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    बस्ती सदर विधायक महेन्द्र नाथ यादव का रिपोर्ट कार्ड, कराए छोटे-छोटे काम, बड़े का अरमान

    Updated: Sun, 02 Aug 2026 01:22 PM (IST)

    बस्ती सदर विधायक महेंद्र नाथ यादव ने साढ़े चार साल में सड़क संपर्क और शैक्षिक सुधार जैसे छोटे विकास कार्यों को गति दी है। हालांकि, जनता को बड़े पार्क ...और पढ़ें

    महेन्द्र नाथ यादव, विधायक।

    महेन्द्र नाथ यादव, विधायक।

    HighLights

    1. विधायक ने सड़क संपर्क और शैक्षिक ढांचे को मजबूत किया।

    2. जनता को बड़े पार्क और स्टेडियम का इंतजार है।

    3. वाल्टरगंज चीनी मिल जैसे बड़े मुद्दों पर प्रयास जारी।

    ब्रजेश पांडेय, बस्ती। राजनीति में कुछ विधायक अपनी पहुंच और नाम से पहचाने जाते हैं तो कुछ अपने काम से। सदर विधानसभा क्षेत्र के विधायक महेंद्र नाथ यादव की पहचान हर किसी के लिए सहज उपलब्धता वाले जनप्रतिनिधि की है। जनता की छोटी-बड़ी जरूरतों के बीच उनकी सक्रियता दिखती है, लेकिन साढ़े चार वर्ष के कार्यकाल में क्षेत्र को जिन बड़ी विकास परियोजनाओं की उम्मीद थी, वह पूरी तरह आकार नहीं ले सकीं।

    विधायक निधि से गांवों और मोहल्लों को मुख्य मार्गों से जोड़ने वाली छोटी परियोजनाओं को जरूर लगातार रफ्तार मिली। आरसीसी, खड़ंजा और इंटरलाकिंग पर करीब सात करोड़ रुपये खर्च कर सड़क संपर्क मजबूत किया गया। प्रमुख चौराहों और पाकों को हाईमास्ट की दूधिया रोशनी से जगमगाने के साथ महापुरुषों की स्मृतियों को भी स्थायी पहचान देने की कोशिश हुई।

    हालांकि, विकास की इसी यात्रा में पटेल चौक के पास सरदार पटेल के नाम पर गेट बनवाने का फैसला विवाद और विरोध का कारण भी बना। विधायक ने 13 स्कूलों को अनुदान देकर शैक्षिक ढांचा को मजबूत किया है। पुस्तक व हाल के निर्माण से शैक्षिक वातावरण को गति मिली है। शुद्ध व शीतल पेयजल के इंतजाम पर भी विधायक का फोकस रहा है। जनता को विधायक से बड़े पार्क , खेलकूद के स्टेडियम, जैसी बड़ी परियोजना का इंतजार था। वर्ष 2023-24 में अपने निधि से 52 कार्यों पर 4.98 करोड़ रुपये खर्च किया था।

    2025-26 में 44 कार्य से विकास को रफ्तार दिया। हाल के वर्ष 2025-26 में 70 कार्य प्रस्तावित था, जिसमें अधिकांश पूर्ण हो चुके हैं। रोज सुबह आठ-नौ बजे जनता दर्शन के लिए समय देते हैं। सदर विधानसभा के विकास से जुड़े हर मुद्दे को सदन में मजबूती से उठाया है। प्रमुख चौराहों पर फ्लाईओवर निर्माण, वाल्टरगंज चीनी मिल को पुनः चालू कराने, मुंडेरवा में अग्निशमन केंद्र स्थापित कराने के साथ ही आउटडोर और इंडोर स्टेडियम की स्थापना के लिए अभी प्रयास में लगे हैं।

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    सदर विधायक जुझारू नेता है। लोगों के बीच में रहते हैं, दुख सुख में भी शामिल होते हैं। सबके लिए उपलब्ध रहते हैं। क्षेत्र में विकास कार्य भी दिख रहा है। हां, यह जरूर है कि सत्ता पक्ष के रहते तो विकास की रफ्तार और तेज दिखती। -अभिषेक गुप्ता, व्यवसायी

    विधायक ने बहुत कार्य कराया है। जमीन से जुड़े नेता है। क्षेत्र में दिखते हैं, जिसके कारण लोग आसानी से अपनी समस्याओं को उनसे अवगत करा देते हैं। वह अधिकारियों से अपना कार्य भी करा लेते हैं। किसानों की आवाज सदन में भी उठाते हैं। -मोहम्मद हसन, गनेशपुर

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    छात्र जीवन से ही सदर विधायक को हमने समस्याओं से जूझते देखा है। वह संबंधों को सम्मान देते हैं। लोगों की बात को जिम्मेदार अधिकारियों तक बेबाकी से रखते हैं। शहर में विकास को गति मिली है, लेकिन जितनी उम्मीद थी, उतनी नहीं। -राम कृष्ण पाठक, अधिवक्ता

    हमने कई विधायकों के कार्यों को देखा है। पिछले विधायक भी ठीक थेव वर्तमान भी। दोनों कार्यकाल में विकास हुए हैं। बंद मुंडेरवा मिल को पूर्व विधायक ने चालू कराया था। वर्तमान विधायक वाल्टरगंज मिल को चालू कराना चाहते है, लेकिन सफलता का इंतजार है। -रामाज्ञा चौधरी, जगदीशपुर



    मैं विपक्ष का हूं, फिर भी सत्ता पक्ष के लोगों के यहां भी निधि से सड़कें बनवाई है। रामपुर-देवरिया रोड, अहरा-मुंडरवा व बनकटी मार्ग और शहर में बड़ेवन से लेकर कंपनी बाग तक फोरलेन का कार्य कराया। मुंडेरवा में फायर स्टेशन के लिए भूमि मिल चुकी है, लेकिन करीब 17 करोड़ रुपये की धनराशि अभी तक स्वीकृत नहीं हो सकी है। सदर विधानसभा में 100 शैय्या अस्पताल की स्थापना के लिए भी प्रयासरत हैं। अटल आवासीय विद्यालय के लिए जिला प्रशासन अब तक आवश्यक 10 एकड़ भूमि उपलब्ध नहीं करा सका तो दूसरे विधानसभा क्षेत्र में चला गया।

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    -महेन्द्र नाथ यादव, विधायक

    विधायक ने शहर के लिए कुछ नहीं किया है। जो कुछ भी कार्य हुए हैं, वह पूर्व प्रस्ताव पर है। बड़ेवन से कंपनी बाग तक फोरलेन कराना हमारी उपलब्धि है। सिर्फ इन्होंने महापुरुषों के नाम पर गेट लगवाया है, जिसमें कुछ दिखते भी नहीं। जो सड़कें बनवाई उसकी गुणवत्ता ठीक नहीं है। शहर में एक नाला भी नहीं बनवा सके है। कोई ऐसा कार्य नहीं कराया है, जिससे बढ़ी उपलब्धि मानी जा सके। कोई बात होती है तो कहते हैं कि भाजपा सरकार उनकी नहीं सुनी जाती है, जबकि विधायक निधि सबको बराबर मिलती है। त्वरित योजना एवं पूर्वांचल विकास निधि में भी सरकार कभी कोई भेदभाव नहीं करती।

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    -दयाराम वौधरी, रनरअप