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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 30, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Bulandshahr News: इलाज के अभाव में सांस रोगी बुजुर्ग की तड़पकर मौत, स्वास्थ्य कर्मियों ने परिजनों को भी पीटा

    Updated: Mon, 30 Jun 2025 03:21 PM (IST)

    बुलंदशहर के जहांगीराबाद सीएचसी में इलाज न मिलने से एक सांस रोगी की मौत हो गई। परिजनों ने सीएचसी स्टाफ पर मारपीट का आरोप लगाया है। आरोप है कि मरीज को 4 ...और पढ़ें

    इलाज के अभाव में सांस रोगी बुजुर्ग की तड़पकर मौत, स्वास्थ्यकर्मियों ने स्वजन को भी पीटा
    इलाज के अभाव में सांस रोगी बुजुर्ग की तड़पकर मौत, स्वास्थ्यकर्मियों ने स्वजन को भी पीटा

    जागरण संवाददाता, बुलंदशहर। अव्यवस्थाओं के लिए बदनाम स्वास्थ्य विभाग में जहांगीराबाद सीएचसी पर अराजकता सामने आई है। आरोप है कि यहां इलाज न मिलने पर 65 वर्षीय सांस रोगी की मौत हो गई। 

    शिकायत करने पर सीएचसी के स्टाफ ने मरीज के तीमारदार को पीट भी दिया। जिस समय तीमारदारों को पीटा गया, उस समय वहां भाजपा के मंडल अध्यक्ष और पुलिसकर्मी भी मौजूद थे। 

    आरोप है कि सरकारी एंबुलेंस के चालक ने भी मरीज को जिला अस्पताल ले जाने से इनकार कर दिया। मामले का वीडियो साेशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

    जहांगीराबाद सीएचसी पर पहुंचे महाराजपुर निवासी ग्रामीणों ने बताया कि गांव निवासी 65 वर्षीय अशोक शर्मा की शनिवार की शाम तबीयत बिगड़ गई। इलाज के लिए स्वजन उनको जहांगीराबाद सीएचसी पर लेकर पहुंचे। 

    आरोप है कि 42 मिनट तक स्टाफ या कोई चिकित्सक इलाज के लिए नहीं आया। सांस लेने में तकलीफ बढ़ती गई। अशोक शर्मा के साथ आए पड़ोसी कुलदीप शर्मा ने बताया कि मदद के लिए सरकारी एम्बुलेंस नंबर पर काल की गई। 

    एंबुलेंस चालक से कहा गया कि उन्हें इलाज के लिए किसी और जगह की बजाय सीधे बुलंदशहर ले जाए, लेकिन एंबुलेंस चालक जहांगीराबाद सीएचसी लेकर पहुंचा। 

    आरोप है कि अशोक शर्मा को 42 मिनट तक सीएचसी जहांगीराबाद में इलाज नहीं मिला। उनकी सुनने वाला कोई नहीं था। डाक्टर और कर्मचारी से इलाज करने को कहा तो उल्टे उन्हें ही धमकाने लगे। सांस न आने की वजह से अशोक शर्मा तड़पने लगे और उनकी मौत हो गई। 

    विरोध करने पर चिकित्सक व स्वास्थ्यकर्मियों ने स्वजनों के साथ जमकर मारपीट की जिसका वीडियो साेशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। स्वजन का कहना है कि उनके साथ जब मारपीट की गई तो भाजपा के शिवाली मंडल अध्यक्ष आदेश पोसवाल और पुलिस भी सीएचसी पर मौजूद थी। 

    सीएचसी अधीक्षक डा. आशीष मुदगल ने बताया कि व्यक्ति सांस का मरीज था। उसे तुरंत ही उपचार दिया गया। इलाज के दौरान ही मरीज की मौत हो गई। कोई लापरवाही नहीं बरती गई। कितनी देर में इलाज मिला, अस्पताल में सब एंट्री मौजूद हैं। यदि किसी कर्मी ने स्वजनों के साथ मारपीट की है। उसका साक्ष्य मिलता है तो कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। 

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    सीएमओ डा. सुनील दोहरे का कहना है कि मरीज को इलाज दिया गया। यह उसके स्वजन ने लिखकर दिया है। फिर भी टीम भेजकर जांच कराई जाएगी।

    अस्पताल से नदारद रहते हैं सीएचसी प्रभारी

    स्थानीय लोगों का कहना है कि सीएचसी के प्रभारी डा आशीष मुदगल सप्ताह में कई दिन अस्पताल से नदारद रहते हैं। बुधवार और शुक्रवार को भी सीएचसी प्रभारी अस्पताल में नहीं थे। 

    पूछने पर सीएचसी प्रभारी मीटिंग में या सरकारी काम से बाहर जाने की बात मरीजों को बताते हैं। डा. मुदगल पांच साल से ज्यादा जहांगीराबाद सीएचसी में तैनात है। इनके खिलाफ एसडीएम के निरीक्षण में भी नदारद मिलने पर कार्रवाई की जा चुकी है।