बाराबंकी में खुद बूंद-बूंद पानी को मोहताज वाटर कूलर, भीषण गर्मी में मंडराया पेयजल संकट
बाराबंकी में भीषण गर्मी के बीच स्थापित कई वाटर कूलर खराब पड़े हैं, जिससे शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल का गंभीर संकट गहरा गया है। अधिकारियों और ज ...और पढ़ें
-1782556605776_m.webp)
खुद बूंद-बूंद पानी को मोहताज वाटर कूलर।
HighLights
बाराबंकी में भीषण गर्मी के बीच वाटर कूलर खराब।
कई स्थानों पर एक साल से बंद पड़े हैं कूलर।
अधिकारियों की अनदेखी से पेयजल संकट गहराया।
संवाद सूत्र, बाराबंकी। शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में भीषण गर्मी के बीच स्वच्छ जल की पूर्ति के लिए स्थापित वाटर कूलर खुद प्यासे हैं। ये ऐसे स्थानों पर खराब पड़े हैं, जहां अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों का आवागमन होता है, लेकिन उनकी नजर इस गंभीर समस्या पर नहीं पड़ी।
शिकायतों के बावजूद अधिकारी सक्रिय नहीं हो रहे हैं, जिससे राहगीरों को प्यास बुझाने के लिए लौटना पड़ता है। उच्च वर्ग के लोग बोतल का पानी खरीद लेते हैं, लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर लोगों की प्यास नहीं बुझती।
कैसरगंज चौराहे पर ग्रामीण बैंक के सामने, असंद्ररा थाना के समीप और कोठी थाना परिसर में लगे वाटर कूलर एक वर्ष से बंद हैं। इनका निर्माण पंचम राज्यवित्त आयोग निधि से हुआ था और विधायक दिनेश रावत ने इनका लोकार्पण किया था, लेकिन इसके बाद कोई ध्यान नहीं दिया गया।
रफी अहमद किदवई मेमोरियल जिला अस्पताल में वाटर कूलर की टंकी का ढक्कन खुला है, जिससे दूषित जलापूर्ति की आशंका है। पिछले वर्ष उपमुख्यमंत्री ने यहां पानी पिया था, लेकिन टंकी की स्थिति की जानकारी किसी अधिकारी को नहीं हो सकी।
पूरेडलई ब्लाक कार्यालय में भी पेयजल व्यवस्था बदहाल है। वाटर कूलर पिछले एक माह से खराब है और इंडिया मार्का हैंडपंप भी लंबे समय से काम नहीं कर रहा है। इससे ग्रामीणों को पानी के लिए भटकना पड़ रहा है।
खबरें और भी
जल निगम और नगर निकाय के अधिकारियों को शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए हैं। -अन्ना सुधन, सीडीओ।