WWE के स्टार रेसलर भदोही निवासी 'वीर महान' वृंदावन की गलियों में कर रहे भिक्षाटन, जप रहे 'राधा-राधा' नाम
WWE रेसलर वीर महान (रिंकू सिंह राजपूत) अब वृंदावन में आध्यात्मिक जीवन जी रहे हैं, जहाँ वे स्वामी प्रेमानंद के संपर्क में आने के बाद भिक्षाटन कर रहे है ...और पढ़ें
HighLights
WWE रेसलर वीर महान वृंदावन में कर रहे हैं भिक्षाटन।
स्वामी प्रेमानंद के संपर्क में आकर अपनाया आध्यात्मिक जीवन।
उनके भिक्षाटन के वीडियो सोशल मीडिया पर हो रहे वायरल।
जागरण संवाददाता, भदोही। वीर महान, जिनका असली नाम रिंकू सिंह राजपूत है, एक प्रसिद्ध भारतीय पेशेवर रेसलर और पूर्व अमेरिकन बेसबॉल खिलाड़ी हैं। उन्होंने विश्व प्रसिद्ध रेसलिंग ब्रांड WWE में अपनी एक खास पहचान बनाई है। उनका जन्म 8 अगस्त 1988 को उत्तर प्रदेश के भदोही (रविदास नगर) जिले के गोपीगंज कस्बे में एक साधारण परिवार में हुआ था।
वीर महान की ऊंचाई लगभग 6 फुट 4 इंच और वजन लगभग 125 किलोग्राम (275 पाउंड) है। रेसलिंग में आने से पहले, रिंकू सिंह ने 2008 में "The Million Dollar Arm" नामक रियलिटी शो जीता था, जहां उन्होंने बिना कभी बेसबॉल खेले सबसे तेज गेंद फेंककर इतिहास रचा। इस पर एक हॉलीवुड फिल्म "Million Dollar Arm" भी बन चुकी है। वह पेशेवर अमेरिकी बेसबॉल लीग में पीटर्सबर्ग पायरेट्स टीम के साथ अनुबंध करने वाले पहले भारतीय बने।
2018 में बेसबॉल को अलविदा कहकर उन्होंने प्रो-रेसलिंग का रुख किया और WWE परफॉर्मेंस सेंटर में ट्रेनिंग ली। उन्होंने WWE Raw और NXT में 'वीर महान' के रूप में अपनी ताकत और खतरनाक मूव्स से खूब सुर्खियां बटोरीं।
हाल ही में, वीर महान वृंदावन की गलियों में सफेद और पीले धोती पहनकर मधुकरी (भिक्षा) मांगते नजर आ रहे हैं। दरअसल, वह WWE के शक्ति प्रदर्शन के बाद स्वामी प्रेमानंद के संपर्क में आए और वहां की गलियों में एक सामान्य इंसान की तरह "राधा राधा" जपते हुए भिक्षाटन कर रहे हैं।
उनके परिजनों ने बताया कि आध्यात्म की ओर उनका झुकाव होने के बाद वह पूरी तरह से धार्मिक हो चुके हैं। अब वह मथुरा वृंदावन में प्रवास करते हुए लोगों के बीच जाकर मधुकरी लेकर अपना गुजारा कर रहे हैं।
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वीर महान का यह नया जीवनशैली उनके प्रशंसकों के लिए एक नई प्रेरणा बन गई है। उनके भिक्षाटन के दौरान के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। यह उनके जीवन के एक नए अध्याय की शुरुआत को दर्शाता है, जहाँ उन्होंने अपने पेशेवर करियर से हटकर आध्यात्मिकता की ओर कदम बढ़ाया है।
वीर महान का यह परिवर्तन न केवल उनके लिए, बल्कि उनके प्रशंसकों और समाज के लिए भी एक महत्वपूर्ण संदेश है। यह दर्शाता है कि व्यक्ति अपने जीवन में किसी भी मोड़ पर बदलाव कर सकता है और नई दिशा में आगे बढ़ सकता है। आध्यात्म और ईश्वर की शरण में सफलता के बाद जाना शांति का अनुभव कराता है।
वीर महान का वृंदावन में भिक्षाटन करना उनके जीवन के एक नए अध्याय की शुरुआत है, जो उनके आध्यात्मिक विकास और समाज के प्रति उनकी जिम्मेदारी को दर्शाता है। उनके इस कदम ने न केवल उन्हें एक साधारण इंसान के रूप में प्रस्तुत किया है, बल्कि यह भी दिखाया है कि कैसे एक सफल व्यक्ति भी अपने जीवन में बदलाव ला सकता है। हालांकि उनमें यह आध्यत्मिक बदलाव अब सोशल मीडिया में भी चर्चा बटोर रहा है।