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दिल्ली-मुंबई-गुजरात से पूर्वांचल, बिहार और झारखंड आने वाली प्रमुख ट्रेनें त्‍योहार में हो गईं फुल

By Vivek Kumar Dubey Edited By: Abhishek sharma
Published: Wed, 09 Sep 2026 11:25 AM (IST)

दिवाली और छठ पूजा के लिए दिल्ली, मुंबई और गुजरात से उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड जाने वाली प्रमुख ट्रेनों में ...और पढ़ें

दिवाली और छठ पर घर वापसी मुश्किल, दिल्ली-मुंबई-गुजरात से आने वाली ट्रेनें फुल, यात्रियों की उम्मीद फेस्टिवल स्पेशल पर।

दिवाली और छठ पर घर वापसी मुश्किल, दिल्ली-मुंबई-गुजरात से आने वाली ट्रेनें फुल, यात्रियों की उम्मीद फेस्टिवल स्पेशल पर।

HighLights

  1. दिल्ली, मुंबई, गुजरात से ट्रेनों में सीटें फुल।

  2. दिवाली-छठ पूजा के लिए टिकटों का संकट गहराया।

  3. यात्रियों को अब फेस्टिवल स्पेशल ट्रेनों का इंतजार।

जागरण संवाददाता, पीडीडीयू नगर (चंदौली)। दिवाली व छठ पूजा पर घर लौटने की तैयारी कर रहे प्रवासियों के लिए रेल सफर इस बार भी चुनौतीपूर्ण रहने वाला है। त्योहार नवंबर में हैं, लेकिन दिल्ली, मुंबई व गुजरात से उत्तर प्रदेश, बिहार व झारखंड आने वाली प्रमुख ट्रेनों में अभी से सीटों का संकट गहराने लगा है। कई ट्रेनों में कंफर्म टिकट उपलब्ध नहीं है, जबकि कुछ में वेटिंग भी तेजी से बढ़ रही है।

कई ट्रेनों में तो सभी श्रेणियों में नो रूम की स्थिति बन गई है। ऐसे में यात्रियों की उम्मीद अब रेलवे की फेस्टिवल स्पेशल ट्रेनों पर टिकी है। दिल्ली से बिहार व पूर्वांचल आने वाली प्रमुख ट्रेनों में स्थिति सबसे अधिक खराब है। नई दिल्ली-राजेंद्र नगर पटना तेजस राजधानी, डिब्रूगढ़ राजधानी, अगरतला तेजस राजधानी, पूर्वा एक्सप्रेस, संपूर्ण क्रांति, पूर्वोत्तर संपर्क क्रांति, ब्रह्मपुत्र मेल, सीमांचल, मगध, महानंदा, श्रमजीवी व फरक्का एक्सप्रेस में त्योहार के आसपास कंफर्म टिकट नहीं मिल रहा है।

अधिकांश ट्रेनों में लंबी वेटिंग चल रही है। दिल्ली-वाराणसी रूट भी इससे अछूता नहीं है। शिवगंगा एक्सप्रेस में वेटिंग चल रही है। स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस में फर्स्ट एसी को छोड़कर अन्य श्रेणियों में नो रूम है। लिच्छवी, महामना व सद्भावना एक्सप्रेस में भी सीटों की उपलब्धता सीमित है।

मुंबई रूट पर भी सीटों का संकट

मुंबई से बिहार व पूर्वांचल आने वाली ट्रेनों में भी यात्रियों को राहत नहीं मिल रही है।मुंबई-आसनसोल एक्सप्रेस में केवल थर्ड एसी में वेटिंग उपलब्ध है, जबकि स्लीपर व सेकेंड एसी में नो रूम है। एलटीटी-डिब्रूगढ़, एलटीटी-पाटलिपुत्र व एलटीटी-राजगीर एक्सप्रेस की सभी श्रेणियां फुल हैं।एलटीटी-बनारस एक्सप्रेस में स्लीपर में लंबी वेटिंग है, जबकि एसी श्रेणियों में नो रूम है।महानगरी एक्सप्रेस में स्लीपर व फर्स्ट एसी फुल है।एलटीटी-गोरखपुर व कामायनी एक्सप्रेस में भी कंफर्म टिकट के लिए मारामारी है। दादर-बलिया एक्सप्रेस में भी यात्रियों को सीट मिलना मुश्किल है।

गुजरात से आने वालों की राह भी कठिन

अहमदाबाद-सिलचर एक्सप्रेस में वेटिंग टिकट तक उपलब्ध नहीं है। अजीमाबाद एक्सप्रेस में भी त्योहार के आसपास किसी श्रेणी में सीट नहीं मिल रही। उधना-वाराणसी ताप्ती गंगा एक्सप्रेस में भी टिकट उपलब्धता बेहद सीमित है। दिवाली व छठ पर महानगरों से बड़ी संख्या में लोग घर लौटते हैं। नियमित ट्रेनों की सीटें पहले ही भर जाने से यात्रियों का दबाव बढ़ना तय है। रेलवे की ओर से हर वर्ष अतिरिक्त फेस्टिवल स्पेशल ट्रेनें चलाई जाती हैं। इस बार भी यात्रियों को इन विशेष ट्रेनों से राहत मिलने की उम्मीद है। समय रहते टिकट नहीं कराने वाले यात्रियों की मुश्किल त्योहार नजदीक आने पर और बढ़ सकती है।