VIDEO: आस्था और इंसानियत का महासंगम: जनाजे के सम्मान में मेरठ की तरह बिजनौर में भी थमे कांवड़ियों के कदम; बंद किया DJ
मेरठ की तरह बिजनौर में भी कांवड़ियों ने जनाजे के सम्मान में अपनी यात्रा रोक दी और डीजे बंद कर ...और पढ़ें
HighLights
पूर्व सभासद मास्टर नसीम जफर के जनाजे के गुजरने तक कांवड़ियों ने बंद रखा डीजे।
मेरठ में भी जनाजे के सम्मान में मेरठ-रुड़की हाईवे पर कांवड़ियों ने रोकी थी यात्रा।
संवाद सूत्र, स्योहारा (बिजनौर)। मेरठ के बाद बिजनौर में भी गंगा-जमुनी तहजीब की एक और मिसाल सामने आई। स्योहारा में पूर्व सभासद मास्टर नसीम जफर के जनाजे के दौरान हरिद्वार से कांवड़ लेकर लौट रहे कांवड़ियों ने अपनी यात्रा रोक दी। जनाजे के सम्मान में डीजे भी बंद कर दिया गया। जनाजा आगे निकलने के बाद कांवड़ियों ने कुछ दूरी पर पहुंचकर फिर से अपनी यात्रा शुरू की और डीजे बजाया।
इस भावुक पल का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो देखकर लोगों ने आपसी भाईचारे की सराहना की। सोशल मीडिया पर लोगों ने ‘हिंदू-मुस्लिम एकता जिंदाबाद’ के नारे के साथ टिप्पणी की कि ‘यही असली हिंदुस्तान है।’ लोगों का कहना था कि नसीम जफर हमेशा आपसी सौहार्द के हिमायती रहे और जाते-जाते भी वह समाज को भाईचारे की एक मिसाल दे गए।
कांवड़ियों ने दिया अच्छा संदेश
शहर इमाम मौलाना कामिल अंसारी ने कहा कि कांवड़ियों ने अपनी सभ्यता का परिचय देते हुए जनाजे के सम्मान में यात्रा रोककर और डीजे बंद कर अच्छा संदेश दिया है। डा. मनोज वर्मा ने कहा कि स्योहारा की पहचान ही गंगा-जमुनी तहजीब से है। नसीम जफर के जनाजे के दौरान कांवड़ियों द्वारा यात्रा रोककर संवेदना व्यक्त करना इसी परंपरा को नई पहचान देता है। समाज में एक-दूसरे की भावनाओं का सम्मान होना चाहिए।
मेरठ में भी हजारों कांवड़ियों ने पेश की थी सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल
रविवार को मेरठ में भी सांप्रदायिक सौहार्द की ऐसी ही मिसाल सामने आई थी। मेरठ-रुड़की हाईवे पर कांवड़ यात्रा के दौरान इंसानियत और सामाजिक सौहार्द की एक मिसाल देखने को मिली। सिवाया गांव निवासी 40 वर्षीय निजाम का हार्ट अटैक से निधन हो गया था। परिजन जनाजा लेकर कांवड़ मार्ग के दूसरी ओर स्थित कब्रिस्तान के लिए निकले।
जनाजा जब हाईवे पर पहुंचा, तो हजारों कांवड़ियों के कदम स्वतः थम गए थे। उन्होंने डीजे बंद कर दिए थे। किसी प्रकार का शोर या जयघोष नहीं किया गया। जनाजा के गुजरने तक कांवड़िये सड़क किनारे खड़े रहे। हाईवे पर कांवड़ियों की भारी भीड़ के बीच जनाजा निकालना चुनौतीपूर्ण लग रहा था।
दौराला थाना प्रभारी सुमन कुमार सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और व्यवस्था संभालने का प्रयास किया। जब कांवड़ियों को जनाजे के गुजरने की जानकारी मिली, तो उन्होंने स्वयं आगे बढ़कर सहयोग किया। शिवभक्तों ने एक-दूसरे को संकेत देकर हाईवे पर रास्ता खाली कराया, जिससे जनाजा बिना किसी बाधा के निकल सका।
इस सहयोग के लिए कांवड़ियों की सभी ने सराहना की। लोगों का कहना था कि यह केवल रास्ता देने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अंतिम संस्कार के प्रति सम्मान भी दर्शाया गया। जनाजा निकलने के बाद कांवड़ियों ने अपनी यात्रा पुनः शुरू की थी।
