जागरण प्रभाव: बाराबंकी में केडी सिंह बाबू का बचपन का खेल मैदान सुरक्षित, खेल विकास का ब्लूप्रिंट तैयार
पद्मश्री केडी सिंह बाबू का बचपन का जीआईसी खेल मैदान व्यावसायिक व राजनीतिक गतिविधियों से बचा लिया गया है। अब यहां हॉकी, फुटबॉल सहित अन्य खेलों के लिए आ ...और पढ़ें

HighLights
केडी सिंह बाबू का बचपन का जीआईसी खेल मैदान सुरक्षित।
मैदान पर राजनीतिक, व्यावसायिक गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध।
हॉकी, फुटबॉल सहित अन्य खेलों के लिए ब्लूप्रिंट तैयार।
नरेन्द्र मिश्र, बाराबंकी। विश्व फलक पर भारतीय हॉकी की पहचान दिलाने वाले नायक पद्मश्री केडी सिंह बाबू के बचपन का जीआईसी खेल मैदान बच गया। अब यहां राजनीतिक और व्यापारिक गतिविधियां नहीं होंगी।
हॉकी संग फुटबाल, कबड्डी, बास्केटबाल, वालीबाल, बैडमिंटन, खो-खो कोर्ट और टेनिस के खेलों के लिए आधारभूत संसाधन विकसित किए जाने की प्रक्रिया शुरू करवा दी गई है।
अपर मुख्य सचिव पार्थ सारिथी सेन शर्मा की ओर से डीएम ईशान प्रताप सिंह को भेजे गए आदेश के बाद मैदान को विकसित किए जाने की कार्ययोजना बननी शुरू हो गई है।
जीआईसी मैदान में हॉकी और फुटबाल का खेल मुख्य आकर्षण का केंद्र होगा। मैदान के मानचित्र में खेलों के लिए कार्ययोजना बनाई जा रही है। मैदान को मंडलीय एवं राज्य स्तरीय खेल प्रतियोगिताओं के मानक पर विकसित किया जाना है।

जीआईसी खेल मैदान को बचाने के लिए दैनिक जागरण ने खबरों का शासन ने संज्ञान लिया। बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष हरीश अग्निहोत्री के साथ प्रबुद्ध वर्ग इस मुहिम का हिस्सा बने। व्यवसायिक और राजनीतिक गतिविधियों पर अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा प्रतिबंध लगा दिया।
डीएम ने डीआईओएस अमिता सिंह और जीआईसी प्रधानाचार्य राधेश्याम को जीआईसी मैदान के खेल गतिविधियों के लिए विकसित कराने की कार्ययोजना बनाने का निर्देश दिया। निर्देश पर अब मानचित्र तैयार हो गया है।
बाबू की विरासत बचाने की मुहिम
केडी सिंह बाबू की पुश्तैनी हवेली को नीलामी से बचाने की दैनिक जागरण ने वर्ष 2024 में मुहिम चलाई थी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हवेली को बाबू के स्मारक एवं संग्रहालय के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया।
केडी सिंह बाबू ने राजकीय इंटर कालेज में पढ़े और इसी मैदान से हॉकी का हुनर निखारा। इसलिए यह बाबू के बचपन का खेल मैदान है। विडंबना कि जीआईसी खेल मैदान में व्यवसायिक एवं राजनीतिक गतिविधियां होने लगीं।
जागरण की खबरों से प्रेरित हो प्रबुद्ध वर्ग के ज्ञापन पर अपर मुख्य सचिव ने जीआईसी मैदान को बाबू केडी सिंह की मूल खेल विरासत का हिस्सा मानते हुए अन्य गतिविधियों पर रोक लगा दी।