308 नहीं… अब कहिए 250 पहियों वाला ट्रक; बस्ती में पकड़ी रफ्तार, एक ही दिन में 45KM दौड़ा, सफर जारी
लखीमपुर खीरी के बायोप्लास्टिक संयंत्र के लिए बेल्जियम से आया 200 टन का वेसल 250 पहियों वाले महाट्रेलर से बस्ती पहुंचा, जिसने जिले में 45 किमी की दूरी तय की।

बस्ती के सोनहा बाजार से गुजर रहा विशालकाय ट्रेलर।
HighLights
200 टन का वेसल 250 पहियों वाले महाट्रेलर से परिवहन।
बस्ती में 45 किमी की दूरी तय की, सफर चुनौतीपूर्ण।
खराब सड़कें, बिजली के तार और जाम प्रमुख बाधाएं।
जागरण संवाददाता, बस्ती। लखीमपुर खीरी के कुंभी में स्थापित हो रहे देश के पहले पॉली लैक्टिक एसिड (पीएलए) आधारित बायोप्लास्टिक निर्माण संयंत्र के लिए बेल्जियम से समुद्री मार्ग के जरिए मंगाया गया 200 टन वजनी वेसल मल्टी एक्सल ट्रेलर के जरिए मंगलवार को बस्ती के सोनहा बाजार पहुंच गया।
308 पहियों वाला ट्रक के नाम से चर्चित महाट्रेलर पर लदे इस उपकरण को देखने के लिए बस्ती-डुमरियागंज मार्ग स्थित भिटिया और सोनहा चौराहे पर लोगों की भीड़ जुट गई। खराब सड़क, भारी बारिश और रास्ते में मौजूद अवरोधों के कारण इसका सफर चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।
बस्ती में तय की 45 किलोमीटर की दूरी
बस्ती-डुमरियागंज मार्ग पर बिजली के तारों और खंभों के साथ साइन बोर्ड हटाए जा रहे हैं, जबकि रास्ते में पड़ने वाले पेड़ों की डालियों की छंटाई भी की जा रही है। पुलिस, यातायात, विद्युत, वन और राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग की टीमें आपसी समन्वय से अभियान में जुटी हैं।
बस्ती जिले में अब तक लगभग 45 किलोमीटर की दूरी तय कर चुका यह विशालकाय ट्रेलर बुधवार शाम तक सिद्धार्थनगर में प्रवेश कर बेवा चौराहे पर पहुंच सकता है। करीब 50 कर्मचारियों की टीम उपकरण को सुरक्षित गंतव्य तक पहुंचाने में लगी हुई है। बस्ती से आगे इस महाट्रेलर को डुमरियागंज, उतरौला, बलरामपुर, श्रावस्ती और बहराइच के रास्ते लखीमपुर खीरी पहुंचाया जाएगा।
मोड़ लेने में परेशानी होने पर हटाए थे 58 पहिए
बता दें कि शुरुआत में ट्रेलर में 308 पहिये लगाए गए थे, लेकिन रास्ते में मोड़ लेने में परेशानी होने के कारण 58 पहिये हटाने पड़े। अब 250 पहियों के सहारे यह महाट्रेलर पांच से आठ किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आगे बढ़ रहा है।
रास्ते में जाम से राहगीरों को हुई परेशानी
ओडिशा के पारादीप बंदरगाह से रवाना हुआ यह विशालकाय उपकरण झारखंड और बिहार होते हुए उत्तर प्रदेश पहुंचा है। सोमवार को बस्ती जिले की सीमा में प्रवेश करने के बाद महाट्रेलर रातभर मनौरी चौराहे पर खड़ा रहा। इसके बाद बेलहरा, जिनवा, सल्टौआ और महनुआ चौराहे की ओर बढ़ने के दौरान रास्ते में पड़ने वाले पेड़ों की डालियां काटनी पड़ीं और बिजली के तारों को हटाना पड़ा।
इस दौरान वन-वे यातायात व्यवस्था के कारण जाम की स्थिति बनने लगी। बाइक सवारों के भी जाम में फंसने से राहगीरों में नाराजगी दिखाई दी। स्थिति को देखते हुए संयुक्त टीम ने सल्टौआ के महनुआ चौराहे पर ट्रेलर को रुकवाकर यातायात सुचारु कराया।
जाम में फंसे वाहन सवार विकास शुक्ल, विवेक मिश्रा, तरुण वर्मा, राधेश्याम चौधरी और उमाकांत दूबे आदि ने कहा कि देश के लिए यह एक बेहतर सौगात है, लेकिन इतने बड़े उपकरण को ले जाते समय यातायात व्यवस्था भी दुरुस्त रखी जानी चाहिए, ताकि आम लोगों को अनावश्यक परेशानी न हो।
