बांदा में शादी के 12 दिन बाद मायके लौटी दुल्हन, सज-संवरकर प्रेमी से मिलने पहुंची, बाग में फंदे पर लटके मिले दोनों का शव
बांदा में शादी के 12 दिन बाद एक नवविवाहित युवती और उसके प्रेमी के शव पेड़ से लटके मिले। पुलिस इसे प्रेम प्रसंग में आत्महत्या का मामला मान रही है, क्यो ...और पढ़ें
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रोशनी और सुभाष की फाइल फोटो। स्वजन
HighLights
गांव से दो सौ मीटर दूर नवविवाहित युवती और उसके प्रेमी का शव पेड़ पर फंदे से लटके मिले
सात मई को प्रेमिका की दूसरी जगह हुई थी शादी, रात में सज-संवर कर गई थी प्रेमी से मिलने
दोनों के गैर बिरादरी होने के कारण स्वजन ने किया था विरोध, इसीलिए उठाया आत्मघाती कदम
जागरण संवाददाता, बांदा। शादी के 12 दिन बाद नवविवाहित युवती और उसके प्रेमी का शव गांव से 200 मीटर दूर पेड़ पर एक ही साड़ी के फंदे से लटके मिलने से सनसनी फैल गई। पुलिस मामले को प्रेम प्रसंग मान रही है। गैर बिरादरी होने के कारण स्वजन दोनों के रिश्ते को स्वीकार नहीं कर पा रहे थे। इसी के चलते दोनों ने आत्मघाती कदम उठाया है। पुलिस व फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र किए हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
मरका थाना क्षेत्र के अधांव गांव निवासी 20 वर्षीय सुभाष पासवान व 19 वर्षीय रोशनी यादव के बीच करीब दो वर्षों से प्रेम-प्रसंग चल रहा था। बीती सात मई को स्वजन ने कर्ज लेकर रोशनी की शादी घूरी गांव निवासी जगप्रसाद के साथ कर दी थी। 16 मई को वह चौथी पर ससुराल से अपने गांव आई थी। मंगलवार रात करीब दस बजे रोशनी सज संवर कर किसी से बिना बताए घर से प्रेमी से मिलने निकली थी।
कुछ ही देर बाद स्वजन को उसके घर से निकलने की भनक लग गई। पिता व अन्य स्वजन उसकी रात भर खोजबीन करते रहे। बुधवार सुबह करीब नौ बजे सुभाष के महुआ के बाग में चिल्ला के पेड़ से एक ही साड़ी के दोनों ओर के फंदे में दोनों के शव लटके मिले। सीओ बबेरू प्रवीण कुमार व मरका थाना पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया।
ग्रामीणों व स्वजन ने पुलिस को बताया कि प्रेम प्रसंग के चलते दोनों ने आत्महत्या कर लिया है। हालांकि, इस तरह दोनों के शव मिलने से आनर किलिंग की भी चर्चा हो रही है, लेकिन स्वजन व अधिकारियों की ओर से आनर किलिंग की आशंका नहीं जताई गई है। एएसपी शिवराज ने बताया कि प्रेम प्रसंग के चलते दोनों का खुदकुशी करना सामने आया है। मामले की जांच कराई जा रही है। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उसकी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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प्रेमी-प्रेमिका के शव फंदे से लटके मिलने के बाद गमगीन बैठेउनके स्वजन व ग्रामीण। वीडियोग्रैब
जमीन गिरवी रखकर बेटी के हाथ किए थे पीले
जिस नवविवाहित प्रेमिका ने शादी के चंद दिनों बाद ही प्रेमी के साथ फंदा लगाकर खुदकुशी की है। उसके पिता की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। जिसके चलते उसने तीन बीघा जमीन डेढ़ लाख में गिरवी रखने के साथ एक लाख रुपये का कर्जा लिया था। दोनों के प्रेम-प्रसंग की जानकारी होने से पिता ने जल्दबाजी में बेटी के हाथ पीले कर उसे विदा किया था।
गांव के समूह से 50 हजार व इतना ही अन्य ग्रामीणों से लेना पड़ा था कर्ज
