164 साल बाद DDU जंक्शन में होने जा रहा बड़ा बदलाव, यात्रियों का सफर बनेगा और भी आसान
पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन 164 साल बाद नए कलेवर में दिखेगा, जहां टिकट काउंटर के पास बनने वाला होम प्लेटफॉर्म यात्रियों का सफर आसान बनाएगा। ...और पढ़ें

पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन
HighLights
टिकट काउंटर के पास नया होम प्लेटफॉर्म बनेगा।
बुजुर्ग, दिव्यांग व महिला यात्रियों को सुविधा मिलेगी।
अमृत भारत योजना से जंक्शन का आधुनिकीकरण होगा।
जागरण संवाददाता, चंदौली। करीब 164 वर्ष का रेल सफर पूरा कर चुका पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन अब नए कलेवर में नजर आएगा। ब्रिटिश काल में मुगलसराय के रूप में विकसित हुआ यह जंक्शन समय के साथ देश के प्रमुख रेल केंद्रों में शामिल हो गया।
अब यात्री सुविधाओं के विस्तार के साथ परिचालन क्षमता बढ़ाने की दिशा में कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं आकार ले रही हैं। इनमें सबसे अहम टिकट काउंटर के समीप बनने वाला होम प्लेटफॉर्म है। करीब 600 मीटर लंबे इस प्लेटफॉर्म पर 24 कोच वाली ट्रेन खड़ी हो सकेगी। इसके बनने के बाद टिकट लेने वाले यात्रियों को सीधे ट्रेन तक पहुंचने की सुविधा मिलेगी।
ब्रिटिश काल से शुरू हुआ सफर
ईस्ट इंडिया कंपनी के दौर में वर्ष 1862 में हावड़ा-दिल्ली रेल मार्ग पर मुगलसराय स्टेशन विकसित हुआ था। रेल लाइन के विस्तार के साथ यह क्षेत्र बड़ा परिचालन केंद्र बनता गया। छह दिसंबर 1906 को ग्रैंड कॉर्ड लाइन शुरू होने के बाद गया होकर हावड़ा जाने वाला मार्ग छोटा हुआ तो मुगलसराय का महत्व और बढ़ गया।
विशाल यार्ड, लोको शेड व मालगाड़ियों की छंटाई की व्यवस्था ने इसे उत्तर भारत के प्रमुख रेल केंद्रों में ला खड़ा किया। भाप इंजनों के दौर से लेकर विद्युतीकरण के आधुनिक युग तक जंक्शन ने रेलवे के विकास की लंबी यात्रा देखी। वर्ष 2018 में इसका नाम पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन किया गया।
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टिकट काउंटर से प्लेटफॉर्म तक खत्म होगी 150 मीटर की दूरी
वर्तमान व्यवस्था में टिकट काउंटर से प्लेटफॉर्म तक पहुंचने के लिए यात्रियों को फुटओवर ब्रिज के रास्ते करीब 150 मीटर की दूरी तय करनी पड़ती है। सीढ़ियां चढ़ने-उतरने में बुजुर्ग, दिव्यांग व महिला यात्रियों को परेशानी होती है।
इसे देखते हुए मंडल रेल प्रबंधक उदय सिंह मीना की पहल पर होम प्लेटफॉर्म का प्रस्ताव तैयार किया गया। अभियंत्रण विभाग से स्वीकृति मिलने के बाद जुलाई में निर्माण को मंजूरी मिल चुकी है। सर्वे का कार्य पूरा हो गया है। प्लेटफॉर्म पर प्रतीक्षालय, खानपान स्टाल सहित जरूरी यात्री सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
नौ प्लेटफॉर्म से बढ़ेंगे परिचालन के विकल्प
वर्तमान में जंक्शन पर आठ प्लेटफॉर्म हैं। होम प्लेटफार्म बनने के बाद इनकी संख्या बढ़कर नौ हो जाएगी। अतिरिक्त प्लेटफॉर्म मिलने से ट्रेनों के ठहराव, संचालन व प्लेटफॉर्म प्रबंधन में रेलवे को अतिरिक्त विकल्प मिलेगा। जंक्शन से ट्रेनों के प्रारंभ होने की संभावनाएं भी बढ़ेंगी। बढ़ते यात्री दबाव को देखते हुए यह विस्तार भविष्य की जरूरतों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अमृत भारत योजना से आधुनिक होगा पूरा परिसर
अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत जंक्शन के व्यापक पुनर्विकास की योजना है। प्रवेश द्वार, यात्री प्रतीक्षालय, बैठने की व्यवस्था, शौचालय, लिफ्ट, स्वचालित सीढ़ियां, डिजिटल यात्री सूचना प्रणाली, पार्किंग समेत कई सुविधाओं को आधुनिक स्वरूप दिया जाएगा। स्टेशन के सौंदर्यीकरण में काशी व पूर्वांचल की संस्कृति की झलक दिखाई जाएगी। इससे यात्रियों को बेहतर सुविधा के साथ स्टेशन परिसर का स्वरूप भी बदलेगा।
तीसरी-चौथी रेल लाइन से बढ़ेगी क्षमता
पीडीडीयू से पटना रेलखंड पर तीसरी व चौथी रेल लाइन की योजना भी जंक्शन की भविष्य की क्षमता बढ़ाने में अहम होगी। अतिरिक्त लाइन मिलने से यात्री व मालगाड़ियों के दबाव को अलग-अलग मार्गों पर बांटना आसान होगा।
इससे परिचालन में सुगमता, समयपालन में सुधार के साथ नई ट्रेनों के संचालन की संभावनाएं बढ़ेंगी। पार्किंग, पहुंच मार्ग, स्मार्ट प्रकाश व्यवस्था व डिजिटल सूचना प्रणाली जैसी योजनाएं भी जंक्शन को आधुनिक स्वरूप देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।
पीडीडीयू जंक्शन की यात्री सुविधाओं को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप विकसित किया जा रहा है। होम प्लेटफॉर्म बनने से यात्रियों को टिकट काउंटर से सीधे प्लेटफॉर्म तक पहुंचने की सुविधा मिलेगी। विशेषकर बुजुर्ग, दिव्यांग व महिला यात्रियों को इसका सीधा लाभ होगा। प्लेटफॉर्मों की संख्या बढ़ने से परिचालन के विकल्प भी बढ़ेंगे। अमृत भारत स्टेशन योजना सहित अन्य परियोजनाओं के पूरा होने पर जंक्शन आधुनिक यात्री सुविधाओं से सुसज्जित होगा।
उदय सिंह मीना, मंडल रेल प्रबंधक, डीडीयू मंडल