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UP में हड़पी MP के पूर्व मुख्यमंत्री की 26 बीघा जमीन, पिता का फर्जी डेथ सर्टिफिकेट बनवाकर की धोखाधड़ी, दो गिरफ्तार

By Birendra Kumar Edited By: Praveen Vashishtha
Published: Thu, 01 Oct 2026 05:19 PM (GMT+05:30)

Bijnor News: मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री व कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमलनाथ की उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में ...और पढ़ें

बिजनौर पुलिस लाइन में आयोजित प्रेस वार्ता में जानकारी देते एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई और पुलिस गिरफ्त में दो आरोपित।

बिजनौर पुलिस लाइन में आयोजित प्रेस वार्ता में जानकारी देते एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई और पुलिस गिरफ्त में दो आरोपित।

HighLights

  1. पूर्व सीएम के पिता का फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र जारी कराया।

  2. बिजनौर जिले के गांव अमी खानपुर में है यह जमीन।

जागरण संवाददाता, बिजनौर। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ की 26 बीघा जमीन हड़पने के लिए गहरी साजिश रची गई। जमीन की फर्जी वसीयत और उनके पिता का मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाया गया। जानकारी होने पर पूर्व मुख्यमंत्री ने नजीबाबाद थाने में मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने मामला का राजफाश करते हुए गुरुवार को दो आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है।

एसपी ने बताया कि आरोपितों ने फर्जी वसीयत बनवाकर खुद को किसान दर्शाया है। पूर्व मुख्यमंत्री के पिता का फर्जी प्रमाणपत्र बनवाया है। उनकी जमीन को खुर्द-बुर्द किया गया है। जमीन को पूरी तरह कब्जा मुक्त कर उनके सुपुर्द करने की प्रक्रिया चल रही है। अन्य आरोपितों की तलाश की जा रही है।

मध्य प्रदेश के जिला छिंदवाड़ा के कमलाकुंज नागपुर रोड गांव शिकारपुर निवासी निवासी पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने बुधवार को नजीबाबाद थाने में गांव महावतपुर बिल्लौच निवासी धर्मपाल सिंह, मुहल्ला अमीखानपुर निवासी जसविंदर ढिल्लो, जिला देवरिया के गांव बरठी हाल ही निवासी मुहल्ला श्यामली नजीबाबाद निवासी विजय शंकर व लेखपाल डेविड के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।

उन्होंने एफआइआर में बताया कि उनके पिता स्व. महेंद्रनाथ की नजीबाबाद तहसील के गांव अमी खानपुर में 90 बीघा जमीन है। 18 मई 2026 में पूर्व मुख्यमंत्री की ओर से जमीन पर विरासत दर्ज कराने के लिए नजीबाबाद तहसीलदार के यहां आवेदन किया गया। इस पर लेखपाल ने उक्त जमीन पर अन्य वाद भूमि विवादित लिखकर रिपोर्ट तहसीलदार के यहां प्रेषित कर दी। इस दौरान पता चला कि तहसीलदार नजीबाबाद की कोर्ट में उक्त जमीन को लेकर धर्मपाल बनाम ग्राम सभा में वाद चल रहा है। आरोपित धर्मपाल सिंह की ओर से फर्जी वसीयत दाखिल की गई है।

वसीयत 10 अक्टूबर 1098 में बनवाई गई। वसीयत रजिस्ट्रार के यहां पंजीकृत भी नहीं है। पूर्व मुख्यमंत्री का आरोप है कि आरोपितों ने उनके पिता का बिजनौर के नजीबाबाद से फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र 10 अप्रैल 2003 में जारी कराया, जबकि उनके पिता की मृत्यु सात सितंबर 2004 में दिल्ली के एक एस्कार्ट अस्पताल में हुई। इसी आधार पर उनकी 26 बीघा जमीन पर कब्जा कर लिया। बाकी जमीन खुद-बुर्द कर दी। हालांकि, उन्होंने दर्ज रिपोर्ट में पूर्व मुख्यमंत्री नहीं दर्शाया है।

गुरुवार को पुलिस लाइन में आयोजित प्रेस वार्ता में एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने बताया कि इस प्रकरण में धर्मपाल व विजय शंकर को गिरफ्तार किया है। मामला पूर्व मुख्यमंत्री से जुड़ा है। गंभीरता से जांच की जा रही है। जल्द ही अन्य आरोपितों की गिरफ्तारी की जाएगी। उनकी जमीन को खुर्द-बुर्द किया गया है। वापस जमीन पर कब्जा दिलवाने की प्रक्रिया चल रही है। पूर्व मुख्यमंत्री ने पिता ने उक्त जमीन किसी को बटाई पर दे रखी थी। लंबे समय तक कोई जमीन देखने नहीं आया। इसकी का फायदा आरोपितों ने उठाया।