ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे पर मनमाने कट और सीधे प्रवेश पर लगेगी रोक, सिर्फ 19 स्थानों से एंट्री-एग्जिट होंगे वाहन
एनएचएआई जल्द ही ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे पर एक्सेस कंट्रोल व्यवस्था लागू करेगा, जिससे मनमाने कट और सीधे प्रवेश पर रोक लगेगी। वाहन चालक अब केवल 19 निर्धा ...और पढ़ें

ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे पर मनमाने कट और सीधे प्रवेश पर लगेगी रोक।
HighLights
एनएचएआई लागू करेगा एक्सेस कंट्रोल व्यवस्था।
सिर्फ 19 निर्धारित स्थानों से होगी एंट्री-एग्जिट।
मनमाने कट और सीधे प्रवेश पर रोक लगेगी।
मिलन गुप्ता, बलिया। निर्माणाधीन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे पर जल्द ही एक्सेस कंट्रोल व्यवस्था लागू होने जा रही है। इसके लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की ओर से नोटिफिकेशन जारी करने की तैयारी अंतिम चरण में है।
इसके बाद हाईवे पर मनमाने ढंग से कट बनाकर या सीधे मुख्य मार्ग पर वाहनों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित हो जाएगा। वाहन चालकों को निर्धारित एंट्री और एग्जिट प्वाइंट से ही हाईवे पर चढ़ने और उतरने की अनुमति होगी।
ऐसे में सिर्फ 19 स्थानों से ही वाहन इस हाईवे पर चढ़-उतर सकेंगे। अधिकारियों के अनुसार एक्सेस कंट्रोल व्यवस्था लागू होने के बाद हाईवे पर वाहनों की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित होगी। साथ ही सड़क पर अचानक वाहनों के आने-जाने और अनधिकृत कट के कारण होने वाली दुर्घटनाओं पर भी अंकुश लगने की उम्मीद है।
117.12 किलोमीटर लंबा है मुख्य हाईवे
गाजीपुर-बलिया-मांझी ग्रीनफील्ड हाईवे की मुख्य लंबाई 117.12 किलोमीटर है। यह मार्ग गाजीपुर के हृदयपुर से शुरू होकर बलिया होते हुए रिविलगंज बाइपास के रास्ते यूपी-बिहार सीमा के मांझी क्षेत्र तक जाता है। इसके अलावा करीब 17.27 किलोमीटर लंबा बक्सर स्पर भी परियोजना का हिस्सा है, जो बिहार की ओर बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध कराएगा।
इन 19 स्थानों से ही ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे पर चढ़-उतर सकेंगे वाहन
हृदयपुर से शाहपुर तक सात एंट्री-एग्जिट प्वाइंट
गाजीपुर में हृदयपुर से शाहपुर तक करीब 42 किलोमीटर के हिस्से में सात स्थानों को एंट्री-एग्जिट प्वाइंट के रूप में चिह्नित किया गया है। इनमें हृदयपुर, चक आजम, फकराबाद, परसा, शेर, न्यू उर्फ उचाडीह और जयंतिपुर शामिल हैं। इन निर्धारित स्थानों से ही वाहन ग्रीनफील्ड हाईवे पर चढ़ और उतर सकेंगे।
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शाहपुर से पिंडारी के बीच तीन स्थान
शाहपुर से पिंडारी तक करीब 42.500 से 78.150 किलोमीटर के हिस्से में तीन एंट्री-एग्जिट प्वाइंट निर्धारित किए गए हैं। इनमें अकोनी, जनार्दी और ओझा कछुआ शामिल हैं।
पिंडारी से रिविलगंज तक चार प्वाइंट, मांझी क्षेत्र में एक
पिंडारी से रिविलगंज बाइपास तक 78.150 से 117.120 किलोमीटर के हिस्से में कुल चार स्थानों को एंट्री-एग्जिट के लिए चिह्नित किया गया है। इनमें भरकोखा, टेंगराही, भोजापुर और इब्राहिमाबाद ऊपरवार शामिल हैं। इसके अलावा बिहार के मांझी क्षेत्र में भी निर्धारित एंट्री-एग्जिट प्वाइंट होगा, जहां से वाहन हाईवे पर चढ़-उतर सकेंगे।
बक्सर स्पर पर तीन स्थानों से प्रवेश और भरौली खास गांव के पास एक
ग्रीनफील्ड हाईवे से जुड़े करीब 17.27 किलोमीटर लंबे बक्सर स्पर पर भी एक्सेस कंट्रोल व्यवस्था के तहत निर्धारित स्थानों से ही वाहनों को प्रवेश और निकास की सुविधा मिलेगी। यहां न्यू उर्फ उचाडीह, करीमुद्दीनपुर और शाहपुर में एंट्री-एग्जिट प्वाइंट प्रस्तावित हैं। इसके अतिरिक्त भरौली खास गांव के पास पहले से मौजूद एनएच-31 गाजीपुर-बलिया मार्ग को भी परियोजना से जोड़ा जाएगा। इससे आसपास के क्षेत्रों के लोगों को निर्धारित मार्ग से हाईवे तक पहुंचने की सुविधा मिलेगी।
एक्सेस कंट्रोल व्यवस्था लागू होने के बाद हाईवे की मुख्य लेन पर स्थानीय आवागमन के लिए मनमाने कट या रास्ते नहीं बनाए जा सकेंगे। हाईवे किनारे रहने वाले ग्रामीणों को निर्धारित सर्विस रोड और क्रासिंग व्यवस्था का इस्तेमाल करना होगा। -पीयूष अग्रवाल, प्रोजेक्ट डायरेक्टर, एनएचआई, आजमगढ़।
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