत्तर महाविद्यालय से स्नातक और परास्नातक की पढ़ाई पूरी की। छात्र जीवन के दौरान ही उन्होंने सिविल सेवा में जाने का लक्ष्य तय कर लिया था और उसी दिशा में निरंतर प्रयास करती रहीं। उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी मुख्य रूप से सेल्फ स्टडी के जरिए की।
सीमित संसाधनों के बावजूद किताबों और उपलब्ध संचार माध्यमों का सहारा लेकर उन्होंने अपनी तैयारी जारी रखी। इस दौरान उन्होंने जेआरएफ परीक्षा भी उत्तीर्ण की, जो उनकी शैक्षणिक प्रतिभा को दर्शाता है।
अपने तीसरे प्रयास में मिली सफलता
तीसरे प्रयास में श्वेता ने यूपीपीएससी परीक्षा में 25वीं रैंक हासिल कर एसडीएम पद पर चयनित होकर अपनी मेहनत को सार्थक किया। हाल ही में घोषित यूपीएससी परिणाम में वह कुछ अंकों से पीछे रह गई थीं, लेकिन उनका लक्ष्य अभी भी आईएएस बनना है और वह इसके लिए निरंतर प्रयासरत हैं।
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पिता का है व्यापार और मां गृहिणी
श्वेता गुप्ता चार भाई-बहनों में दूसरे स्थान पर हैं। उनके पिता सुनील गुप्ता बिल्डिंग मटेरियल व्यवसाय से जुड़े हैं, जबकि मां पुष्पा गुप्ता गृहिणी हैं। परिवार में शिक्षा का अच्छा माहौल रहा, जिससे उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा मिली। उनकी बड़ी बहन शालिनी गुप्ता नेट परीक्षा उत्तीर्ण कर चुकी हैं। छोटा भाई हर्ष गुप्ता बीबीए की पढ़ाई कर रहा है, जबकि सबसे छोटी बहन भूमि गुप्ता स्नातक कर रही हैं।