...और अपने पुराने स्वरूप में आ गई मालन, ग्रामीणों ने ली राहत की सांस
चार दिन रौद्र रूप दिखाने के बाद मालन नदी अपने सामान्य स्तर पर लौट आई है, जिससे रावली-शहजादपुर रपटे से पानी उतर गया है। ...और पढ़ें

जलीलपुर के खादर क्षेत्र में भरे पानी के बीच से बैल गाड़ी पर सवार होकर जाते ग्रामीण। जागरण
HighLights
मालन नदी चार दिन बाद अपने पुराने स्वरूप में लौटी।
शहजादपुर रपटे से पानी उतरने से आवागमन बहाल।
खेतों में पानी आना बंद, बिजनौर के ग्रामीणों ने ली राहत।
संवाद सूत्र, बेगावाला (बिजनौर)। चार दिन रौद्र रूप दिखाने के बाद मालन की धारा अपने पुराने रूप में आ गई है। मालन का पानी रावली शहजादपुर रपटे पर बहना भी बंद हो गया है। हालांकि पानी अभी भी खेतों में भरा हुआ है। मालन का पानी खेतों में आना बंद होने से ग्रामीणों ने भी राहत की सांस ली है।
मालन में पहाड़ों पर होने वाली बरसात का पानी आता है। रावली में मालन की धारा गंगा में मिल जाती है। पिछले सप्ताह पहाड़ों पर हुई बरसात से गुरुवार को मालन की धारा उफन गई थी। मालन का पानी आसपास के कई गांवों के खेतों में भर गया था। साथ ही रावली, शहजादपुर, बादशाहपुर, मानशापुर, भोगपुर, दयालवाला आदि दर्जन भर गांवों को मुख्यालय से जोड़ने वाले रावली-शहजादपुर रपटे पर भी मालन का पानी आ गया था।
मालन का पानी रपटे पर दो फीट तक बह रहा था। पानी के तेज वेग को देखते हुए यहां से लोगों का पैदल या अन्य वाहनों से निकलना बंद कर दिया गया था। यहां ग्रामीणों को रपटा पार कराने के लिए दो नावों को तख्तों से जोड़कर जोड़े वाली नाव बनाई गई थी। शनिवार रात को मालन का पानी रपटे से उतरा बंद हो गया। खेतों में भी नदी का पानी आना बंद हो गया है। सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता पंकज वैश्य के अनुसार मालन की धारा अब शांत है। मालन का रपटा भी पूरी तरह सुरक्षित है।