झारखंड की जमीला बनीं ज्योति: शिव भक्ति पर मिला तीन तलाक, अब बरेली में प्रेमी संग लिए सात फेरे
झारखंड की जमीला खातून ने शिव भक्ति के कारण तीन तलाक मिलने के बाद बरेली में हिंदू धर्म अपनाया। अब ...और पढ़ें
जागरण संवाददाता, बरेली। झारखंड से आई एक महिला ने भगवान शिव में अपनी आस्था के चलते तीन तलाक की त्रासदी झेलने के बाद हिंदू धर्म अपना लिया है। बोकारो के लोधी नीच टोला की रहने वाली जमीला खातून अब ज्योति नाम से जानी जाएंगी। उन्होंने बरेली के मढ़ीनाथ स्थित प्रसिद्ध अगस्त्य मुनि आश्रम में सनातन रीति-रिवाज से अपने प्रेमी प्रकाश रविदास के साथ सात फेरे लिए।
भगवान शिव की पूजा पर हुआ विवाद
ज्योति (पूर्व में जमीला) के अनुसार, वह बचपन से ही भगवान शिव में अगाध श्रद्धा रखती थीं और घर में छिपकर उनकी पूजा-अर्चना करती थीं। जब उनके पति और ससुराल वालों को इस बात की भनक लगी, तो उन पर धार्मिक रीति-रिवाज छोड़ने का दबाव बनाया जाने लगा। आरोप है कि पूजा करने से मना करने और विरोध करने पर उनके साथ आए दिन मारपीट और शारीरिक प्रताड़ना की गई।

तीन तलाक देकर घर से निकाला
प्रताड़ना का सिलसिला यहीं नहीं थमा। हालात तब और बिगड़ गए जब उनके पति ने प्रताड़ित करने के बाद उन्हें एक साथ तीन तलाक देकर घर से बेदखल कर दिया। इस मुश्किल दौर में हजारीबाग के चानो निवासी प्रकाश रविदास ने उनका साथ दिया। दोनों के बीच पहले से परिचय था, जो वक्त के साथ गहरे प्रेम में बदल गया।
बरेली में हुआ विवाह और धर्म परिवर्तन

पति के घर से निकाले जाने के बाद ज्योति ने प्रकाश के साथ जीवन बिताने का फैसला किया। दोनों झारखंड से उत्तर प्रदेश के बरेली पहुंचे। अगस्त्य मुनि आश्रम के पंडित केके शंखधार ने वैदिक मंत्रोच्चार और पूरे विधि-विधान के साथ दोनों का विवाह संपन्न कराया। आश्रम में ही महिला ने स्वेच्छा से हिंदू धर्म ग्रहण किया और अपना नया नाम 'ज्योति' रखा।
विवाह के बाद ज्योति ने स्पष्ट कहा, मेरी भगवान शंकर में अटूट आस्था है और मैं इसे कभी नहीं छोड़ सकती। अब वह अपने पति प्रकाश के साथ नए जीवन की शुरुआत कर बेहद खुश हैं।
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