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बलरामपुर में 5.17 करोड़ की लागत से बनेगा नाला, देवीपाटन क्षेत्र के लोगों को होगा लाभ

Published: Mon, 07 Sep 2026 04:40 PM (IST)

बलरामपुर में 5.17 करोड़ रुपये की लागत से हरैया चौराहे से सिरिया नाले तक नाला निर्माण होगा, जिससे देवीपाटन क्षेत्र के लोगों को बेहतर जल निकासी की सुविधा मिलेगी।

यह फोटो एआई टूल की मदद से बनाई गई है।

यह फोटो एआई टूल की मदद से बनाई गई है।

HighLights

  1. 5.17 करोड़ रुपये की लागत से नाला निर्माण होगा।

  2. देवीपाटन क्षेत्र के 5,000 लोगों को लाभ मिलेगा।

  3. फोरलेन सड़क बनने के बाद कार्य शुरू होगा।

संवाद सूत्र, तुलसीपुर (बलरामपुर)। नगर पंचायत तुलसीपुर के हरैया चौराहे से देवीपाटन मंदिर होते हुए सिरिया नाले तक 517.77 लाख रुपये की लागत से नाला निर्माण कराया जाएगा। परियोजना का शिलान्यास 28 दिसंबर 2025 को हो चुका है, लेकिन अभी तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है।

फोरलेन सड़क का निर्माण पूरा होने के बाद नाला बनाने का कार्य शुरू कराया जाएगा। नाला बनने से देवीपाटन क्षेत्र में रहने वाले करीब 5,000 लोगों के लिए जल निकासी की सुविधा बेहतर होगी।

घरों और गलियों की नालियों से निकलने वाले पानी को सिरिया नाले तक पहुंचाने का मार्ग भी तैयार हो जाएगा। इससे बारिश के दौरान पानी जमा होने की समस्या कम होने की उम्मीद है। वर्तमान में हरैया चौराहे से देवीपाटन मंदिर की ओर फोरलेन सड़क का निर्माण चल रहा है।

सड़क निर्माण के बाद नाला बनाए जाने की योजना है, ताकि दोनों परियोजनाओं के निर्माण में किसी तरह की बाधा न आए। अरुण कुमार गुप्ता, सोहन और राधेश्याम मौर्य ने बताया कि नाला बनने से क्षेत्र की जल निकासी व्यवस्था में बड़ा सुधार होगा।

अभी कई स्थानों से निकलने वाले नालियों के पानी की निकासी का समुचित मार्ग नहीं है। नाला बनने के बाद नालियों का पानी व्यवस्थित रूप से सिरिया नाले तक पहुंच सकेगा। इससे स्थानीय लोगों को काफी राहत मिलेगी।

देवीपाटन क्षेत्र धार्मिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का आवागमन होता है। बारिश के मौसम में जल निकासी की समस्या होने से स्थानीय लोगों के साथ श्रद्धालुओं को भी परेशानी उठानी पड़ती है।

एसडीएम हिमेश गुप्ता ने बताया कि फोरलेन सड़क का निर्माण पूरा होने के बाद नाला निर्माण कराया जाएगा। इससे देवीपाटन क्षेत्र की जल निकासी व्यवस्था सुदृढ़ होगी और नालियों के पानी की निकासी के लिए व्यवस्थित मार्ग उपलब्ध हो सकेगा।