दो अक्टूबर को रसड़ा CAC में होगा प्रदर्शन, बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर कलेक्ट्रेट में होगी किसान महापंचायत
रसड़ा में चीनी मिल चलाओ अभियान समिति ने बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था और बंद चीनी मिल के खिलाफ आंदोलन की घोषणा की है।
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जनपद की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था एवं चीनी मिल संचालन को लेकर समिति करेगी व्यापक आंदोलन।
HighLights
रसड़ा चीनी मिल संचालन और स्वास्थ्य सुविधाओं पर गहरा असंतोष।
2 अक्टूबर को रसड़ा सीएचसी पर विशाल धरना-प्रदर्शन होगा।
5 अक्टूबर को बलिया कलेक्ट्रेट में किसान महापंचायत का आयोजन।
जागरण संवाददाता, रसड़ा (बलिया)। रसड़ा चीनी मिल चलाओ अभियान समिति कि बैठक रविवार की शाम राज महल मैरेज हाल रसड़ा में सम्पन्न हुई, जिसमें चीनी मिल रसड़ा के संचालन की दिशा में प्रदेश सरकार द्वारा अब तक सार्थक कदम नहीं उठाए जाने पर गहरा असंतोष व्यक्त किया।
साथ ही साथ रसड़ा, चिलकहर, खेजुरी सहित जनपद के अन्य स्वास्थ्य केंद्रों की बदहाल व्यवस्था में सुधार के लिए व्यापक आंदोलन शुरू करने की रणनीति तैयार की गई।
बैठक को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक रामइकबाल सिंह ने कहा कि जनपद की एक मात्र चीनी मिल रसड़ा जो सपा सरकार में बंद कर दी गई। 19 महीने से चीनी मिल चलाओ अभियान समिति ने लगातार संघर्ष कर रही है और अब तक दो लाख से अधिक लोगों ने इस आंदोलन के समर्थन में हस्तारक्षर कर चुके हैं।
रसड़ा चीनी मिल से बलिया तक हजारों किसान पैदल चलकर जिलाधिकारी के यहां पत्रक देकर अपने आंदोलन की अलख जगा चुके हैं किंतु सरकार खामोश है। पूर्व विधायक ने कहा कि रसड़ा, चिलकहर, खेजुरी सहित अन्य स्वास्थ्य केंद्रों पर दवाओं, चिकित्सकों एवं आधुनिक उपकरणों के अभाव के चलते मरीजों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है, जिसको लेकर समिति 2 अक्टूबर 2026 को रसड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर विशाल धरना-प्रदर्शन आयोजित होगा।
साथ ही 5 अक्टूबर 2026 को चीनी मिल संचालन की मांग को लेकर बलिया के कलेक्ट्रेड परिसर में आयोजित किसान महापंचायत में हजारों की संख्या में किसान पहुंचकर अपनी ताकत का एहसास कराएंगे। उन्होंने दोनों प्रस्तावित कार्यक्रमों को सफल बनाने की अपील की।
बैठक को समिति के जिला संयोजक गीता शरण सिंह, पप्पू सिंह, मुन्ना पांडेय, भूपेंद सिंह, अनिल सिंह पूर्व प्रधान मुड़ासन, सहित काफी संख्या में किसान मौजूद रहे।
