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    शराब फैक्ट्री में 48 घंटे से IT विभाग का 'डेरा': बिल, वाउचर और स्टॉक रजिस्टर की बारीकी से पड़ताल, क्या है पूरा मामला?

    Updated: Thu, 19 Feb 2026 05:28 PM (IST)

    बरेली के सीबीगंज स्थित शराब फैक्ट्री में आयकर विभाग की टीम 48 घंटे से अधिक समय से जांच कर रही है। वित्तीय अनियमितताओं के इनपुट पर यह कार्रवाई की जा रह ...और पढ़ें

    सीबीगंज स्थित सुपीरियर शराब निर्माण फैक्ट्री  जागरण

    सीबीगंज स्थित सुपीरियर शराब निर्माण फैक्ट्री जागरण

    HighLights

    1. दिल्ली से आई टीम ने डिजिटल व दस्तावेजी रिकार्ड को परखा

    2. कर्मचारियों से पूछताछ कर आयकर के विवरणों पर लिया जवाब

    जागरण संवाददाता, बरेली। औद्योगिक क्षेत्र सीबीगंज स्थित सुपीरियर शराब निर्माण इकाई (डिस्टलरी) में आयकर विभाग की कार्रवाई गुरुवार को भी पूरे दिन जारी रही। मंगलवार देर रात शुरू हुई जांच 48 घंटे बाद भी थमी नहीं है। विभागीय अधिकारियों की टीम फैक्ट्री परिसर में डेरा डाले हुए है और वित्तीय दस्तावेजों से लेकर डिजिटल डाटा तक की गहन पड़ताल कर रही है।

    सीबीगंज स्थित आसवन इकाई में देशी व अंग्रेजी शराब के साथ ही अन्य कई संबंधित उत्पाद बनाए जाते हैं। आयकर विभाग की टीम ने मंगलवार की शाम परिसर में प्रवेश के बाद लेखा विभाग से जुड़े अभिलेखों को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू की। कंप्यूटर सिस्टम, लैपटाप, हार्ड डिस्क और अन्य इलेक्ट्रानिक उपकरणों की बारीकी से जांच की जा रही है।

    इसके साथ ही प्रिंटेड बिल, वाउचर, स्टाक रजिस्टर और टैक्स से संबंधित फाइलों का मिलान किया जा रहा है। डिजिटल डाटा की फारेंसिक तरीके से पड़ताल कर वित्तीय लेनदेन की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं। बताया जा रहा है कि आयकर विभाग को वित्तीय अनियमितताओं से संबंधित महत्वपूर्ण इनपुट मिलने के बाद यह कदम उठाया गया। जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

    सूत्रों का कहना है कि फैक्ट्री के संचालक, प्रबंधक और कुछ अन्य जिम्मेदार पदाधिकारियों के मोबाइल फोन भी जांच के दायरे में लिए गए हैं, ताकि संभावित कर अनियमितताओं से जुड़े साक्ष्य जुटाए जा सकें। हालांकि विभाग की ओर से अब तक किसी आधिकारिक बयान में गड़बड़ी की पुष्टि नहीं की गई है। कार्रवाई के दौरान उत्पादन कार्य पूरी तरह बंद नहीं किया गया है। कर्मचारियों को सीमित रूप से काम करने की अनुमति दी गई है, जबकि बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक है। परिसर में पीएसी व पुलिस की मौजूदगी बनी हुई है।

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    औद्योगिक संगठनों ने साधी चुप्पी

    शराब इकाई में आयकर की छापेमारी के बाद विभिन्न औद्योगिक संगठन गतिविधियों पर निगाह बनाए हुए हैं। औद्योगिक व व्यापारिक संगठनों के पास पूरे मामले की पल-पल की जानकारी हो रही है, लेकिन कोई भी इस मुद्दे पर खुल कर बोलने के लिए तैयार नहीं है।

    दो उद्यमियों ने बताया कि आयकर के मामले में छापेमारी हो रही है, सरकारी प्रक्रिया में बोलना उचित नहीं है। इसी के साथ उन्होंने यह डर भी व्यक्त किया कि कहीं आयकर की टीम उनके प्रतिष्ठान पर भी न पहुंच जाए। फिलहाल इस कार्रवाई से शहर के कारोबारी वर्ग में चर्चा का माहौल बना हुआ है।

    माल भेजने व मंगाने में आई कमी

    शराब इकाई में पुलिस व पीएसी की मौजूदगी देखकर श्रमिक भी भयभीत हैं। इस मामले में पूछने पर वह ज्यादा कुछ बताना नहीं चाह रहे हैं। उनका कहना है कि इस बारे में बोलने पर वह भी पुलिस कार्रवाई की जद में आ सकते हैं।

    कुछ कर्मचारियों ने बताया कि जब से यह कार्रवाई चल रही है कि फैक्ट्री के बाहर माल भेजने में भी कमी आई है। इसी के साथ कच्चा माल भी कम मात्रा में आ रहा है। फैक्ट्री प्रबंधन भी फूंक-फूंक कर कदम उठा रहा है।

     

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