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    हैरान करने वाला मामला: सरकारी मेडिकल कालेज में बाहर की दवा ही नहीं, पर्चे पर प्राईवेट स्टोर का पता भी लिख रहे डॉक्टर

    By Jagmohan Sharma Edited By: Praveen Vashishtha
    Updated: Tue, 21 Apr 2026 04:43 PM (IST)

    Bulandshahr News : बुलंदशहर के कल्याण सिंह राजकीय मेडिकल कॉलेज में सरकारी आदेशों की अनदेखी करते हुए निजी मेडिकल स्टोर से ब्रांडेड दवाएं लिखने का मामला ...और पढ़ें

    जिला अस्पताल के पर्चे पर लिखा निजी मेडिकल स्टोर  का पता l

    जिला अस्पताल के पर्चे पर लिखा निजी मेडिकल स्टोर का पता l

    HighLights

    1. सरकारी आदेशों की अनदेखी कर रहे हैं कई डॉक्टर

    2. निजी मेडिकल स्टोर से ब्रांडेड दवाएं लिख रहे हैं।

    जागरण संवाददाता, बुलंदशहर। कल्याण सिंह राजकीय मेडिकल कालेज के चिकित्सक शासन के आदेशों को धता बता रहे हैं। सरकार बार-बार निर्देश दे रही है कि सरकारी अस्पताल में आने वाले मरीजों को अस्पताल के काउंटर से दवा दी जाए या फिर जेनेरिक दवाएं लिखी जाएं।
    बावजूद इसके कई चिकित्सक निजी मेडिकल स्टोर से सांठगांठ कर न सिर्फ ब्रांडेड दवाएं लिख रहे हैं, बल्कि मेडिकल स्टोर का पता भी पर्चे के पीछे लिखकर दे रहे हैं।

    मरीजों को निजी दुकानों से दवा लेने का दबाव

    सोमवार को मेडिकल कालेज के त्वचा रोग विभाग में मरीज पहुंचे और महिला चिकित्सक को स्किन की समस्या बताई। महिला चिकित्सक ने कहा कि सरकार अस्पताल की दवा काम की नहीं है। बाहर के मेडिकल स्टोर से लेना। मरीज ने पूछा कौन सा मेडिकल स्टोर तो चिकित्सक ने अंसारी रोड स्थित एक मेडिकल स्टोर का नाम पर्चे के पीछे लिख दिया।

    मरीज ने कहा कि मैडम यह तो महंगी होगी तो महिला चिकित्सक ने जवाब दिया कि आराम चाहिए या नहीं। इस पर मरीज चुप रहा और फिर पर्चा लेकर बाहर आ गया। ऊपरकोट निवासी आसिफ भी चिकित्सक को दिखाने पहुंचा और बाहर की दवा का पर्चा लेकर पैसे बचाने के चक्कर में जन औषधि केंद्र पर पहुंचा और जेनेरिक दवा खरीद ली। इसके बाद मरीज वापस ओपीडी में चिकित्सक के पास पहुंचा और दवा के सेवन के बारे में जानकारी करने लगा।

    इस पर स्टाफ और चिकित्सक ने मरीज को फटकारा। मरीजों ने बताया कि जिला अस्पताल में जरूरतमंदों को न तो निश्शुल्क दवा मिल रही और न ही समय पर उनकी जांच हो पा रही है। ओपीडी में आने वाले रोगियों के सरकारी पर्चे पर डाक्टर आधे से ज्यादा दवाएं निजी मेडिकल स्टोर की लिख रहे हैं। डाक्टरों की मनमानी से अस्पताल में आने वाले मरीजों को मुफ्त दवा का लाभ नहीं मिल पा रहा है।

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    इन्होंने कहा

    बाहर की दवा न लिखी जाए। इसके लिए स्पष्ट निर्देश दे रखे हैं। सभी प्रकार की ट्यूब और पांच तरह की एंटी एलर्जिक क्रीम और टेबलेट उपलब्ध हैं। कुल 163 प्रकार की दवाएं अस्पताल में उपलब्ध हैं। दवाएं पर्याप्त मात्रा में मौजूद हैं। जेनेरिक दवा के लिए जिला अस्पताल में जनऔषधि केंद्र खुला है। जांच कराएंगे और चिकित्सक से जवाब तलब करेंगे।
    डा. संजय मिश्रा, कार्यवाहक प्राचार्य, मेडिकल कालेज