चार फीट पानी, सवा पांच फीट का दुकानदार... चित्रकूट में खुले वॉटर टैंक ने ली जान
चित्रकूट में 44 वर्षीय दुकानदार जितेंद्र गुप्ता की घर के पानी के टैंक में डूबने से मौत हो गई। लीवर की बीमारी से ग्रस्त जितेंद्र करीब सवा पांच फीट लंबे ...और पढ़ें

तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण
HighLights
चित्रकूट में 44 वर्षीय दुकानदार की डूबने से मौत।
घर के अंदर चार फीट गहरे पानी के टैंक में हादसा।
लीवर की बीमारी के कारण बेहोश होकर गिरे होने की आशंका।
जागरण संवाददाता, (चित्रकूट)। घर के अंदर बने पानी के टैंक में भरा चार फीट से कुछ अधिक पानी शनिवार को 44 वर्षीय दुकानदार जितेंद्र गुप्ता की जिंदगी निगल गया। हैरानी की बात यह है कि करीब पांच फीट गहरे टैंक में पानी उनकी करीब सवा पांच फीट लंबाई से कम था। इसके बावजूद वह खुद को बचा नहीं सके।
आशंका है कि बीमारी के कारण टैंक में गिरते ही वह बेसुध हो गए और पानी में डूब गए। कई घंटे बाद स्वजन को घटना की जानकारी हुई। पुलिस के अनुसार पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी मौत का कारण डूबना आया है। शरीर पर किसी तरह की चोट के निशान नहीं मिले हैं। मानिकपुर कस्बे के इंदिरानगर निवासी जितेंद्र गुप्ता घर में ही परचून की दुकान चलाते थे।
वह पत्नी विमलेश और मां रेलवे कर्मी शकुंतला देवी के साथ रहते थे। जितेंद्र को लीवर की बीमारी थी और कानपुर में उनका उपचार चल रहा था। पत्नी के अनुसार पिछले तीन दिनों से उन्हें बुखार भी था। शुक्रवार रात उनका 12 वर्षीय इकलौता बेटा ओम गुप्ता चाचा अनिल के घर सोने चला गया था। शनिवार तड़के पत्नी की नींद खुली तो जितेंद्र बिस्तर पर नहीं थे।
बाथरूम का दरवाजा बाहर से बंद मिला। आवाज देने पर भी कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने पड़ोस में रहने वाले स्वजन को बुलाया। पूरे घर में तलाश के दौरान पानी के टैंक पर संदेह हुआ। स्वजन नीचे उतरे तो पानी के अंदर जितेंद्र का शरीर मिला।
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घर के अंदर करीब पांच फीट गहरा टैंक बना है। इसमें शुक्रवार रात चार फीट से अधिक पानी भरा था। टैंक का एक हिस्सा खुला हुआ था और बाथरूम जाने का रास्ता भी उसके पास से है। आशंका है कि रात में बाथरूम जाते समय वह फिसलकर टैंक में गिरे होंगे। बीमारी के कारण बेहोश होने से वह पानी में खड़े होकर भी अपना बचाव नहीं कर सके। थाना प्रभारी अजीत पांडेय ने बताया कि पीएम रिपोर्ट में डूबने से मौत की पुष्टि हुई है।