बुलंदशहर-अमरोहा के बीच सीधा संपर्क टूटा, अब तय करनी होगी 30 किमी अतिरिक्त दूरी; यह है वजह
Bulandshahr News: बुलंदशहर और अमरोहा के बीच अवंतिका देवी गंगा घाट पर बना अस्थायी पैंटून पुल हटा दिया गया है, जिससे दोनों जिलों का सीधा संपर्क टूट गया ...और पढ़ें

बुलंदशहर-अमरोहा के बीच अवंतिका देवी गंगा घाट पर बना अस्थायी पैंटून पुल। जागरण
HighLights
अवंतिका देवी घाट का अस्थायी पैंटून पुल हटाया गया।
किसानों, श्रद्धालुओं को परेशानी, स्थायी पुल की मांग।
संवाद सूत्र, अहार (बुलंदशहर)। अवंतिका देवी गंगा घाट पर बने अस्थायी पैंटून पुल को लोक निर्माण विभाग ने पूरी तरह हटा दिया है। पुल हटने के साथ ही बुलंदशहर और अमरोहा के बीच सीधा संपर्क टूट गया है, जिससे हजारों ग्रामीण, किसान और श्रद्धालुओं की परेशानियां बढ़ गई हैं।
पुल बंद होने का सबसे अधिक प्रभाव गंगा पार पालेज की खेती करने वाले किसानों पर पड़ा है। अब किसानों को अपनी फसलों तक पहुंचने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ेगा। वहीं, अमरोहा आने-जाने वाले लोगों को करीब 30 किमी अतिरिक्त दूरी तय कर अनूपशहर अथवा भगवानपुर मार्ग से सफर करना होगा।
अवंतिका देवी गंगा घाट का यह पैंटून पुल क्षेत्रवासियों के लिए आवागमन का प्रमुख साधन था। प्रतिदिन हजारों लोग पैदल, साइकिल, बाइक तथा अन्य हल्के वाहनों से इस पुल का उपयोग करते थे। पुल हटने के बाद श्रद्धालुओं को भी अवंतिका देवी मंदिर, अंबकेश्वर महादेव, सिद्ध बाबा समेत अन्य धार्मिक स्थलों तक पहुंचने के लिए नाव से यात्रा करनी पड़ेगी।
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लोक निर्माण विभाग के कर्मचारियों ने बताया कि बरसात के मौसम में गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगता है। ऐसे में पैंटून पुल के पीपे बहने का खतरा बना रहता है, जिससे किसी बड़े हादसे की आशंका बनी रहती है।
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लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुल हटाने का निर्णय लिया गया है। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि प्रत्येक वर्ष बरसात के दौरान पैंटून पुल हटने से लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। यदि गंगा पर स्थायी पुल का निर्माण हो जाए तो बुलंदशहर और अमरोहा के बीच आवागमन सुगम होने के साथ व्यापार, खेती और धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। स्थानीय लोगों ने बताया कि उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को भी इस संबंध में ज्ञापन सौंपा गया था।
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उस समय गंगा पर पक्का पुल बनाने का आश्वासन मिला था, लेकिन वर्षों बीत जाने के बाद भी निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं हो सका। अब क्षेत्रीय जनता ने शासन से शीघ्र स्थायी पुल निर्माण कराने की मांग दोहराई है।