शहर के शोर से दूर, अब बरेली के बीचों-बीच मिलेगा घने जंगलों का अहसास; जानें क्या है 'नगर वन' प्रोजेक्ट?
वन विभाग ने बरेली के सीबीगंज आरबोरेटम को नगर वन के रूप में विकसित करने के लिए 10 करोड़ रुपये का डीपीआर शासन को भेजा है। बीडीए ने 4 करोड़ रुपये आरक्षित ...और पढ़ें

बरेली के सीबीगंज में प्रस्तावित नगर वन
HighLights
वन विभाग दस करोड़ रुपये का डीपीआर पहले ही भेज चुका
बीडीए, नगर निगम व पर्यटन विभाग की रहेगी इसमें भागीदारी
जागरण संवाददाता, बरेली। सीबीगंज आरबोरेटम को नगर वन के रूप में विकसित करने के लिए वन विभाग की ओर से 10 करोड़ रुपये की डीपीआर शासन को भेजी जा चुकी है। इसके लिए बीडीए ने चार करोड़ रुपये आरक्षित कर लिया है। इसमें पर्यटन विभाग की भी सहभागिता रहेगी, इसलिए यह विभाग अपनी अलग डीपीआर तैयार कर रहा है। पर्यटन विभाग की निगरानी में इसे ईको टूरिज्म के रूप में विकसित कराया जाना है।
जिले के 4,120 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल में से वन क्षेत्र सिर्फ 225.970 हेक्टेयर है। सीबीगंज में वन विभाग का आरबोरेटम 30 हेक्टेयर क्षेत्र में संरक्षित किया गया है। इसमें चंदन, रुद्राक्ष, केवड़ा, शाल समेत श्रीलंका में पाई जाने वाली प्रजातियों के पेड़ उपलब्ध हैं। बांस की विविध प्रजातियां भी उपलब्ध हैं।
इस वन क्षेत्र को ईको टूरिज्म के रूप में विकसित कराने की प्रक्रिया चल रही है। वन मंत्री डा. अरुण कुमार की पहल पर वन विभाग, बीडीए, नगर निगम और पर्यटन विभाग के संयुक्त प्रयासों से विकसित होने वाले नगर वन में जगह-जगह ट्री-हाउस बनेंगे जो पर्यटकों को आकर्षित करेंगे। पर्यटक स्वजन के साथ पहुंचकर समय गुजार सकेंगे। लोगों के टहलने के लिए मार्ग तैयार किए जाएंगे।
हर्बल और औषधीय पौधों की वाटिका विकसित की जाएगी। योग और ध्यान केंद्र भी बनाए जाएंगे। खास बात यह है कि नगर वन में कोई पेड़ नहीं काटा जाएगा, बल्कि औषधीय पौधे लगाकर इसे और समृद्ध बनाया जाएगा। सर्वे कराकर दस करोड़ रुपये की परियोजना तैयार कर शासन को भेजी जा चुकी है।
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संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ कई दौर की बैठक हो चुकी है, जिसके क्रम में बीडीए ने इस मद में बजट आरक्षित कर लिया है। एयरपोर्ट के निकट स्थित मयूर वन चेतना केंद्र बंद कर दिया है। वजह, यह एयरपोर्ट विस्तारीकरण की जद में आ गया है। आसपास तो कोई ऐसा विकल्प नहीं बनता दिख रहा है, लेकिन सीबीगंज में विकसित किए जा रहे नगर वन से इसकी भरपाई करने के प्रयास माना जा रहा है।
वन मंत्री की पैरवी को देखते हुए माना जा रहा है कि नगर वन परियोजना जल्द स्वीकृत हो जाएगी। प्रभागीय वनाधिकारी दीक्षा भंडारी ने बताया कि नगर वन का प्रस्ताव शासन को भेजा चुका है। पर्यटन विभाग की ओर से भी अपना अलग डीपीआर तैयार कराया जा रहा है। शासन की स्वीकृति मिलते ही ईको टूरिज्म विकास की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।