भदोही में मतेथू के उच्च प्राथमिक विद्यालय में दो वर्षों से पेयजल संकट, मिट्टी में दबा हैंडपंप बना परेशानी का कारण
भदोही के मतेथू गांव स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय में दो साल से पेयजल संकट है, क्योंकि परिसर में लगा हैंडपंप मिट्टी में दबकर खराब हो गया है। छात्रों और ...और पढ़ें

भदोही के मतेथू स्कूल में दो साल से पानी का संकट, मिट्टी में दबा हैंडपंप बना मुसीबत।
HighLights
मतेथू विद्यालय में दो साल से पेयजल संकट जारी।
मिट्टी में दबने से हैंडपंप खराब, मरम्मत नहीं हुई।
छात्र-शिक्षक पानी को तरसे, प्रशासन बेखबर।
जागरण संवाददाता, भदोही। दुर्गागंज अभोली ब्लॉक के मतेथू गांव में स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय में लंबे समय से पेयजल संकट बना हुआ है। विद्यालय परिसर में लगा हैंडपंप पिछले करीब दो वर्षों से खराब पड़ा है, जिसके कारण छात्रों और शिक्षकों को पीने के पानी के लिए भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग जहां परिषदीय विद्यालयों की मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने के दावे कर रहे हैं, वहीं मतेथू का यह विद्यालय उन दावों की हकीकत बयां कर रहा है।
जानकारी के अनुसार, करीब दो वर्ष पहले विद्यालय परिसर को समतल बनाने के लिए मिट्टी डाली गई थी। इस दौरान विद्यालय में लगा हैंडपंप काफी हद तक मिट्टी में दब गया। हैंडपंप की ऊंचाई कम हो जाने के कारण उसमें पानी आना बंद हो गया और धीरे-धीरे वह पूरी तरह खराब हो गया। तब से लेकर आज तक हैंडपंप की मरम्मत या रिबोर का कार्य नहीं कराया गया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि विद्यालय गर्मी की छुट्टियों के कारण लगभग एक महीने तक बंद रहा। इस दौरान हैंडपंप की मरम्मत कराई जा सकती थी, लेकिन संबंधित विभाग और ग्राम पंचायत की ओर से कोई पहल नहीं की गई। अब विद्यालय खुलने के बाद फिर से छात्रों और शिक्षकों को पेयजल की समस्या से जूझना पड़ रहा है।
विद्यालय के शिक्षकों ने बताया कि हैंडपंप की मरम्मत के लिए कई बार ग्राम प्रधान तथा संबंधित विभाग को लिखित रूप से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं हुई। शिकायतों के बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है।
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प्रभारी प्रधानाध्यापक कौशल कुमार ने बताया कि लगभग दो वर्ष पहले विद्यालय परिसर में मिट्टी डालकर जमीन को समतल बनाया गया था। उसी दौरान हैंडपंप मिट्टी में दब गया, जिससे उसकी ऊंचाई कम हो गई और पानी निकलना बंद हो गया। उन्होंने बताया कि इस संबंध में कई बार विभागीय अधिकारियों और ग्राम प्रधान को सूचना दी गई, लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई। उन्होंने विद्यालय के खराब हैंडपंप की शीघ्र मरम्मत और आवश्यक होने पर रिबोर कराने की मांग की है।
ग्रामीणों और अभिभावकों का कहना है कि विद्यालय में शुद्ध पेयजल की व्यवस्था होना बेहद आवश्यक है। उन्होंने जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग से मांग की है कि बच्चों के स्वास्थ्य और सुविधा को ध्यान में रखते हुए विद्यालय के हैंडपंप की तत्काल मरम्मत कराई जाए, ताकि छात्रों और शिक्षकों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो सके।