अधांव गांव निवासी रोशनी यादव के पिता राजकुमार के पास कुल चार बीघा जमीन है। इसके अलावा अपने चार बेटियों व एक बेटे के परिवार का भरण-पोषण करने के लिए पिता पुणे में रहकर वाचमैन का काम करता है। बेटी की शादी करने के लिए वह पुणे से आठ अप्रैल को घर आया था। बड़े भाई राजबहादुर व भतीजे अंकित ने बताया कि तीन बीघा खेत गिरवी रखने के साथ शादी करने के लिए रोशनी के पिता को 50 हजार रुपये समूह से व इतना ही गांव के अन्य लोगों से कर्जा लेना पड़ा था।
बदनामी से छुटकारा चाहते थे पिता
पिता की इच्छा थी कि बेटी ब्याह कर अपने घर चली जाएगी। तो गांव में प्रेम-प्रसंग को लेकर हो रही बदनामी से छुटकारा मिल जाएगा। लेकिन उन्हें नहीं पता था कि शादी के बाद भी दोनों एक दूसरे से जुदा नहीं रह पाएंगे। इस तरह का कदम उठा लेंगे। पिता की कर्ज लेकर शादी करने की कुर्बानी बेकार रही।
ससुरालीजन भी पहुंचे गांव, पति बोला-हुआ धोखा
रोशनी के पति ने बताया कि उसे दोनों के प्रेम-प्रसंग की जानकारी नहीं थी। यदि उसे इसका पता होता तो वह शादी ही नहीं करता था। रोशनी व उसके घर के लोगों ने उसे धोखा दिया है। घटना के बाद अब उसकी जिंदगी ही बर्बाद हो गई है। पति के चेहरे में घटना को लेकर परेशानी के भाव थे।
पिता ने मारकर टांगने की जताई आशंका
प्रेमी सुभाष के पिता घनश्याम ने दोनों के शव मिलने के बाद बताया कि रात में जिस समय रोशनी के स्वजन उसे खोज रहे थे। रोशनी का मोबाइल व सुभाष के मोबाइल के नंबर बंद बता रहे थे। वह खुद भी अपने बेटे को खोज रहे थे। लेकिन दोनों नहीं मिले थे। आशंका जताई कि यह भी हो सकता है। प्रेमिका के स्वजन ने दोनों को मिलते देख लिया हो और वह मारकर टांग दिए हों। हालांकि सीओ बबेरू कृष्णकांत त्रिपाठी का कहना है कि प्रथम दृष्टया शरीर में किसी तरह की चोट के निशान न मिलने से मारकर टांगने जैसा घटनाक्रम नहीं लग रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से घटना की सही पुष्टि हो जाएगी।
रोशनी पर खर्च करता था प्रेमी पूरी कमाई
प्रेमी के पिता ने यह भी बताया कि बेटा पहले कर्नाटक में रहकर शटरिंग का काम करता था। वहां से वह अपने प्रेम-प्रसंग के चक्कर में अप्रैल 2025 में काम छोड़कर घर चला आया था। बाद में उसने अपना खुद का ट्रैक्टर ले लिया था। ट्रैक्टर की पूरी कमाई वह रोशनी पर खर्च करता रहा है।
तीन दिनों से नहीं खाया था ठीक से खाना, घर भी नहीं आया प्रेमी
प्रेमी के स्वजन ने बताया कि वह तीन दिनों से ठीक से प्रेमिका के चक्कर में खाना नहीं खा रहा था। यही नहीं मंगलवार को वह खेतों की ओर जाने के बाद से घर नहीं आया था। प्रेमी के घर न आने से उसके स्वजन परेशान रहे। घटना से प्रेमी प्रेमिका के स्वजन का रो-रोकर बुरा हाल है।
सामाजिक बंधन रोड़ा बनने से प्रेमी-प्रेमिका ने उठाया आत्मघाती कदम
मरका थाना के अधांव गांव की प्रेमिका रोशनी जहां यादव बिरादरी की थी। वहीं उसका प्रेमी सुभाष अनुसूचित जाति का पासी बिरादरी का था। लेकिन प्रेम जाति व धर्म के बंधन को नहीं देखता। दोनों ने जैसे ही जवानी की दहलीज में कदम रखा। प्रेमिका व प्रेमी की नैना लड़ गए। दोनों के खेत बगल-बगल होने से मवेशी लेकर जाने पर दोनों छिप-छिपकर मिलने लगे। दोनों के प्रेम की चर्चा यारी दोस्ती के बीच होने लगी। गांव में भी इसकी सुगबुगाहट होने लगी थी।
प्रेमिका से शादी करने की जिद में अड़ा था प्रेमी, दुनिया से हुए जुदा
प्रेमिका के स्वजन ने बताया कि पहली बार उन्हें दोनों के प्रेम- प्रसंग की जानकारी इसी वर्ष मकर संक्रांति के समय हुई थी। क्योंकि प्रेमी ने अपनी प्रेमिका से बात करने के लिए उसके पिता के मोबाइल में फोन कर दिया था। इससे स्वजन की जानकारी में भी यह बात आ गई थी। लेकिन प्रेमी के अनुसूचित जाति का होने से प्रेमिका के स्वजन ने उसे फटकार लगाई थी। ऐसा न करने के लिए मना किया था।
अनुसूचित जाति के होने से स्वजन नहीं थे शादी के लिए तैयार
