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    केक से युवक की मौत के बाद बस्ती-गोंडा खाद्य विभाग की बभनान में बड़ी छापेमारी, दुकान से लिया नमूना

    Updated: Tue, 03 Mar 2026 01:53 PM (IST)

    केक खाने से एक युवक की मौत के बाद बस्ती और गोंडा के खाद्य विभाग की संयुक्त टीम ने बभनान में एक गोदाम पर छापा मारा। यह छापेमारी उस जगह हुई जहां से कथित ...और पढ़ें

    बभनान बाजार में खाद्य सुरक्षा विभाग ने की सघन चेकिंग। जागरण

    बभनान बाजार में खाद्य सुरक्षा विभाग ने की सघन चेकिंग। जागरण

    HighLights

    1. केक खाने से युवक की मौत के बाद कार्रवाई।

    2. बस्ती-गोंडा खाद्य टीम ने बभनान गोदाम पर छापा मारा।

    3. खाद्य पदार्थों की अनियमित जांच पर सवाल उठे।

    जागरण संवाददाता, बभनान, (बस्ती)। केक खाने से युवक के मृत्यु के बाद आखिरकार खाद्य विभाग की नींद टूट ही गई। बस्ती व गोंडा के खाद्य विभाग की संयुक्त टीम ने गोंडा जनपद के हिस्से में पड़ने वाले स्टेशन रोड पर स्थित बभनान के उस गोदाम पर छापेमारी की, जहां से आरोपित दुकानदार केक खरीद कर लाने की बात बताई है। छापेमारी से पूरे बभनान बाजार में हड़कंप मच गया। फास्ट फूड सहित चाय पानी की दुकानों का शटर भी धड़ाधड़ गिरने लगा।

    सोमवार दोपहर बाद गोंडा के सहायक आयुक्त खाद्य द्वितीय अजीत कुमार मिश्रा, खाद्य सुरक्षा अधिकारी अंकुर मिश्रा ,संतोष कुमार व बस्ती के सहायक आयुक्त खाद्य चितरंजन, मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी अनिल सिंह , मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी बृजेश वर्मा की टीम बभनान पहुंची। उन्होंने पश्चिम बंगाल के एक कंपनी द्वारा बनाए गए केक का नमूना लिया। जिस कंपनी के केक खाने से रविवार को गौर थाना क्षेत्र के महुआ डाबर गांव निवासी अमन की मृत्यु हो गई थी।

    गोंडा के सहायक आयुक्त खाद्य ने बताया कि गोदाम मालिक ने बताया है कि वह दक्षिण दरवाजा स्थित केक एजेंसी से केक लाया था। वहां पहुंचकर भी मामले की छानबीन की जाएगी। उन्होंने बताया कि एक चैन के माध्यम से केक के निर्माता तक पहुंच जाएगा। उन्हें नोटिस दी जाएगी।

    गौर थाना क्षेत्र के महुआ डाबर गांव के 18 वर्षीय अमन सिंह ने गांव की ही एक दुकान से केक खरीदा। जैसे ही केक खाया कुछ देर बाद पेट दर्द के साथ उल्टी होने लगी। अस्पताल पहुंचने से पहले ही उन्होंने दम तोड़ दिया था।

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    इसी गांव के ओंकार प्रजापति के चार वर्षीय बेटे दुर्गेश ने भी केक का एक टुकड़ा खाया था कुछ देर बाद उसकी भी तबीयत भी बिगड़ गई। उसे बभनान के निजी अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद मेडिकल कालेज कैली अस्पताल में रेफर कर दिया गया। जहां उसका इलाज चल रहा है ।हालांकि ग्रामीण बता रहे हैं कि वह खतरे से बाहर है।

    खाद्य पदार्थों की नियमित जांच ना होने से बढ़ रही फूड प्वाइजनिंग की घटना:

    खाद्य पदार्थों के नियमित जांच ना होने व जागरूकता के अभाव में गौर ब्लाक क्षेत्र में लोग फूड प्वाइजनिंग के शिकार हो रहे हैं। आलम यह है कि लोग न सिर्फ डिब्बा बंद दूषित खाद्य पदार्थों का सेवन कर लें रहे हैं बल्कि ठेले पर बेची जा रहे सड़ी-गली, टिकिया ,बर्गर, चना छोला को भी खा कर बीमार हो जा रहें हैं।

    गौर क्षेत्र में महज 6 माह के भीतर ही दो बड़ी घटनाएं सामने आई हैं। बीते सितंबर माह में गौर थाना क्षेत्र के गोनहा गांव में दुर्गा पूजा के दौरान एक दुकानदार से मसालेदार चना छोले खाकर लगभग 24 बच्चे बीमार पड़ गए थे। फूड प्वाइजनिंग के शिकार हुए इन बच्चों में से अधिकांश को जान बचाने के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।

    वहीं दूसरी घटना महुआ डाबर गांव की है। केक खाने से अमन की मृत्यु हो गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि बभनान ,गौर सहित स्थानीय बाजारों में नियमित चेकिंग ना होने से अमानक खाद उत्पादन की बिक्री धड़ल्ले से हो रही है। जिससे कई बार लोग फूड प्वाईजनिंग के शिकार हुए हैं। बाजारों में मिलावट की भरमार है। बाजारों में यदि छापेमारी की भी जाती है तो महा खानापूर्ति ही रहती है। छापेमारी के नाम पर छोटे दुकानदारों का सैंपल भरकर इतिश्री कर ली जाती है।

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    गांव के बाहर हुआ अंतिम संस्कार फफक उठे लोग:
    पोस्टमार्टम के बाद अमन सिंह का शव सोमवार को घर पहुंचा तो एक बार फिर कोहराम मच गया। उसके पिता संतोष सिंह ने गांव के बाहर उसका अंतिम संस्कार किया। इस बीच मौके पर गौर पुलिस भी मौजूद रहीं।

    थानाध्यक्ष गौर संतोष कुमार ने बताया कि मामले में फूड सेल से लेकर पुलिस हर पहलुओं की जांच कर रही है। अभी पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं आई है पोस्टमार्टम रिपोर्ट आ जाने के बाद मौत का कारण स्पष्ट हो जाएगा।