विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 28, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

नसीमुद्दीन की गिरफ्तारी को लेकर बलिया में आत्मदाह का प्रयास

By Ashish MishraEdited By:
Updated: Fri, 29 Jul 2016 09:13 AM (IST)

बलिया में आज एक मुस्लिम नेता ने कलेक्ट्रेट में स्वाती सिंह के समर्थन में और बसपा महासचिव नसीमुद्दीन सिद्दीकी की गिरफ्तारी की मांग को लेकर आत्मदाह का प्रयास किया।

News Article Hero Image

बलिया (जेएनएन)। बसपा सुप्रीमो मायावती व पूर्व भाजपा नेता दयाशंकर के बीच अपशब्द को लेकर उठा सियासी बवंडर थमने का नाम नहीं ले रहा है। आज सुबह भाजपा अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के अध्यक्ष कमालुद्दीन शेख ने बसपा नेता नसीमुद्दीन सिद्दीकी की गिरफ्तारी को लेकर कलेक्ट्रेट में आत्मदाह का प्रयास किया। जैसे ही शरीर पर उन्होंने केरोसिन डालना चाहा पुलिस ने पकड़ लिया और वैन में बैठा कर कचहरी परिसर से बाहर ले आई। इस दौरान छात्र नेता व पार्टी के लोग कमालुद्दीन को छोडऩे की मांग कर रहे थे। बाद में पुलिस ने कमालुद्दीन पर शांतिभंग का मामला दर्ज करते हुए चालान कर दिया। कमालुद्दीन ने बताया कि बलिया की बेटी के विरुद्ध की गई आपत्तिजनक टिप्पणी नाकाबिले बर्दाश्त है। 23 जुलाई को उन्होंने बहेरी में बसपा सुप्रीमो मायावती का पुतला दहन कर नसीमुद्दीन की तीन दिन में गिरफ्तारी न होने पर आत्मदाह की चेतावनी दी थी। मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई तो मजबूरन यह कदम उठाना पड़ा।

इलाहाबाद हाईकोर्ट का दयाशंकर सिंह की गिरफ्तारी से रोक से इन्कार
गौरतलब है कि भाजपा से निष्कासित कर दिए गए नेता दयाशंकर सिंह ने बसपा सुप्रीमो मायावती के लिए अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया था। इसके बाद दयाशंकर सिंह की पत्नी स्वाती आगे आईं और उन्होंने नसीमुद्दीन सिद्दीकी सहित अन्य बसपा नेताओं के खिलाफ मामला दर्ज कराया था और नसीमुद्दीन की गिरफ्तारी की मांग की थी। बता दें, कि दयाशंकर सिंह बलिया के रहने वाले हैं। वहीं आज कलेक्ट्रेट पहुंचे भाजपा अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के जिलाअध्यक्ष कमालुद्दीन शेख ने अपने ऊपर मिट्टी का तेल डाल लिया और आत्मदाह का प्रयास करने लगे। तुरंत कलेक्ट्रेट परिसर में तैनात पुलिसकर्मी कमालुद्दीन शेख को पकड़ कर कोतवाली ले गए।

महिला मोर्चा के सामने झुका प्रशासन

लखनऊ जाने से रोकने पर धरना-प्रदर्शन कर रहीं भाजपा महिला मोर्चा की नेताओं और कार्यकर्ताओं के समक्ष बस्ती प्रशासन को अंतत: झुकना पड़ा। बस्ती प्रशासन के समझाने के करीब दो घंटे बाद धरना-प्रदर्शन समाप्त कर महिला मोर्चा की नेता और कार्यकर्ता लखनऊ के लिए रवाना हो गईं। भाजपा महिला मोर्चा की वरिष्ठ नेता इंदुवास सिंह के नेतृत्व में नेताओं एवं कार्यकर्ताओं का दल दो बसों में बैठकर गुरुवार सुबह लखनऊ जा रहा था। भाजपा से निष्कासित दयाशंकर सिंह की पत्नी स्वाति सिंह के समर्थन में लखनऊ में आयोजित प्रदर्शन में सभी को हिस्सा लेना था। पुलिस ने छावनी के पास दोनो बसों को रोक लिया और लखनऊ जाने से मना कर दिया। इससे उत्तेजित महिला मोर्चा की नेताओं और कार्यकर्ताओं ने वहीं धरना देना शुरू कर दिया। इसकी जानकारी होते ही उपजिलाधिकारी मौके पर पहुंचे और सभी को समझाकर प्रदर्शन समाप्त कराया।