बलिया में हाईकोर्ट के निर्देश पर हुई जांच में 90 शिक्षकों-कर्मचारियों की नियुक्ति के साक्ष्य त्रुटिपूर्ण, सेवा पर संकट
बलिया में हाईकोर्ट के निर्देश पर हुई जांच में 90 शिक्षकों व कर्मचारियों की नियुक्तियों के साक्ष्य त्रुटिपूर्ण पाए गए हैं, जिससे उनकी सेवा समाप्त होने ...और पढ़ें

बलिया में 90 शिक्षकों-कर्मचारियों की नियुक्ति में गड़बड़ी, सेवा समाप्ति का खतरा।
HighLights
बलिया में 90 शिक्षकों की नियुक्ति के साक्ष्य त्रुटिपूर्ण।
हाईकोर्ट के निर्देश पर जांच में सामने आई गड़बड़ी।
इन कर्मियों की सेवा समाप्त होने का संकट।
जागरण संवाददाता, बलिया। जनपद के अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक एवं संस्कृत विद्यालयों में नियुक्त 179 शिक्षकों और कर्मचारियों के वेतन भुगतान व नियुक्ति के मामले में हाईकोर्ट के निर्देश पर हुई जांच में बड़ा मामला सामने आया है। जांच के दौरान 90 शिक्षकों व कर्मचारियों की नियुक्ति से संबंधित साक्ष्य त्रुटिपूर्ण पाए गए हैं।
ऐसे में इनकी नियुक्तियां अमान्य होने के साथ ही सेवा समाप्त होने का संकट खड़ा हो गया है। जिला विद्यालय निरीक्षक बलिया ने जांच रिपोर्ट माध्यमिक शिक्षा निदेशक, उत्तर प्रदेश को भेज दी है। हाईकोर्ट ने माध्यमिक शिक्षा निदेशक, वित्त नियंत्रक और संबंधित जिलों के जिला विद्यालय निरीक्षक की समिति गठित कर नियुक्तियों की जांच कराने का निर्देश दिया था।
इसके अनुपालन में जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय ने जिले के 44 संबंधित विद्यालयों के प्रबंधकों और प्रधानाचार्यों को 28 जुलाई तक नियुक्ति और वेतन भुगतान से जुड़े सभी अभिलेख उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे। इनमें 27 विद्यालयों की ओर से 90 शिक्षकों व कर्मचारियों की नियुक्तियों से संबंधित अभिलेख प्रस्तुत किए गए। अभिलेखों के परीक्षण में इन नियुक्तियों को अमान्य करने योग्य बताया गया है।
वर्ष 2006 से 2022 के बीच की हैं नियुक्तियां
जिला विद्यालय निरीक्षक बलिया की ओर से शिक्षा निदेशक (माध्यमिक) उत्तर प्रदेश को भेजे पत्र में बताया गया है कि तत्कालीन जिला विद्यालय निरीक्षक रमेश सिंह ने अपने दो वर्ष के कार्यकाल 2022-24 में 44 अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक एवं संस्कृत विद्यालयों में नियुक्त करीब 179 कर्मियों के वेतन भुगतान की कार्रवाई की थी। इन नियुक्तियों की अवधि वर्ष 2006 से 2022 के बीच बताई गई है।
148 कर्मियों को हो रहा वेतन भुगतान
जिला विद्यालय निरीक्षक मनोज कुमार मिश्र की ओर से शिक्षा निदेशक (माध्यमिक) को भेजी गई रिपोर्ट के अनुसार हाईकोर्ट के आदेश के बाद करीब 148 कर्मियों को वेतन भुगतान किया जा रहा है, जबकि 31 कर्मियों का वेतन रुका हुआ है। इसमें प्रधानाचार्य के 77 मामलों में 66 को वेतन मिल रहा है। सहायक शिक्षक के 17 मामलों में 16 को वेतन मिल रहा है। सहायक अध्यापक/प्रवक्ता के 24 तथा वेतनमान प्राप्ति के शिक्षक तीन, कुल 27 मामलों में 17 को वेतन मिल रहा है, जबकि 10 का भुगतान नहीं हुआ है। संस्कृत विद्यालयों में सहायक अध्यापक के 58 मामलों में 49 को वेतन मिल रहा है, नौ का भुगतान लंबित है।
वर्ष 2024 में लगी रोक, 2026 में किया वेतन भुगतान
इन नियुक्तियों में तत्कालीन जिला विद्यालय निरीक्षक देवेंद्र कुमार गुप्ता ने नौ सितंबर 2024 को आदेश जारी कर सभी 179 कर्मियों के वेतन भुगतान पर रोक लगा दी थी। मामला हाईकोर्ट पहुंचने के बाद न्यायालय के आदेश से आठ जनवरी 2026 के बाद वेतन भुगतान की स्थिति में बदलाव हुआ।
179 शिक्षकों-कर्मचारियों की नियुक्ति से संबंधित विद्यालयों से नौ बिंदुओं पर साक्ष्य मांगे गए थे। उसमें से 27 विद्यालयों ने 90 नियुक्तियों के अभिलेख प्रस्तुत किए हैं, लेकिन वह त्रुटिपूर्ण है। ऐसे में उनकी नियुक्ति अमान्य करने के लिए रिपोर्ट शिक्षा निदेशक (माध्यमिक) उत्तर प्रदेश को भेज दी गई है।
मनोज कुमार मिश्र, डीआइओएस, बलिया।