उत्पादन रकबा बढ़ा तो खरीद केंद्र भी बढ़ गए, अब नौ केंद्रों पर होगी दलहन और तिलहन की खरीद
बुलंदशहर जिले में दलहन और तिलहन फसलों का रकबा बढ़ने के कारण अब इनकी खरीद के लिए नौ नए केंद्र बनाए गए हैं। इन केंद्रों पर चना, सरसों, मसूर और अरहर की ख ...और पढ़ें

(प्रतीकात्मक फोटो)
HighLights
बुलंदशहर में दलहन-तिलहन खरीद के लिए नौ केंद्र बने।
रकबा बढ़ने के कारण केंद्रों की संख्या बढ़ाई गई।
चना, सरसों, मसूर, अरहर की खरीद MSP पर होगी।
जागरण संवाददाता, बुलंदशहर। जिले में इस बार रकबा बढ़ने के कारण दलहन/तिलहनी फसलों की खरीद के लिए नौ केंद्र बनाए गए हैं। केंद्र निर्धारण में सभी तहसील क्षेत्र के किसानों की सहूलियत का ध्यान रखा गया है। फसल अधिक होने के कारण स्याना और डिबाई तहसील क्षेत्र में दो-दो केंद्र बनाए गए हैं। सहकारिता विभाग ने पारदर्शी व्यवस्था के साथ इन केंद्रों पर किसानों को यह सुविधा प्रदान की गई है।
जिले में गेहूं, गन्ना, धान मुख्य फसल है। ऐसे में जिले में दलहन/तिलहनी फसल कम बोई जाती है। हालांकि इस बार दलहन/तिलहनी फसल का रकबा बढ़ने से गेहूं का क्षेत्रफल कम भी हुआ है। सरकार की ओर से समर्थन मूल्य घोषित कर 30 जून तक खरीद के निर्देश मिल चुके हैं।
ऐसे में पिछले कई वर्षों से जहां दलहन/तिलहनी उपज का एक ही क्रय केंद्र बनाया जाता था, अब इनकी संख्या बढ़ाकर नौ की गई है। जहां दलहन/तिलहनी फसलों में चना 5,875 रुपये प्रति कुंतल, सरसों 6,200 रुपये प्रति कुंतल, मसूर 7,000 रुपये प्रति कुंतल, अरहर की उपज 8,000 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदने की पारदर्शिता व्यवस्था का अफसर दावा कर रहे हैं।
यह बनाए दलहन/तिलहनी क्रय केंद्र और इन्हें सौंपी जिम्मेदारी
तहसील - संस्था - स्थान - केंद्र प्रभारी
बुलंदशहर - सहकारी समिति केंद्रीय उपभोक्ता भंडार - मंडी - चंद्र प्रताप
सिकंदराबाद - क्रय-विक्रय - मंडी - अमित कुमार
खुर्जा - क्रय-विक्रय - मंडी - मयंक
खबरें और भी
शिकारपुर - बी-पैक्स - मंडी - शादाब
अनूपशहर - बी-पैक्स - मंडी - जुगल किशोर
डिबाई - बी पैक्स उत्तरी एवं बी पैक्स गंगापुर - संघप्रिय गौतम एवं हेमंत कुमार
स्याना - संघ स्याना एवं बी-पैक्स जहांगीराबाद - अभय चौधरी एवं अमित कुमार
तिलहनी (क्षेत्रफल हेक्टेयर)
सरसों/राई - 15892
तिलहन - 27634
अलसी - 18
दलहनी (क्षेत्रफल हेक्टेयर में)
चना - 70
मटर - 301
मसूर - 1907
अरहर - 2635
मैपिंग के अनुसार बनाए गए हैं केंद्र
पिछले कई सालों से मात्र एक केंद्र पर ही दलहन/तिलहनी फसलों की खरीद कराई जाती थी। अब जिले में इन फसलों का रकबा बढ़ने के कारण नौ केंद्र बनाए गए हैं। जिले की मैपिंग के अनुसार सभी तहसील क्षेत्रों में केंद्र बनाए हैं, ताकि किसानों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
अमित कुमार त्यागी, एआर-कापरेटिव