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    देवभूमि से विकास की नई उड़ान, माफियाराज के खात्मे के साथ बदला देवरिया; मेडिकल कॉलेज और कनेक्टिविटी से संवर रहा भविष्य

    Updated: Thu, 30 Jul 2026 09:09 PM (IST)

    कभी अपराध के साये में रहा देवरिया अब उत्तम कानून व्यवस्था, महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज और सुदृढ़ इंफ्रास्ट्रक्चर के दम पर विकास की नई इबारत लिख रह ...और पढ़ें

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    डिजिटल डेस्क, देवरिया। पूर्वांचल का ऐतिहासिक जनपद देवरिया, जिसका नाम पौराणिक मान्यताओं में 'देवारण्य' यानी 'देवताओं के वन' से जुड़ा माना जाता है, आज अपनी सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक जड़ों को सहेजते हुए विकास की एक नई इबारत लिख रहा है। कभी बाहुबल, रंगदारी और अपराध के साये के लिए चर्चा में रहने वाला यह सीमावर्ती जिला अब उत्तम कानून व्यवस्था, सुदृढ़ इंफ्रास्ट्रक्चर, आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं और औद्योगिक निवेश के बल पर 'बढ़ते उत्तर प्रदेश' की अग्रिम पंक्ति में शामिल हो गया है।

    महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज बना संजीवनी

    स्वास्थ्य सुविधाओं के मामले में देवरिया ने पिछले कुछ वर्षों में ऐतिहासिक छलांग लगाई है। जिले में स्थापित महर्षि देवरहा बाबा राजकीय मेडिकल कॉलेज न केवल देवरिया बल्कि बलिया, पड़ोसी राज्य बिहार और नेपाल के तराई क्षेत्रों से आने वाले मरीजों के लिए लाइफलाइन साबित हो रहा है। यहाँ प्रतिदिन 4,000 से 4,500 मरीजों की ओपीडी दर्ज की जा रही है।

    मेडिकल कॉलेज में 18 बेड का डायलिसिस यूनिट (जिसे 25 बेड में बदला जा रहा है), ब्लड कम्पोनेंट सेपरेशन यूनिट, कैंसर मरीजों के लिए आरक्षित वार्ड और नया ट्रॉमा सेंटर संचालित है। यहाँ 24 घंटे आपातकालीन सेवाओं के साथ-साथ लेप्रोस्कोपिक सर्जरी, टोटल नी और हिप रिप्लेसमेंट जैसे जटिल ऑपरेशन निशुल्क व सुगमता से किए जा रहे हैं। वर्ष 2021 से शुरू हुई 100 एमबीबीएस सीटों की व्यवस्था के तहत अब तक सैकड़ों युवा डॉक्टर बनकर देश की सेवा के लिए तैयार हो चुके हैं।

    112 साल पुराने जीआईसी का कायाकल्प

    शिक्षा के क्षेत्र में 8 अक्टूबर 1912 को अंग्रेजों के ज़माने में स्थापित हुआ 'पीएम श्री राजकीय इंटर कॉलेज' जिले में माध्यमिक शिक्षा का सबसे बड़ा केंद्र है। इस ऐतिहासिक धरोहर को आधुनिक स्वरूप देने के लिए लगभग 18.98 करोड़ रुपये की पुनरुद्धार परियोजना पर काम चल रहा है। इसके तहत 100 बेड का बॉयज हॉस्टल, 50 बेड का गर्ल्स हॉस्टल, स्मार्ट क्लासेज, डिजिटल लाइब्रेरी और म्यूजियम का निर्माण कराया जा रहा है।

    खबरें और भी

    देवरिया का इतिहास स्वतंत्रता संग्राम के बलिदानों से भी भरा हुआ है। 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन में यूनियन जैक उतारकर तिरंगा फहराने के दौरान हुए बलिदान को संजोने के लिए शहीद स्मारक और संग्रहालय का सुंदरीकरण कराया गया है। देवरहा बाबा, जिनकी मचान पर तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी से लेकर देश-विदेश के दिग्गज आशीर्वाद लेने आते थे, और बाबा राघवदास की यह पावन भूमि अध्यात्म और राष्ट्रप्रेम की अमर प्रतीक बनी हुई है।

    केले के रेशे से आत्मनिर्भरता

    देवरिया में कृषि आधारित नवाचारों ने स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति दी है। 'एक जिला एक उत्पाद' (ODOP) योजना के अंतर्गत केले के तने से निकलने वाले रेशे से हैंडबैग, मैट, टोकरी और सजावटी उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं। स्थानीय कारीगरों को प्रशिक्षण और बाजार उपलब्ध कराकर इस विधा को वैश्विक पहचान दिलाई जा रही है।

    राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) से जुड़कर जिले की हजारों महिलाएं स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से सिलाई, अगरबत्ती निर्माण, मशरूम उत्पादन, डेरी और बकरी पालन जैसे स्वरोजगार अपनाकर अपने परिवारों की आर्थिक रीढ़ बन रही हैं।

    औद्योगिक निवेश और कनेक्टिविटी से बदली तस्वीर

    उद्योगों के मोर्चे पर देवरिया अब निवेशकों की पहली पसंद बन रहा है। उसरा बाजार में नया इंडस्ट्रियल एरिया विकसित किया जा रहा है, जहाँ एमएसएमई इकाइयों के साथ करीब 350 करोड़ रुपये की लागत से डिस्टिलरी प्लांट जैसी बड़ी परियोजनाएं आकार ले रही हैं। हाल के दिनों में आयोजित सम्मेलनों में हिंदुजा, बिड़ला और टाटा ग्रुप जैसे बड़े औद्योगिक घरानों ने जिले में निवेश की संभावनाओं का जायजा लिया है।

    सड़क और रेल परिवहन के विस्तार ने देवरिया को नए पंख दिए हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग 27 और राम जानकी मार्ग के साथ-साथ सलेमपुर से बिहार को जोड़ने वाली नई फोरलेन व एक्सप्रेसवे परियोजनाएं क्षेत्र के व्यापार को नई ऊंचाई दे रही हैं। देवरिया-गोरखपुर, देवरिया-कसया और सोनू घाट-बरहज मार्गों के चौड़ीकरण से जिले के सभी ब्लॉक और तहसील मुख्यालय आपस में जुड़ चुके हैं। पूर्वोत्तर रेलवे का भटनी जंक्शन और 'अमृत भारत स्टेशन योजना' के तहत पुनर्विकसित हो रहा देवरिया सदर रेलवे स्टेशन देश के बड़े महानगरों से सीधी कनेक्टिविटी प्रदान कर रहे हैं।

    सुरक्षित माहौल में स्वर्णिम भविष्य की ओर

    माफिया तंत्र पर नकेल और अपराधियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई के चलते देवरिया में भयमुक्त व्यावसायिक वातावरण बना है। व्यापारी अब निर्भीक होकर अपना कारोबार कर रहे हैं और आम नागरिक खुद को सुरक्षित महसूस कर रहे हैं। अध्यात्म, आरोग्य, आधुनिक शिक्षा और एक्सप्रेसवे की रफ्तार के दम पर देवरिया आज पूर्वांचल के अग्रगण्य जनपदों में अपनी मजबूत पहचान दर्ज करा रहा है।