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चित्रकूट में बाढ़ के बाद डॉक्टरों को लेकर आया बड़ा अपडेट, चिकित्सकों की ड्यूटी और अस्पतालों के लिए आदेश जारी

Published: Wed, 02 Sep 2026 05:48 PM (IST)

चित्रकूट में स्वाइन फ्लू का कोई मामला नहीं है, लेकिन बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में वायरल और मौसमी बुखार के मरीज ...और पढ़ें

इस फोटो को AI के माध्यम से तैयार किया गया है।

इस फोटो को AI के माध्यम से तैयार किया गया है।

HighLights

  1. चित्रकूट में वायरल और मौसमी बुखार के मरीज बढ़े।

  2. सभी डॉक्टरों की छुट्टियां रद्द, आइसोलेशन वार्ड खुला।

  3. बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य टीमें सक्रिय हैं।

जागरण संवाददाता, चित्रकूट। जिले में अभी तक स्वाइन फ्लू का कोई रोगी नहीं मिला है, लेकिन वायरल और मौसमी बुखार पीड़ितों की संख्या लगातार बढ़ रही है। खासकर बाढ़ प्रभावित और इसके आसपास के क्षेत्रों में जुकाम, खांसी और बुखार के मरीज जिला अस्पताल पहुंच रहे हैं। इसे देखते हुए सभी डाक्टरों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं और जिला अस्पताल में आइसोलेशन वार्ड भी संचालित कर दिया गया है।

बुधवार को 589 मरीजों की ओपीडी हुई। मंगलवार को 832 और सोमवार को 754 से अधिक मरीजों की ओपीडी हुई। इसमें हर दिन लगभग आधे मरीज मौसमी बुखार और वायरल के ही अस्पताल पहुंचे हैं। सीएमओ डॉ. महेंद्र त्रिपाठी के नेतृत्व में बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में टीम जाकर संक्रामक रोगों से निपटने की पूर्व तैयारी में ग्रामीणों को दवा दे रहे हैं और सफाई से रहने की सलाह दी है।

इसके बाद भी जिला अस्पताल में बुधवार को सीतापुर निवासी 35 वर्षीय सुनील कुमार, चकलागुरु बाबा निवासी 43 वर्षीय मंगीराम, अमानपुर निवासी 12 वर्षीय मुन्नू, सरैंया निवासी 23 वर्षीय सविता देवी और बहिलपुरवा निवासी 41 वर्षीय मुनुवादेवी को तेज बुखार होने पर भर्ती किया गया है।

जिला अस्पताल के फिजिशियन ने क्या बताया? 

जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. ऋषि कुमार ने बताया कि बारिश के सीजन में वायरल और मौसमी बुखार के मरीज बढ़ते हैं। खासकर बुजुर्गों को खानपान और रहन-सहन में सावधानी बरतनी चाहिए। इन दिनों जिला अस्पताल में जुकाम, खांसी और बुखार के ज्यादा मरीज आ रहे हैं। स्वाइन फ्लू का फिलहाल कोई मरीज सामने नहीं आया है।

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सीएमएम डॉ. शैलेंद्र कुमार ने बताया कि बाढ़ और जिले के हालात को देखते हुए सभी डाक्टरों की छुट्टी रद्द कर दी गई है। आइसोलेशन वार्ड भी भर्ती वार्ड के पास ही खोल दिया गया है। सभी डाक्टरों को नियमानुसार ड्यूटी लगाई जा रही है। किसी भी मरीज के आने पर उसके विशेषज्ञ को बुलाकर भी इलाज कराया जाता है।