विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

गैस किल्लत के बाद बाजार में बढ़ गई इंडेक्शन चूल्हे की बिक्री, फ्राई पैन और छोटे भगोनों की भी डिमांड

Updated: Mon, 06 Apr 2026 04:46 PM (IST)

बुलंदशहर में पिछले 35 दिनों से जारी रसोई गैस संकट ने लोगों को इंडक्शन चूल्हे खरीदने पर मजबूर कर दिया है। इससे नए बर्तनों की भी मांग बढ़ गई है, जिससे लोगों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।

News Article Hero Image

HighLights

  1. बुलंदशहर में 35 दिन से रसोई गैस संकट जारी है।

  2. गैस किल्लत के कारण इंडक्शन चूल्हे और बर्तनों की बिक्री बढ़ी।

  3. कंपनियों ने सामान्य बर्तनों के अनुकूल इंडक्शन चूल्हे बनाए।

जागरण संवाददाता, बुलंदशहर। पिछले 35 दिन से रसोई गैस का संकट बरकरार बना हुआ है। एलपीजी गैस की किल्लत लोगों की जेब पर भारी पड़ रही है। गैस न मिल पाने की वजह से लोगों ने इंडक्शन चूल्हा खरीदा तो अब नए बर्तन भी खरीदने पड़ रहे हैं। इससे लोगों की जेब ढीली हो रही है। बाजार में हर रोज इंडेक्शन बर्तन की खरीददारी कर रहे हैं।

रसोई गैस किल्लत के चलते न केवल विकल्प के तौर पर बल्कि आपात स्थिति के लिए बड़ी संख्या में लोगों ने इंडक्शन चूल्हे खरीदे हैं। इन चूल्हों पर किचन में मौजूद सामान्य आकार वाले बर्तन काम नहीं कर रहे हैं। इन पर इस्तेमाल होने वाले बर्तनों की नीचे की सतह फ्लैट यानी सपाट होना जरूरी है। इसके चलते अब लोग इंडक्शन चूल्हों के लिए अलग बर्तन खरीद रहे हैं।

बाजार के बर्तन कारोबारी सतीश ने बताया कि बीते एक महीने में बर्तनों की कुल बिक्री में 60 से 70 प्रतिशत बर्तन इंडक्शन चूल्हे पर इस्तेमाल होने वाले बिके हैं। सबसे ज्यादा डिमांड प्रेशर कुकर और कढ़ाई की बढ़ी है। इनके अलावा तड़का लगाने के लिए फ्राई पैन, छोटे भगोनों की भी मांग बढ़ रही है।

इंडक्शन चूल्हे के लिए घरों में चंद बर्तन बदलना आसान है, लेकिन रेस्तरां, होटलों और ढाबों में बड़े और महंगे बर्तनों को बदलना मुश्किल है। इसको देखते हुए कंपनियों ने इंडक्शन कुकटाप के डिजाइन में ही बदलाव कर दिया है।

ज्यादा खाना बनाने के लिए हैवी और गोलाकार सरफेस वाले इंडक्शन चूल्हे भी बाजार में आ गए हैं। इन पर सामान्य आकार वाले बर्तनों का इस्तेमाल किया जा सकेगा। कई कंपनियों ने एक ही चूल्हे में दो सरफेस दिए हैं, ताकि सपाट तली वाले और नीचे से गोलाकार वाले दोनों तरह के बर्तन इस्तेमाल किए जा सके।

बर्तन चुनने में बरतें सावधानी

इंडक्शन चूल्हों के लिए बर्तन चुनना थोड़ा अलग होता है, क्योंकि इसमें गैस की तरह आग नहीं बल्कि मैग्नेटिक (चुंबकीय) हीटिंग से खाना बनता है। इसलिए हर बर्तन इसमें सही काम नहीं करता। इंडक्शन के लिए सबसे अच्छे बर्तन वही होते हैं जिनका तला मैग्नेटिक हो।

ऐसे बर्तनों के फायदे

  • बिजली की बचत
  • खाना जल्दी बनता है
  • ज्यादा सुरक्षित (खुली आग नहीं)
  • किचन साफ रहता है (धुआं कम)
  • तापमान कंट्रोल करना आसान

इनका करें उपयोग

  • शुद्ध एल्यूमीनियम (जब तक इंडक्शन बेस न हो)
  • ग्लास/सिरेमिक सरीखे बर्तनों का उपयोग नहीं करें
  • बहुत गोल तले वाले बर्तन