चित्रकूट शर्मसार: गैंगरेप के बाद दलित नाबालिग ने दी जान, ग्राम प्रधान के भतीजे समेत 3 पर केस, पुलिस पर फूटा गुस्सा
चित्रकूट के पहाड़ी क्षेत्र में एक दलित नाबालिग ने कथित सामूहिक दुष्कर्म के बाद आत्महत्या कर ली। परिवार ने होली के दिन हुई घटना में ग्राम प्रधान के भती ...और पढ़ें

HighLights
नाबालिग दलित लड़की ने सामूहिक दुष्कर्म के बाद आत्महत्या की।
ग्राम प्रधान के भतीजे सहित तीन नाबालिगों पर आरोप।
पुलिस पर कार्रवाई में देरी और लापरवाही का आरोप।
जागरण संवाददाता, चित्रकूट। उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले में एक दलित नाबालिग लड़की द्वारा गैंगरेप के बाद आत्महत्या मामले में पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगा है। पीड़िता के परिजनों का आरोप है कि ग्राम प्रधान के भतीजे और उसके दो साथियों ने नाबालिग के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। घटना से आहत और कथित तौर पर पुलिस द्वारा तत्काल कार्रवाई न किए जाने से क्षुब्ध होकर नाबालिग ने अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली थी।
थाना पहाड़ी क्षेत्र में एक किशोरी के आत्महत्या करने के मामले में नया मोड़ आया है। परिवार ने गांव के ही तीन नाबालिगों पर सामूहिक दुष्कर्म का आरोप लगाया है और घटना होली के दिन चार मार्च की बताई है। साथ ही पुलिस पर आरोपितों के खिलाफ कोई कार्रवाई न करने का भी आरोप लगाया है। पुलिस ने अब किशोरी की आत्महत्या के बाद तीनों आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। हालांकि अभी किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
फंदा लगा दे दी थी जान
मंगलवार की देर शाम करीब साढ़े सात बजे सूने घर में 17 वर्षीय किशोरी ने फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली थी। वह एक इंटर कालेज में 11 वीं की छात्रा थी। बुधवार को इस मामले में अनुसूचित जाति की किशोरी के पिता ने थाने में तहरीर देकर बताया कि उसकी पुत्री चार मार्च को घर से लगभग 100 मीटर दूर लगे हैंडपंप से पानी भरने गई थी। वहां पर गांव के प्रधान का भतीजा व दो अन्य किशोर उसे जबरन पकड़कर खेत में ले गए और मुंह बांधकर सामूहिक दुष्कर्म किया।
थाने में नहीं दर्ज किया केस
इधर, पुत्री के काफी देर तक घर न आने पर वह हैंडपंप के पास गए, लेकिन वह नहीं मिली। इसके बाद उसका बड़ा पुत्र खोजते हुए खेत की ओर गया और चारों को देखा। उसने चिल्लाकर बहन को बुलाया तो तीनों आरोपित भाग गए। उसी दिन शाम को थाने पहुंचे तो सामूहिक दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज न कर बदनामी का डर बताया गया।
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पांच मार्च को भी गए थाने
पांच मार्च को फिर थाने पहुंचे, तब भी दुष्कर्म की रिपोर्ट न लिखकर कहा गया कि बेटी की शादी नहीं होगी, बदनाम हो जाएगी। इसके बाद छह मार्च को बुलाकर वीडियो बयान व लिखित रूप से तहरीर ली गई कि रंग लगाने का विवाद है।
तीनों आरोपितों को पकड़ा फिर छोड़ा
आरोप लगाया कि पुलिस ने तीनों आरोपितों को पकड़ा भी था, लेकिन एक दिन बाद उन्हें छोड़ दिया गया। तीनों आरोपित व उनके स्वजन आए दिन घर आकर दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज न कराने की बात कहते थे। दबाव भी बनाते थे कि यदि उनके लड़कों को कुछ हुआ तो उनकी पुत्री को भी मार देंगे।
मानसिक रूप से परेशान थी बेटी
किशोरी की मां ने बताया कि घटना के बाद से उसकी पुत्री मानसिक रूप से परेशान रहती थी। आए दिन सिर दर्द या तबीयत खराब होने की बात कहती थी। भयवश घर से भी नहीं निकलती थी। यह भी आरोप लगाया कि 12 अप्रैल को थाने के हल्का इंचार्ज राजेश कुमार को फोन कर बताया कि उसकी पुत्री की तबीयत खराब है, तो उधर से कहा गया कि वह कोई डॉक्टर नहीं है, जहां इलाज कराना हो कराएं।
जानें क्या कहते हैं जिम्मेदार
पोस्टमार्टम हाउस में सपा सदर विधायक अनिल प्रधान व सपा नेता कैलाश बौद्ध स्वजनों से मिले और न्याय दिलाने का भरोसा दिया। थाना प्रभारी प्रवीण सिंह ने बताया कि किशोरी के पिता की तहरीर पर तीन नाबालिगों के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म, पाक्सो, अनुसूचित जाति-जनजाति अधिनियम व धमकी देने की रिपोर्ट दर्ज की गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह ने कहा कि किशोरी के खुदकुशी करने के मामले की पूरी जानकारी है। स्वजन ने ही दो पेज का लिखित पत्र थाने में दिया था कि रंग लगाने का गांव के लड़कों से विवाद है और वे कोई कार्रवाई नहीं चाहते हैं। इसका वीडियो भी है, जो जीडी में दर्ज है। अब स्वजन सामूहिक दुष्कर्म के आरोप लगा रहे हैं। हल्का इंचार्ज व अन्य पुलिसकर्मियों पर दबाव बनाने की बात कह रहे हैं। इसे लेकर जांच कराई जा रही है, यदि कोई पुलिसकर्मी दोषी पाया गया तो कार्रवाई होगी।
सपा प्रमुख ने कसा तंज
इस मामले में सपा प्रमुख पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने ट्विटर अकाउंट पर लिखा कि भाजपा शासित उप्र के चित्रकूट में गैंगरेप की पीड़िता एक दलित लड़की ने इसलिए फांसी लगाकर जान दे दी क्योंकि उसे न्याय नहीं मिला। भाजपा राज में यही महिला सुरक्षा की सच्चाई है, बाकी सब ढोंग और मिथ्या प्रचार है। भाजपा जाए तो महिला का मान बच पाए! वहीं बसपा जिलाध्यक्ष शिवबाबू वर्मा ने भी सरकार पर तंज कसा है।
दो डाक्टरों के पैनल ने किया पीएम
किशोरी के शव का डा. दीपांशु प्रताप सिंह व डा. लखन स्वरूप गर्ग की टीम ने पोस्टमार्टम किया। इसके बाद पुलिस ने शव स्वजनों को सौंप दिया। पोस्टमार्टम के दौरान भारी पुलिस बल मौजूद रहा।