Gorakhpur-Shamli Expressway के पास इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के लिए भूमि अधिग्रहण की तैयारी, विकास की रफ्तार होगी तेज
बिजनौर में मेरठ-पौड़ी हाईवे और प्रस्तावित गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे के पास औद्योगिक गलियारे के लिए सदर तहसील के 10 गांवों में 8 हजार किसानों की भूमि क ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक फोटो
HighLights
बिजनौर तहसील में अंश निर्धारण पूरा।
रिपोर्ट जल्द यूपीडा को भेजी जाएगी।
जागरण संवाददाता, बिजनौर। जनपद से गुजर रहे मेरठ-पौड़ी हाईवे-119 और प्रस्तावित गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे के पास औद्योगिक गलियारे के लिए चयनित तहसील सदर के 10 गांवाें में आठ हजार किसानोंं की पांच सौ हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण करने की कार्यवाही की जाएगी, जबकि ढाई सौ हेक्टेयर सरकारी भूमि है। अंश निर्धारण की कार्यवाही पूरी होने के बाद रिपोर्ट जल्द यूपीडा को भेजी जाएगी।
उत्तराखंड की सीमा पर बसे बिजनौर जनपद में अभी उद्योग काफी कम है और यहां जमीन बहुत है। ऐसे में प्रदेश सरकार का पूरा जोर यहीं की जमीन पर औद्योगिक निवेश को उतारने पर है।
इसके लिए जून 2026 में सदर तहसील के ग्राम पपावर खुर्द, इस्लामपुर जलाल, अलीपुर माखन, खाना पट्टी, उलकपुर, स्वाहेड़ी बुजुर्ग, यूसुफाबाद, किशनपुर, मुंढाला में औद्योगिक गलियारा बनाने के लिए चयन करने के बाद वर्तमान में इन गांवों के किसानों के अंश निर्धारण और सरकारी भूमि चिन्हित किए जाने का काम भी पूरा हो चुका है।
30 जुलाई को यूपीडा के भू-अर्जन अधिकारी राकेश कुमार गुप्ता ने चयनित गांवों का निरीक्षण कर जल्द से जल्द अंश निर्धारण का काम पूरा करने की हिदायत दी थी।
अंश निर्धारण के दौरान पता चला कि इन गांवों के 4,243 गाटा संख्या में दर्ज आठ हजार किसानों की भूमि पांच सौ हेक्टेयर भूमि है, जबकि ढाई सौ हेक्टेयर भूमि सरकारी है।
750 हेक्टेयर भूमि के अंश निर्धारण का काम पूरा
जिला प्रशासन ने तहसील सदर के मंडावर क्षेत्र में मालन नदी के बांये छोर के दस गांव की 1,175 हेक्टेयर भूमि प्रस्तावित की थी, इसमें से करीब 750 हेक्टेयर भूमि के अंश निर्धारण का काम पूरा हो चुका है, इनमें से पांच सौ हेक्टेयर भूमि किसानों की है। औद्योगिक गलियारे के निर्माण के बाद जनपद में विकास की रफ्तार तेज होगी और युवाओं को रोजगार के लिए अपना घर नहीं छोड़ना पड़ेगा।
इन्होंने कहा
औद्योगिक गलियारे के लिए चयनित तहसील सदर के 10 गांवाें में अंश निर्धारण का काम पूरा हाे चुका है। जल्द ही रिपोर्ट यूपीडा को भेज दी जाएगी। -शरद कुमार पाल, एडीएम न्यायिक।