वहीं प्रेमी का पिता भी उसे गैर बिरादरी व गांव का मामला होने से हमेशा समझाते रहे हैं। वह दूसरी जगह प्रेमी की शादी की बात कर रहे थे। लेकिन प्रेमी को यह नागवार गुजरता था। महज डेढ़ सौ मीटर की दूरी पर दोनों के घर होने से प्रेमी का हमेशा प्रेमिका के घर से होकर ही खेत आना जाना होता था। सामाजिक बंधन प्रेम में रोड़ा बनने से दोनों ने आत्मघाती कदम उठा लिया। दोनों हमेशा-हमेशा के लिए इस दुनिया से जुदा हो गए। दोनों का प्रेम हमेशा के लिए अमर हो गया।
दो साल से चल रहा था प्रेम प्रसंग
अधांव गांव की रोशनी व सुभाष के बीच प्रेम प्रसंग दो साल पहले से चल रहा था। दोनों अपने स्वजन व ग्रामीणों से छिपकर मिलते रहे। लेकिन प्रेमी अपने दोस्तों से इस बात की चर्चा करता रहा है कि उनके दोनों के बीच अटूट प्रेम है। इससे उन्होंने साथ जीने-मरने की कसम खाई है। दोनों के शव लटके मिलने के बाद ग्रामीणों का दबी जुबान कहना रहा कि दोनों ने साथ जीने-मरने की प्रेम के चलते जो कसम खाई थी। प्रेमिका की शादी दूसरी जगह होने के बाद भी उन्होंने अपना वादा निभाया है।
अटूट प्रेम
घटनास्थल में दोनों के शव जिस स्थिति में आपस में चिपके मिले हैं वह भी अटूट प्रेम की गवाही दे रहे हैं। प्रेमिका ने कुल कक्षा चार तक ही पढ़ाई की थी। वह ज्यादा पढ़े लिखे नहीं थी। इसी तरह प्रेमी भी ज्यादा पढ़े लिखे नहीं था। प्रेमी दो भाइयों में बड़ा था। उसके चार बहने हैं। घटना से सभी बेहाल हैं। प्रेमी के पिता अपनी तीन बीघा जमीन व बटाई की जमीन लेकर खेती करते हैं।
प्रेमी के पिता ने दिया था उलाहना
प्रेमी के पिता घनश्याम ने बताया कि उन्हें ग्रामीणों से दोनों के प्रेम-प्रसंग की जानकारी पहले से थी। इसमें कई बार उसने प्रेमिका रोशनी के पिता से इस बात का उलाहना दिया था। रोशनी को समझाने के लिए कहा था। प्रेमी के पिता ने यह भी बताया कि उनका व रोशनी के पिता के बीच अच्छा बोलना बताना था। शादी में भी आना जाना रहा है। रोशनी के पिता कभी आवश्यकता पड़ने पर उनकी मदद भी करते थे। इससे उन्हें रोशनी के पिता से हमेशा हमदर्दी रही है। लेकिन अब वह अपने जवान बेटे के मौत का गम कभी नहीं भूला पाएंगे।
पहले भी प्रेमी-प्रेमिका दे चुके जान
जिले में प्रेम-प्रसंग के चलते प्रेमी-प्रेमिका के जान देने की घटना नई नहीं है। इसके पहले अतर्रा थाना क्षेत्र में प्रेमी-प्रेमिका ने दो वर्ष पहले ट्रेन से कटकर जान दी थी। वहीं मवई गांव के प्रेमी-प्रेमिका भी शहर के भूरागढ़ के पास कुछ वर्षों पहले ट्रेन से कटकर जान दे चुके हैं। जसपुरा में प्रेमी-प्रेमिका ने चार वर्ष पहले एक साथ जहर खाकर जान दी थी। इसी तरह देहात कोतवाली के जमालपुर व नरैनी कोतवाली क्षेत्र में भी पूर्व में प्रेमी-प्रेमिका ने एक साथ खुदकुशी की थी।
दोनों को मरने के बाद नहीं किया अलग
प्रेमी-प्रेमिका के परिजनों ने उनके शवों का पोस्टमार्टम कराने के बाद शहर के मुक्तिधाम में अगल-बगल चिता बनाकर अंतिम संस्कार किया। इस अवसर पर दोनों के स्वजन और रिश्तेदार उपस्थित रहे। घटनास्थल से लेकर पोस्टमार्टम हाउस तक पुलिस बल तैनात रहा, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके। हालांकि, दोनों पक्षों के बीच किसी प्रकार का विवाद उत्पन्न नहीं हुआ। यह घटना स्थानीय समुदाय में शोक का कारण बनी है, और सभी ने मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस प्रकार के मामलों में समाज में संवेदनशीलता और एकता की आवश्यकता है, ताकि ऐसे दुखद क्षणों में सभी एकजुट होकर एक-दूसरे का सहारा बन सकें। इस घटना ने प्रेम और रिश्तों की जटिलताओं को एक बार फिर से उजागर किया है।