बलरामपुर-तुलसीपुर हाईवे पर भीषण सड़क हादसा, मां-बेटे की दर्दनाक मौत
बलरामपुर-तुलसीपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर चुंगी नाका के पास टैंकर और कार की भिड़ंत में मां-बेटे की मौत हो गई, जबकि ...और पढ़ें
HighLights
बलरामपुर-तुलसीपुर हाईवे पर टैंकर-कार की भीषण टक्कर।
हादसे में मां-बेटे की घटनास्थल पर ही मौत।
घायल महिला का जिला अस्पताल में इलाज जारी।
जागरण संवाददाता, बलरामपुर। गन्ना समिति की बोर्ड बैठक में शामिल होने आ रहे तुलसीपुर चीनी मिल के सहायक गन्ना प्रबंधक की कार राष्ट्रीय राजमार्ग बलरामपुर-तुलसीपुर स्थित चुंगी नाका के पास टैंकर से भिड़ गई। दुर्घटना में सहायक गन्ना प्रबंधक 45 वर्षीय श्याम नारायण एवं उनकी मां 60 वर्षीय कैलाशी देवी की मौत हो गई।
श्याम नारायण की पत्नी 42 वर्षीय वंदना चौधरी गंभीर रूप से घायल हो गईं। हालत नाजुक होने पर उन्हें बहराइच रेफर किया गया है। मृतक मूल रूप से संतकबीरनगर जनपद के मौली थाना स्थित लोहियाभार के रहने वाले थे। दुर्घटना के बाद टैंकर चालक मौके से भाग निकला। पुलिस घटना की छानबीन कर रही है।
सिद्धार्थनगर के दुल्हापुर गांव निवासी राजेश कुमार ने बताया कि वह अपनी बोलेरो से लखनऊ दवा कराने जा रहे थे। उनकी बोलेरो श्याम नारायण की कार के पीछे थी। तुलसीपुर मार्ग स्थित चुंगी नाका के पास जैसे ही श्याम नारायण ने अपनी कार मोड़ी, वैसे ही तेज रफ्तार टैंकर से भिड़ंत हो गई। अनियंत्रित टैंकर ने बोलेरो को भी टक्कर मारी। बोलेरो सड़क किनारे गड्ढे में उतर गई। दुर्घटना होते ही चालक टैंकर छोड़कर फरार हो गया।
स्थानीय लोग मदद के लिए दौड़ पड़े। कार में सवार श्याम नारायण, उनकी मां व पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने तीनों को जिला मेमोरियल अस्पताल पहुंचाया। यहां चिकित्सक ने श्याम नारायण को मृत घाेषित कर दिया, जबकि मां कैलाशी देवी की इलाज के दौरान मौत हो गई। गंभीर रूप से घायल वंदना को प्राथमिक उपचार के बाद बहराइच रेफर कर दिया गया। नगर कोतवाली के प्रभारी कोतवाल कन्हई प्रसाद ने बताया कि टैंकर चालक का पता लगाया जा रहा है।
बोर्ड बैठक के बाद निकलना था लखनऊ
तुलसीपुर चीनी मिल के सहायक गन्ना प्रबंधक चंद्रशेखर ने बताया कि उनके साथी श्याम नारायण को बुधवार को गन्ना समिति की बोर्ड बैठक के लिए निकले थे। वह बीमार थे, जिनका लखनऊ में डायलिसिस हो रहा था। बोर्ड बैठक में शामिल होने के बाद लखनऊ निकलना था। तुलसीपुर से बलरामपुर तक वह अपनी कार से आ रहे थे। कार में उनकी पत्नी व मां भी सवार थीं।
उधर मृतक के भतीजे बृजेश पाल ने बताया कि वह कलेक्ट्रेट के पास किराये पर कमरा लेकर रहते हैं। बलरामपुर से कार उनको ही चलाकर लखनऊ ले जानी थी। इसलिए वह आंबेडकर चौराहा पर अपने चाचा की प्रतीक्षा कर रहे थे।
