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रबी फसलों का एमएसपी बढ़ा, बांदा में किसानों को होगा 5.35 करोड़ का अतिरिक्त फायदा

Published: Thu, 08 Oct 2026 03:50 PM (IST)

केंद्र सरकार ने रबी विपणन सीजन 2027-28 के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में बढ़ोतरी की है, जिससे बांदा के किसानों को कुल 5.35 करोड़ रुपये का अतिरिक्त लाभ मिलेगा।

तस्वीर- फाइल।

तस्वीर- फाइल।

HighLights

  1. केंद्र सरकार ने रबी फसलों के एमएसपी में बढ़ोतरी की घोषणा की।

  2. बांदा के किसानों को कुल 5.35 करोड़ रुपये का अतिरिक्त लाभ होगा।

  3. मसूर और सरसों में सर्वाधिक वृद्धि, गेहूं किसान निराश हैं।

जागरण संवाददाता, बांदा। केंद्र सरकार ने रबी विपणन सीजन 2027-28 के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में बढ़ोतरी का ऐलान किया है। सरकार ने इस बार गेहूं की तुलना में दलहन-तिलहन पर ज्यादा मेहरबानी दिखाई है।

गेहूं का एमएसपी 2585 से बढ़ाकर 2610 रुपये प्रति क्विंटल किया गया है, यानी सिर्फ 25 रुपये की वृद्धि। जबकि चने में 83 रुपये, मसूर में 390 रुपये, रेपसीड-सरसों में 413 रुपये, जौ में 136 रुपये, कुसुम (तिलहन) में सबसे ज्यादा 675 रुपये बढ़ाया है।

हालांकि जिले में कुुसुम का उत्पादन किया ही नहीं जाता है। जिले के किसानों के लिए यह फैसला सीधे जेब से जुड़ा है। लेकिन गेहूं के दाम में कम बढ़ोत्तरी पर किसान मायूस हैं।

जिले में 3.39 लाख किसान हैं, जो करीब 3.77 लाख हेक्टेयर खेती में रबी फसलों की पैदावार करते हैंं। इसमें से 1.94 लाख खेती में किसान गेहूं की उपज पैदा करते हैं। जिले में रबी की मुख्य फसलें गेहूं, चना, मसूर और सरसों हैं। कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार बीते वर्ष 6,00,120 क्विंटल हुआ, इसमें बढ़ोतरी धनराशि यदि 25 रुपये बढ़ा दिया जाए तो करीब 1,50,03,000 करोड़ रुपये का फायदा होगा।

वहीं यदि चने की बात करें तो बीते वर्ष 1,52,051 क्विंटल का उत्पादन हुआ तो बढ़ोतरी 83 रुपये होने पर अतिरिक्त लाभ में करीब 1,26,20,233 करोड़ रुपये का सीधे लाभ होगा। मसूर में भी बीते वर्ष 41,444 क्विंटल का उत्पादन हुआ, यदि बढ़ोतरी 390 रुपये होने पर किसानों को होने वाले फायदे की बात करें तो करीब 1,61,63,160 करोड़ रुपये का लाभ होगा।

सरसों बीते वर्ष 23,526 क्विंटल हुई, बढ़ोतरी 413 रुपये की सरकार ने की तो इस हिसाब से करीब 97,16,238 लाख रुपये का अतिरिक्त लाभ होगा। यानी यदि आने वाले रबी सीजन में इतना ही उत्पादन हुआ तो बांदा के किसानों की जेब में पिछले साल के मुकाबले कुल पांच करोड़ 35 लाख दो हजार 631 रुपये अतिरिक्त आएंगे। इसमें सबसे ज्यादा फायदा मसूर और सरसों के किसानों को होगा। गेहूं सबसे ज्यादा पैदा होने के बावजूद सबसे कम लाभ देगा।

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अपनी कुल 11 बीघे खेत में आठ बीघे में गेहूं बोने की तैयारी में हैं। हर साल इतने रकबे में गेहूं पैदा करते हैं। सरकार ने अन्य फसलों के दाम बढ़ाए पर जो फसल सबसे ज्यादा होती है उसमें सिर्फ 25 रुपये ही बढ़ाएं हैं।

किसान राजेंद्र यादव, बरछा(ब), बदौसा

सरसों में 413 रुपये व मसूर में 390 रुपये की बढ़ोतरी से हम बहुत खुश हैं, लेकिन अब वह भी कोशिश करेंगे कि गेहूं के बजाय इन फसलों का उत्पादन बढ़ाएगें।

किसान रामसजीवन, गिरवां

एमएसपी बढ़ने से किसान को चना-मसूर-सरसों में ज्यादा फायदा होगा, किसानों को चाहिए चना, मसूर, सरसों जैसी खेती की ओर लौटें, जिससे भूजल बचेगा और फायदा भी अधिक होगा।

संजय कुमार, जिला कृषि अधिकारी, बांदा