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    लखनऊ और बाराबंकी सहित यूपी के चार जिलों में बिकेंगी 9 शत्रु संपत्तियां, तीन जुलाई को होगी ऑनलाइन नीलामी

    Updated: Thu, 02 Jul 2026 07:09 AM (IST)

    यूपी के बाराबंकी, लखनऊ, अमरोहा और बदायूं सहित चार जिलों में नौ शत्रु संपत्तियों की ऑनलाइन नीलामी 3 जुलाई को होगी। गृह मंत्रालय के शत्रु संपत्ति अभिरक् ...और पढ़ें

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    HighLights

    1. नौ शत्रु संपत्तियों की ऑनलाइन नीलामी 3 जुलाई को होगी।

    2. बाराबंकी, लखनऊ, अमरोहा, बदायूं में संपत्तियां शामिल हैं।

    3. गृह मंत्रालय के शत्रु संपत्ति अभिरक्षक विभाग द्वारा बिक्री।

    दीपक मिश्रा, बाराबंकी। यूपी के चार जिलों की शत्रु संपत्तियों की बिक्री के लिए अधिसूचना जारी कर दी है। गृह मंत्रालय के अधीन शत्रु संपत्ति अभिरक्षक ने बाराबंकी, लखनऊ, अमरोहा, बंदायू की कुल नौ शत्रु संपत्तियों को बिक्री के लिए सूचीबद्ध किया है। इन संपत्तियों की आनलाइन नीलामी तीन जुलाई से कराई जाएगी।

    फरवरी 2026 में केंद्र ने देश भर में अरबों रुपयों की शत्रु संपत्तियों का मुद्रीकरण किया था। इसके बाद यह नीलामी 11वीं हैं। संपत्ति की बिक्री शत्रु संपत्ति अभिरक्षक विभाग के मुख्य पर्यवेक्षक सेवा निवृत्त ब्रिगेडियर यशपाल की मानीटरिंग में होगी।

    बाराबंकी की हैं सबसे अधिक चार संपत्तियां

    सबसे अधिक चार संपत्तियां बाराबंकी की हैं। ये सभी लखनऊ के सबसे निकटतम नवाबगंज तहसील के भूहेरा गांव में स्थित हैं। इनका आरक्षित मूल्य 58.80 लाख रुपये से लेकर 9.29 करोड़ रुपये तक तय किया गया है। 0.664 हेक्टेयर क्षेत्रफल वाली संपत्ति का न्यूनतम आरक्षित मूल्य 9.29 करोड़ रुपये रखा गया है।

    0.042, 0.063 और 0.066 हेक्टेयर क्षेत्रफल वाली तीन अन्य संपत्तियों का आरक्षित मूल्य क्रमश: 58.80 लाख, 88.20 लाख और 92.40 लाख रुपये निर्धारित किया गया है। तीन जुलाई को सुबह 11 बजे से शाम चार बजे तक आनलाइन बोली लगा सकेंगे।

    लखनऊ के जुग्गौर में गाटा संख्या 789 और रकबा 0.0820 चिह्नित की गई है। जमीन की कीमत लगभग दो करोड़ 59 लाख 65 हजार 200 रुपये रखी गई है। इसी तरह से अमरोहा के बबनपुर, भुलाई हसनपुर में तीन संपत्तियाें में 14 बीघे जमीन की कीमत लगभग दो करोड़ 63 लाख रुपये मूल्यांकन हुआ है। इसके अलावा बदायूं के कबूलापुरा, बाहर चुंगी सदर में 13 बीघे जमीन पर एक करोड़ 48 लाख 50 हजार रुपये रखी गई है।

    क्या होती है शत्रु संपत्ति?

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    जो लोग भारत छोड़कर पाकिस्तान या चीन की नागरिकता ग्रहण कर चुके हैं, उनकी भारत में स्थित अचल संपत्तियां शत्रु संपत्ति की श्रेणी में आती हैं। इनका स्वामित्व और प्रबंधन केंद्र सरकार के शत्रु संपत्ति अभिरक्षक के पास होता है। सरकार समय-समय पर ऐसी संपत्तियों की ई-नीलामी कर राजस्व अर्जित करती रहती है।

    देश के बंटवारे में पाकिस्तान चली गई थीं नसीमा

    बाराबंकी के ग्राम भूहेरा में प्रशासन ने शत्रु संपत्ति घोषित की है, जिसमें 100 बीघा जमीन की बिक्री होगी। भूहेरा ग्राम प्रधान छोटेलाल ने बताया कि यह कुल 200 बीघा जमीन नसीमा और नजमा असद नाम की दो बहनों के नाम थी। देश के विभाजन के समय नसीमा पाकिस्तान विस्थापित हो गई थीं, जबकि उनकी बहन नजमा असद परिवार के साथ लखनऊ में रह रही थी। विगत वर्ष नजमा असद की भी मृत्यु हो चुकी है, इसके पश्चात उनके हिस्से की जमीन की देखभाल उनके पुत्र करते हैं। नसीमा के हिस्से की 100 बीघा की जमीन शत्रु संपत्ति घोषित है।

    शत्रु संपत्तियों की बिक्री आनलाइन होगी। इसके लिए बोलीदाताओं को एमएसटीइसीओएमएमइआरसीइ पोर्टल से होगी। इसके लिए तीन जुलाई का समय निर्धारित किया गया है। -निरंकार सिंह, अपर जिलाधिकारी, बाराबंकी।