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    Meerut-Pauri Highway के भूमि अधिग्रहण से जुड़े विवाद निपटे, अब बाईपास और गंगा पुल का काम पकड़ेगा रफ्तार

    By Navneet Sharma Edited By: Praveen Vashishtha
    Updated: Thu, 02 Jul 2026 08:27 PM (IST)

    मेरठ-पौड़ी हाईवे-119 के बिजनौर खंड में भूमि अधिग्रहण विवाद सुलझ गए हैं, जिससे निर्माण कार्य में तेजी आएगी। हाईकोर्ट के निर्देश पर एनएचएआई ने मुआवजे की ...और पढ़ें

    मुआवजे काे लेकर वाद के चलते बैराज रोड पर अटका था बाइपास निर्माण का कार्य। जागरण

    मुआवजे काे लेकर वाद के चलते बैराज रोड पर अटका था बाइपास निर्माण का कार्य। जागरण

    HighLights

    1. हाईवे के लिए अधिग्रहीत भूमि के विवाद निपटारा कर जमा कराए गए रुपये

    2. 1.66 करोड़ की धनराशि किसानों के लिए जनपद न्यायालय में जमा कराई जाएगी

    जागरण संवाददाता, बिजनौर। मेरठ-पौड़ी हाईवे-119 का गंगा बैराज से बिजनौर तक 12.50 किमी का हिस्सा पड़ता है। जिसका निर्माण कार्य तेजी से जारी है। लेकिन यहां भूमि अधिग्रहण को लेकर कई मामले हाईकोर्ट में लंबित होने के कारण निर्माण कार्य में देरी हो रही थी। लेकिन गुरुवार को हाईकोर्ट के निर्देश पर एनएचएआई ने 19.8 करोड रुपये संबंधित के खाते में जमा कराए। ऐसे ही जिन किसानों से विवाद लंबित है उनके लिए मुआवजे के रूप में 1.66 करोड़ रुपये की धनराशि जनपदीय न्यायालय में जमा कराई जाएगी।

    मेरठ-पौड़ी हाईवे-119 का चार चरण में निर्माण कार्य किया गया। पहला चरण मेरठ से बहसूमा तक और दूसरा चरण बहसूमा से मेरठ तक और तीसरे चरण में बिजनौर से नजीबाबाद तक का कार्य पूरा किया गया। जबकि तीसरे चरण में नजीबाबाद से कोटद्वार तक का निर्माण कार्य जारी है। ऐसे ही बहसूमा से बिजनौर तक हाईवे का निर्माण भी अभी जारी है। लेकिन हाईवे चौड़ीकरण के लिए किसानों की अधिग्रहीत की गई भूमि के मुआवजे वितरण को लेकर कई वाद भी हाईकोर्ट में लंबित थे।

    अब गुरुवार को हाईकोर्ट के निर्देश पर मुआवजा राशि के रूप में एनएचएआई ने 19.8 करोड़ रुपये की धनराशि जमा करा दी है। ऐसे ही जनपद न्यायालय में भी मआवजे के रूप में किसानों के लिए 1.66 करोड़ रुपये की धनराशि पांच जुलाई तक जमा कराई जाएगी। इसके लिए एनएचएआई ने न्यायालय से बैंक खाते की जानकारी मांगी है, ताकि मुआवजा राशि जमा कराई जा सके।

    उधर, 8.29 लाख रुपये के मुआवजे का भुगतान इसलिए अभी लंबित स्थिति में है, क्योंकि मुआवजा राशि का हकदार व्यक्ति अभी विदेश में है। उधर, जनपद स्तरीय न्यायालय में लंबित वादों के निस्तारण के लिए छह माह का समय भी दिया गया है।

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    निपट गए विवाद, अब तेज होगा काम

    हाईवे-119 का बहसूमा से बिजनौर तक करीब 40 किमी लंबे हिस्से का निर्माण कार्य तेजी से पूरा करने पर जोर है। गंगा पर तैयार हो रहे नए पुल पर भी गर्डर डालने का कार्य शुरू हो चुका है लेकिन बिजनौर शहर पार करने के लिए बनाया जा रहा करीब सात किमी लंबा बाइपास का निर्माण कार्य मात्र 50 मीटर लंबे टुकड़े के विवाद के कारण उलझा हुआ था। अब मुआवजा राशि से संबंधित विवाद निस्तारित होने के कारण अब बाइपास का निर्माण कार्य भी तेजी से पूरा किया जाएगा।

    इन्होंने कहा

    हाईवे-119 का बहसूमा से बिजनौर तक का हिस्सा तीन जनपद पड़ता हैं। जिसमें 10.50 किमी का हिस्सा मेरठ जनपद में पड़ता है। जहां चार गांवों में सर्किल रेट का मामला उलझा हुआ था, अब इसे सुलझा लिया गया है। ऐसे ही मुजफ्फरनगर जनपद में हाईवे का 17 किमी लंबा हिस्सा पड़ता है। यहां भी कई स्थानों पर विवाद था। बिजनौर में भी 12.50 किमी का हिस्सा पड़ता है। अब यहां भी विवाद हल हो गए हैं और मुआवजा राशि भी जमा करा दी गई है।
    -आशीष शर्मा, एसडीओ एनएचएआई