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    ग्राम पंचायत चुनाव की अनिश्चितता कायम, 27 मई से लौट सकता है प्रशासक राज, प्रधानों में बढ़ा असमंजस

    By Lavkush SinghEdited By: Abhishek sharma
    Updated: Thu, 14 May 2026 05:34 PM (IST)

    बलिया में ग्राम पंचायत चुनाव को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है, जिससे 27 मई से प्रशासक राज लागू होने की संभावना है। चुनाव में देरी से गांवों के विकास कार् ...और पढ़ें

    बलिया पंचायत चुनाव अनिश्चितता: 27 मई से प्रशासक राज की वापसी, प्रधानों में असमंजस।

    बलिया पंचायत चुनाव अनिश्चितता: 27 मई से प्रशासक राज की वापसी, प्रधानों में असमंजस।

    जागरण संवाददाता, बलिया। जनपद में ग्राम पंचायत चुनाव को लेकर अभी भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है। पंचायतों का कार्यकाल 26 मई को समाप्त होने के बाद नए चुनाव की तारीख घोषित न होने से गांवों में राजनीतिक अनिश्चितता कायम है। ऐसे में 27 मई से एक बार फिर ग्राम पंचायतों में प्रशासक राज लागू होने की उम्मीद जताई जा रही है।

    चुनाव की अनिश्चितता के चलते जिले की 940 ग्राम पंचायतों में संभावित उम्मीदवारों की गति भी धीमी पड़ने लगी है। माना जा रहा है कि ग्राम पंचायतों की जिम्मेदारी संबंधित सचिवों और खंड विकास अधिकारियों की निगरानी में संचालित होगी। गांव के लोगों का मानना है कि पंचायत चुनाव में देरी का असर गांवों के विकास कार्यों पर भी सकता है।

    स्ट्रांग रूम में रखा है 1.13 करोड़ 36 हजार मतपत्र
    जिले में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए 1.13 करोड़ 36 हजार 100 मतपत्रों को स्ट्रांग रूम में सुरक्षित रखा गया है। हरे रंग का मतपत्र ग्राम प्रधानों का भाग्य लिखेगा, सफेद मतपत्र से ग्राम पंचायत के सदस्य चुने जाएंगे। जिला पंचायत सदस्य पद का मतपत्र पिंक कलर का है, जबकि क्षेत्र पंचायत सदस्य पद का ब्लू रंग का मतपत्र है। अभी के समय में जनपद के 940 ग्राम पंचायतों में 26.45 लाख 369 मतदाता हैं।

    पंचायतों में एक साल में 243.36 करोड़ रुपये खर्च
    सीएम डैश बोर्ड की समीक्षा रिपोर्ट में प्रस्तुत आंकड़े के अनुसार जनपद में 5वां व 15वां वित्त मिलाकर एक साल में 940 ग्राम पंचायतों में 243.36 करोड़ रुपये आए। इसमें से 241.49 करोड़ रुपये विकास के नाम पर खर्च भी कर दिए गए हैं। 31 मार्च तक दोनों वित्त मिलाकर 1.87 करोड़ धनराशि ही शेष बची है। 

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    ग्राम पंचायतों में प्रधानों का कार्यकाल 26 मई को समाप्त हो रहा है, लेकिन उसके आगे के संचालन को लेकर अभी कोई निर्देश नहीं आया है। सभी सुविधाओं को ठीक रखने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है।

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    अवनीश कुमार श्रीवास्तव, डीपीआरओ, बलिया।